देश और आरएसएस कन्हैया के भाषणों से सीखे: आजम
- यूपी नगर विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना
- 'मंदिर गिरे तो कोई हिंदू, मुसलमान बन गया'
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जेएनयू प्रकरण में कन्हैया का समर्थन करते हुए नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कहा कि कन्हैया पर लगे आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं।
उन्होंने देशवासियों और आरएसएस को नसीहत दी कि वे उसका भाषण सुनें और उससे सीखें। वहीं, संघ पर नाथू राम गोडसे जैसा राष्ट्रवादी होने का इशारा करते हुए कहा कि ये अंधा, गूंगा, बहरा और बुद्धिहीन राष्ट्र बनाना चाहते हैं। आजम ने प्रधानमंत्री की पाकिस्तान यात्रा पर एक बार फिर सवाल उठाए।
शनिवार को गंगाजल प्रोजेक्ट की समीक्षा करने आगरा आए नगर विकास मंत्री सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान आरएसएस और प्रधानमंत्री पर जमकर बरसे। कहा कि 1947 से पहले राष्ट्रवाद जितना मजबूत था, आरएसएस के समय में नहीं रहा।
आजम ने कहा कि राष्ट्रवाद की परिभाषा वह नहीं है जो नाथू राम गोडसे ने बताई, बल्कि वह है जो महात्मा गांधी ने बताई। कहा कि कोई पूछे कितने आरएसएस वालों के पास डिग्रियां हैं या फिर सभी चाय बेचने वाले हैं।
'मंदिर गिरे तो कोई हिंदू, मुसलमान बन गया'
जेएनयू प्रकरण में कहा कि कन्हैया तो मिल गया है लेकिन कंस को ढूंढना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाते हुए कि जिस बंद कमरे में पाकिस्तान प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात हुई उसका वीडियो क्यों अब तक जारी नहीं किया गया। न ही वहां के फोटो जारी किए गए। न तो बातचीत का पता चला और न ही उस दौरान कमरे में मौजूद लोगों का। जब प्रधानमंत्री ही सच नहीं बोलते, जब वे ही आतंकवादियों से मिलते हैं तो अच्छे लोग कहां से आएंगे।
वहीं, संघ और भाजपा पर आजम बोले कि बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने की कीमत अब तक देश चुका रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इससे क्या मिला? क्या मस्जिद गिराने से इस्लाम का कोई नुकसान हुआ, मंदिर गिरे तो क्या कोई हिंदू, मुसलमान बन गया। वहीं, उन्होंने मस्जिद गिराने पर सवाल खड़ा किया कि ताजमहल को शिवमंदिर बताने वाली शिवसेना क्या ताजमहल गिरा देगी।