कोरोना संक्रमण : स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- पंजाब बरत रहा लापरवाही, नहीं कर रहा पर्याप्त जांच
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देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। महाराष्ट्र और पंजाब समेत कई राज्यों में कई तरह की पाबंदियां लागू होने के बावजूद संक्रमण की दर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी के साथ देश में एक बार फिर सक्रिय मामले 5.40 लाख के पार पहुंच गए हैं। पंजाब में संक्रमण दर में अचानक से हुए इजाफा के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पंजाब न तो पर्याप्त संख्या में जांच कर पा रहा है और न ही कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को तत्काल पृथकवास में भेज पा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 5,40,720 हुई है। यह चार फीसदी से ज्यादा है। कोरोना वायरस होने वाली मौतों की संख्या 1,62,000 पहुंच गई। वहीं रिकवरी रेट 94 फीसदी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि देश के 10 जिले जहां सक्रिय मामलों की संख्या सबसे ज्यादा है, उनमें से आठ जिले महाराष्ट्र के हैं। कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित 10 जिलों में पुणे, मुंबई, नागपुर, ठाणे, नासिक, औरंगाबाद, बंगलूरू, नांदेड़, दिल्ली और अहमदनगर शामिल हैं।
पंजाब और महाराष्ट्र में संक्रमण दर बढ़ी
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि पंजाब की पॉजिटिविटी रेट लगभग 9 फीसदी हो गई है। इसका अर्थ यह है कि आप प्रर्याप्त संख्या में जांच नहीं कर रहे हैं। जो लोग कोरोना पॉजिटिव हैं, आप उन्हें न तो चिन्हित कर पा रहे हैं और ना ही आप उन्हें आइसोलेट कर पा रहे हैं। संक्रमण दर महाराष्ट्र में 23 फीसदी, पंजाब में 8.82 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 8 फीसदी और मध्यप्रदेश में 7.82 फीसदी रही है।
We are facing an increasingly severe and intensive situation in some districts but the whole country is potentially at risk. All efforts to contain the virus and save lives should be taken: Dr VK Paul, Member-Health, Niti Aayog on current COVID19 situation in the country pic.twitter.com/zhLwZE4gbH
— ANI (@ANI) March 30, 2021
महाराष्ट्र : एक दिन 118 की जा रही जान
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि महाराष्ट्र में 3,37,928 सक्रिय मामले हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में औसतन एक दिन में 3,000 नए मामले आते थे। आज एक दिन में 34,000 मामले आ रहे हैं। महाराष्ट्र में फरवरी के दूसरे सप्ताह में एक दिन में 32 मृत्यु होती थी, यह बढ़कर 118 हो गई है।
दिल्ली : ठीक होने वालों की संख्या अधिक
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 992 नए मरीज मिले हैं। इस दौरान 1,591 लोग ठीक होकर अपने घर लौट गए और चार संक्रमितों की जान चली गई। दिल्ली में अब तक 6,60,611 लोग संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 6,42,166 लोग ठीक हो गए। वहीं 11,016 लोगों की कोरोना से मौत हो गई है और 7,429 से अधिक लोगों को अस्पताल में इलाज चल रहा है।
नए कोरोना स्ट्रेन के इतने मामले आए
देश में नए कोरोना स्ट्रेन के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। देश में अभी तक ब्रिटेन कोविड वेरिएंट के 807, अफ्रीकी वेरिएंट 47 और ब्राजील वेरिएंट का एक मामला मिला है।
स्थिति बद से बदतर हो रही, समूचा देश जोखिम में: केंद्र
केंद्र ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी स्थिति 'बद से बदतर हो रही है' और यह खास तौर पर कुछ राज्यों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। केंद्र ने कहा कि पूरा देश जोखिम में है और किसी को भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित 10 जिलों में से आठ महाराष्ट्र से हैं और दिल्ली भी एक जिले के रूप में इस सूची में शामिल है।
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिन दस जिलों में सर्वाधिक उपचाराधीन मामले हैं, उनमें पुणे (59,475), मुंबई (46,248), नागपुर (45,322), ठाणे (35,264), नासिक (26,553), औरंगाबाद (21,282), बंगलूरू नगरीय (16,259), नांदेड़ (15,171), दिल्ली (8,032) और अहमदनगर (7,952) शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दिल्ली में कई जिले हैं, लेकिन इसे एक जिले के रूप में लिया गया है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि कोविड-19 संबंधी स्थिति बद से बदतर हो रही है। पिछले कुछ सप्ताहों में, खासकर कुछ राज्यों में, यह एक बड़ी चिंता विषय है। किसी भी राज्य, देश के किसी भी हिस्से या जिले को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम काफी अधिक गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं, निश्चित तौर पर कुछ जिलों में। लेकिन पूरा देश जोखिम में है, इसलिए रोकने (संक्रमण के प्रसार को) और जीवन बचाने के सभी प्रयास किए जाने चाहिए। पॉल ने कहा कि अस्पताल और आईसीयू संबंधी तैयारियां तैयार रहनी चाहिए। यदि मामले तेजी से बढ़े तो स्वास्थ्य देखरेख प्रणाली चरमरा जाएगी।
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