क्या मरीजों को मारकर कोरोनावायरस पर काबू पाएगी चीन की सरकार ?
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कोरोनावायरस पर वायरल '20,000 मरीजों को मारने के लिए अदालत से मंजूरी चाहता है चीन' पोस्ट का सच
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विस्तार
कोरोनावायरस को लेकर एक खबर वायरल हो रही है। इसमें बताया जा रहा है कि चीन ने इस वायरस से ग्रस्त 20,000 मरीजों को जान से मारने के लिए अदालत से मंजूरी चाही है। हालांकि यह खबर प्रथम दृष्ट्या ही फर्जी लग रही है।
कोरोनावायरस को लेकर बहुत सारी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। एक संदिग्ध वेबसाइट एबी-टीसी, जिसे सिटी न्यूज के नाम से भी जाना जाता है, उसने एक लेख में यह दावा किया है कि चीन ने जानलेवा कोरोनावायरस से संक्रमित 20,000 से अधिक रोगियों को मारने के लिए अदालत से मंजूरी मांगी है। इस खबर से संबंधित संदेश अलग- अलग माध्यमों से आम आदमी तक पहुंच रहे हैं। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को फर्जी साबित किया है।
- वायरल प्लेटफॉर्म: सोशल मीडिया
- दावाकर्ता: वेबसाइट एबी-टीसी
- वायरल माध्यम: कुछ मीडिया हाउस
- दावा: चीन ने 20,000 मरीजो को मारने के लिए अदालत से मंजूरी मांगी है और वो चाहता है इनकी मौत
- पड़ताल परिणाम : कोरोनावायरस पर वायरल पोस्ट में दी सूचना फर्जी और भ्रामक है
पड़ताल के चरण
इस लेख का यह दावा है कि चीन के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कोरोनावायरस रोगियों की सामूहिक हत्या को मंजूरी देने की संभावना है वो भी इसलिए ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके। हमने अपनी पड़ताल शुरू की इसी खबर के की- वर्ड्स को लेते हुए...
- सबसे पहले गूगल पर हमने इस खबर को तलाशना शुरू किया।
- इसके लिए हमने सटीक की वर्ड्स का इस्तेमाल किया।
- की वर्ड्स- 'चीन सर्वोच्च न्यायालय' 'वेबसाइट एबी-टीसी' और "चीन बुलेटिन कोरोनावायरस"
- इससे संबंधित कोई भी प्रामाणिक सूचना प्राप्त नहीं हुई जो कि आधिकारिक सूत्रों के हवाले से हो।
खबर पर संदेह के बिंदु
- इस वेबसाइट ने लेख में एक भी आधिकारिक चीनी स्रोत का हवाला नहीं दिया है।
- लेख में एक अजीब सा दावा किया गया है कि चीन ने एक दस्तावेज में उल्लेख किया है कि 'अगर स्वास्थ्य कार्यकर्ता और एक अरब अन्य लोगों को बचाने के लिए कुछ प्रभावित रोगी अपने जीवन का बलिदान नहीं करते हैं तो वे अपनी पूरी आबादी खो सकते हैं।'
- जबकि सर्च करने पर कहीं भी इस तरह का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
- अगर इतनी बड़ी खबर आती तो इसके लिए बहुत सारी सामाजिक, सरकारी प्रतिक्रिया मिलती
- अमर उजाला पड़ताल को एक भी विश्वसनीय समाचार वेबसाइट नहीं मिली जिसमें एबी-टीसी के दावे की पुष्टि की जा सके।
- इस आर्टिकल के मुताबिक, चीन का उच्चतमम न्यायालय 'सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट कोरोनावायरस मरीजों की सामूहिक हत्या की मंजूरी दे सकता है, ताकि इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सके।
- इस लेख में यह भी बताया गया है कि चीन की सरकार ने कोर्ट में एक दस्तावेज भी दाखिल किया है जिसमें लिखा है ,'अगर स्वास्थ्य कार्यकर्ता और एक अरब अन्य लोगों को बचाने के लिए कुछ प्रभावित रोगी अपने जीवन का बलिदान नहीं करते हैं तो वे अपनी पूरी आबादी खो सकते हैं।'
- पूरी दुनिया में किसी भी प्रामाणिक और बड़े मीडिया ग्रुप ने इस तरह की खबर को प्रकाशित नहीं किया है जो इस दावे की पुष्टि करता हो।
