कोरोना: स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी जताई चिंता, कहा- हमारे सारे प्रयास मिट्टी में मिल जाएंगे
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दरअसल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को रोज की तरह मीडिया को जानकारी देने के लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया था। इस दौरान मंत्रालय की ओर से संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने जानकारियां साझा कीं।
उन्होंने कहा कि हमें सावधान रहना होगा, लॉकडाउन और सामाजिक मेलजोल में कमी को शिद्दत से अपनाना होगा, क्योंकि अगर एक भी व्यक्ति कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करता है तो हमारे सभी प्रयास मिट्टी में मिल जाएंगे। बता दें कि बीते 24 घंटों में 75 नए मामले सामने आए हैं, जबकि इनमें से चार की मौत हुई है।
विदेश से लौटे 15 लाख यात्रियों ने बढ़ाई चिंता
बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने भी राज्य सरकारों को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में बताया है कि पिछले दो महीने में 15 लाख से ज्यादा लोग विदेश से भारत आए हैं और लौटने वाले यात्रियों तथा कोरोना वायरस संक्रमण के संदेश में वास्तविक रूप से निगरानी में रखे गए लोगों की संख्या में अंतर दिखाई दे रहा है।
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30 हजार वेंटिलेटर तैयार करने के आदेश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि हमने 10,000 वेंटिलेटर बनाने के लिए एक पीएसयू को आदेश दिया है। साथ ही भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) से भी एक से दो महीने के अंदर 30,000 अतिरिक्त वेंटिलेटर खरीदने का अनुरोध किया गया है। हमारे अनुरोध पर लगभग 1.4 लाख कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा है।
टेली-मेडिसिन सुविधा के लिए दिशा-निर्देश जारी
अस्पतालों में ओपीडी बंद होने के को लेकर कहा कि हमने टेली-मेडिसिन सुविधा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, मरीजों से अनुरोध है कि वे उसका लाभ उठाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि हमें सावधान रहना होगा, लॉकडाउन और सामाजिक मेलजोल में कमी को शिद्दत से अपनाना होगा, क्योंकि अगर एक भी व्यक्ति कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करता है तो हमारे सभी प्रयास मिट्टी में मिल जाएंगे।
मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था के लिए कहा
गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन, पानी और स्वच्छता की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। होटल और किराए के आवास सभी कोरोना वायरस से सावधानियां बरतते हुए खुले और कार्यात्मक रहने चाहिए।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के आर गंगा केतकर ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा शुरू की जा रही एकजुटता परीक्षण में जल्द ही अपनी भागीदारी शुरू करने की संभावना है। पहले हमने ऐसा नहीं किया क्योंकि हमारी संख्या बहुत कम थी।