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लॉकडाउन के दूसरे सप्ताह में तीन गुना रफ्तार से हुई कोरोना जांच, 5.7 के औसत से मिले मामले
Thu, 09 Apr 2020 03:43 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 09 Apr 2020 03:43 AM IST
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कोरोना वायरस की जांच करते हुए स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
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कोरोना वायरस की जांच को लेकर भले ही ज्यादा से ज्यादा जांच कराने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हों, लेकिन केंद्र सरकार यूएस और इटली की भांति कोविड टेस्टिंग पर काम कर रही है। इन देशों में कोरोना का असर भारत की तुलना में कई गुना ज्यादा है लेकिन वहां भी कोरोना वायरस की जांच संक्रमण प्रभावित इलाकों में सबसे ज्यादा की गई।
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इसी मॉडल के तहत केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दूसरे सप्तह में कोरोना हॉटस्पॉट इलाकों में जांच का दायरा बढ़ाया। सरकार ने 1 से 7 अप्रैल के बीच तीन गुना रफ्तार से कोविड जांच कराई है। इस पूरे सप्ताह में प्रति 100 सैंपल में पॉजीटिव मरीज औसतन 2.3 से 5.7 फीसदी मिले हैं।
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दरअसल, बीती 25 मार्च से देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन लागू किया गया। उस दौरान विदेशों से आने वाले या उनसे संपर्क में आने वालों की ही जांच देश भर की सरकारी और प्राइवेट लैब में चल रही थी। फिलहाल सरकार ने विदेशों से आने वाले और उनसे संपर्क में आने वालों के अलावा जिन स्थानों (हॉटस्पॉट) पर सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं वहां सभी लोगों की स्क्रीनिंग, जांच और घर-घर सर्वे तक कुछ राज्यों में कराया जा रहा है।
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बुधवार को आईसीएमआर के मुख्य महामारी विशेषज्ञ डॉ. रमन आर गंगखेड़कर ने बताया कि देश में अब तक कोरोना वायरस के 1 लाख 21 हजार 271 टेस्ट किए जा चुके हैं। मंगलवार को देश में 13,345 लोगों की कोरोना जांच की है, जिसमें से 2,267 सैंपल की जांच निजी लैब में हुई है। देश में आईसीएमआर के तहत आने वाली 139 सरकारी लैब और 65 प्राइवेट लैब में कोरोना वायरस की जांच चल रही है।
पहले सप्ताह में हुईं 22 हजार जांच
लॉकडाउन के पहले सप्ताह में 22 हजार के आसपास कोरोना वायरस की जांच हुई थी। 24 से 31 मार्च के बीच 22,081 सैंपल की जांच हुई। इसके बाद 1 से 7 अप्रैल के बीच कोरोना वायरस की जांच में तीन गुना वृद्घि हुई। 67,664 सैंपल की टेस्टिंग की गई। इसमें संदिग्ध या क्वारंटीन व्यक्ति की हुईं जांचें भी शामिल हैं।
जांच बढ़ी, तो मरीज भी आए सामने
31 मार्च के बाद कोरोना वायरस की जांच प्रक्रिया में बदलाव किए गए लेकिन इसका असर 3 अप्रैल को दिखाई दिया, जब 1 से 2 अप्रैल में प्रभावित इलाकों में टेस्टिंग हुई तो प्रति 100 सैंपल में औसतन 5.7 फीसदी संक्रमित मरीज पाए गए। इसके बाद 4 अप्रैल को 2.9, 5 को 3.2, 6 को 2.7 और सात अप्रैल को 2.3 फीसदी मरीज संक्रमित मिले।
| देश | जांच | संक्रमित | (फीसदी में) |
| यूएस | 19,51,044 | 3,64,058 | 19 |
| इटली | 7,55,445 | 1,35,586 | 18 |
| भारत | 1,21,271 | 5274 | 4.4 |