- 30 जनवरी 2020 को सिंगापुर सरकार ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ab-tc.com के बारें में उसके द्वारा मिसलीडिंग खबरों को लेकर सूचना भी जारी की थी।जिसका शीर्षक था 'Corrections and clarifications regarding falsehoods published by AB-TC City News' इसमें उस खबर का खंडन किया गया था जिसमें ये बताया गया कि' सिंगापुर के पांच नागरिक कोरोनावायरस की चपेट में आ गए, जबकि वो लोग कभी चीन गए ही नहीं।
वायरल पोस्ट का सच
- सर्च करने पर हमारे हाथ New York Times (Wuhan Rounds Up the Infected as Death Toll in China Jumps) का एक आर्टिकल लगा जिसमें इस खबर के फर्जी होने को लेकर बात लिखी गई। इस आर्टिकल के मुताबिक,
- चीन कोरोनावायरस से निवारण की कोशिश कर रहा है और डॉक्टर एडवाइजरी जारी कर रहा है।
- अब तक 70 मौतें और हो चुकी हैं और 3,100 नए मामले और सामने आए हैं।
- इस आर्टिकल में कहीं भी इस तरह के किसी आदेश का जिक्र नहीं किया गया है।
- (Nationwide, more than 70 new deaths and 3,100 new cases emerged in the previous 24 hours, the national health authorities said Friday morning.)
- इस आर्टिकल में इस दावे को झूठा साबित किया गया गया है और बताया गया है कि चीन की वेबसाइट, सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट ऑफ पीपुल्स रिपब्लिक पर इस तरह का कोई भी दावा नहीं है।
वेबसाइट एबी-टीसी का सच
वेबसाइट एबी-टीसी: साइट स्कैनिंग
- WHOIS टूल में हमने साइट की स्कैनिंग की और 'हु इस डीटेल' में देखा जिसमें पाया कि यह चीन के गुआंगडोंग में पंजीकृत है
- इसे सात महीने पहले जून 2019 में बनाया गया था।
- एबी-टीसी: सबसे संदेहात्मक बात वेबसाइट एबी-टीसी (सिटी न्यूज) की साइट पर कोई उल्लेख नहीं है कि इस वेबसाइट के पीछे कौन है और इसको कौन चलाता है।
- वेबसाइट के किसी भी लेख में लेखकों के नाम नहीं हैं
- इस वेबसाइट में यह दावा किया जाता है कि जो भी लेख है यह 'स्थानीय संवाददाताओं' द्वारा लिखे जाते हैं।
क्या है: वेबसाइट एबी-टीसी
- जो एक संदिग्ध वेबसाइट है।
- यह खबर भी इसी वेबसाइट के माध्यम से फैली है।
- चीन वायरल लेख की उत्पत्ति भी इसी संदिग्ध वेबसाइट ab-tc.com से हुई है।
- इस वेबसाइट का पहले भी फेक न्यूज और सूचना वायरल करने का इतिहास रहा है।
- इस वेबसाइट का पहले भी फेक न्यूज और सूचना वायरल करने का इतिहास रहा है।
पड़ताल का परिणाम: अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को झूठा साबित किया। कोरोनावायरस को लेकर वायरल हो रही खबर '20,000 मरीजों को मारने के लिए अदालत से मंजूरी चाहता है चीन' फर्जी है।
Bibliography and References-
* https://www.snopes.com/fact-check/china-kill-coronavirus-patients/
*new york time Report-
https://www.nytimes.com/2020/02/06/world/asia/coronavirus-china.html#link-3cb0be85
*China suprime court
http://english.court.gov.cn/index.html
*Court trial goes online in China amid virus outbreak
http://english.court.gov.cn/2020-02/05/content_37533442.htm
*Site Scaning Tool- WHOIS
*Is China Seeking Approval to Kill 20,000 Coronavirus Patients?
https://www.snopes.com/fact-check/china-kill-coronavirus-patients/
*Corrections and clarifications regarding falsehoods published by AB-TC City News' website
https://www.gov.sg/article/factually-clarifications-on-falsehoods-posted-by-abtc-city-news
*Misleading News About Coronavirus.
-https://www.wsj.com/articles/
-https://www.hindustantimes.
-https://ourbitcoinnews.com/