कैसे लड़ेंगे कोरोना से: ओडिशा के 16 जिलों में तो मुंबई के सरकारी केंद्रों पर रुका टीकाकरण
ओडिशा सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कोविशील्ड टीके की खुराकों की कमी के कारण 16 जिलों में गुरुवार को टीकाकरण अभियान रोक दिया। वहीं, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी टीकों की कमी के कारण महानगरपालिका और सरकारी केंद्रों पर टीकाकरण रुक गया है।
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ओडिशा सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि अंगुल, बोलांगीर, बालासोर, बरगढ़, भद्रक, देवगढ़, ढेंकनाल, गंजम, जाजपुर और झारसुगुड़ा में दिन में टीकाकरण अभियान अस्थाई रूप से रोक दिया गया था। कंधमाल, केंद्रपाड़ा, कोरापुट, नबरंगपुर, सोनपुर और सुंदरगढ़ में टीकाकरण अभियान नहीं चलाया गया। गुरुवार को इसके सिर्फ 114 सत्र आयोजित किए गए जिनमें से 72 सत्र राजधानी भुवनेश्वर के हैं जहां कोवैक्सीन की खुराकें लोगों को लगाई जा रही हैं।
अधिकारी ने कहा, 'भुवनेश्वर नगर निगम क्षेत्र के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी कोविशील्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खुराकों की कमी के चलते 16 जिलों में टीकाकरण अभियान रोक दिया है।' उन्होंने बताया कि राज्य में आज सुबह तक कोविशील्ड की 19,520 खुराकें और कोवैक्सीन की तीन लाख 24 हजार 910 शीशियां थीं। सरकार कोविशील्ड की कमी के कारण बुधवार को 11 जिलों में टीकाकरण नहीं कर पाई।
अधिकारी के मुताबिक, सरकार को शुक्रवार तक टीके की छह लाख शीशियों की खेप मिलने की उम्मीद है। बता दें कि ओडिशा में गुरुवार को कोरोना वायरस के 3087 नए मरीजों की पुष्टि हुई जिसके बाद कुल मामले नौ लाख 12 हजार 887 पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि 45 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या 4063 हो गई है। प्रदेश में कोरोना के इलाजरत मरीजों की संख्या 31,231 है जबकि आठ लाख 77 हजार 540 लोग संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।
मुंबई में सरकारी केंद्रों पर टीकाकरण रुकने से लोग नाराज
मुंबई में गुरुवार को टीकों की कमी के कारण महानगरपालिका और सरकारी केंद्रों पर कोविड-19 रोधी टीकाकरण रुकने से लोग नाराज हैं और सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के प्रबंधन पर सवाल उठाने लगे हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कुछ स्थानीय निवासियों ने इसे सरकारी केंद्रों पर मुफ्त में टीके मुहैया न कर, 'निजी अस्पतालों की ओर रुख करने' के लिए मजबूर करने का तरीका भी बताया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिक (बीएमसी) ने बुधवार को बताया था कि टीकाकरण एक दिन के लिए रोका जा रहा है। टीकों की कमी के कारण टीकाकरण के बार-बार रुकने से स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ गया है। पिछले महीने भी, पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध ना होने की वजह से टीकाकरण रोका गया था। वहीं, टीका लगवाने के लिए गुरुवार का समय लेने वाले लोग इस असमंजस में हैं कि उन्हें टीके लगेंगे या नहीं।
महानगरपालिका ने एक बयान में कहा था कि टीकों की नई खेप मिलने पर टीकाकरण अभियान फिर से शुरू हो जाएगा। बीएमसी के अनुसार, शहर में 54 लाख 35 हजार 731 नागरिकों को टीका लगाया गया है, जिनमें से 10 लाख 72 हजार 578 लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। मुंबई में अभी 399 कोविड टीकाकरण केंद्र हैं, जिनमें 281 बीएमसी और 20 सरकार द्वारा चलाए जाते हैं। 98 निजी केंद्र हैं।