कोरोना: इन पांच देशों में कम हो रहे हैं कोविड-19 के मामले, जुलाई में बरपा था कहर
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भारत में जहां कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं दुनिया के कुछ देशों में इसके संक्रमण में कमी देखी जा रही है। इसमें कई ऐसे देश शामिल हैं जहां जुलाई के महीने में वायरस ने कहर बरपाया था। वहीं कुछ यूरोपीय देश जैसे की इटली, स्पेन और फ्रांस में मामलों में पुनरुत्थान देखने को मिल रहा है।
इसके अलावा रूस और अमेरिका जैसे देश, जहां वायरस ने एक बड़ी आबादी को न केवल प्रभावित किया बल्कि भारी संख्या में लोगों की जान भी ली, वहां मामले अब कम हो रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मामलों में कमी परीक्षण की दर में कमी के कारण हो सकती है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं वो पांच देश जहां वायरस के मामलों में गिरावट आ रही है
संयुक्त राज्य अमेरिका
जून और जुलाई के महीने में यहां कोरोना ने काफी कहर बरपाया था। अमेरिकी डाटा के अनुसार कुछ हफ्तों से यहां मामलों में कमी आ रही है। यहां 22 जुलाई को 68,634 मामले दर्ज किए गए थे वहीं पिछले कुछ हफ्तों से यहां औसतन 43,847 मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि अमेरिका अब भी वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना हुआ है। यहां लगभग 60 लाख लोग वायरस की चपेट में हैं और 177,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा टेक्सास, फ्लोरिडा, एरिजोना और कैलिफोर्निया जैसे दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में फिर से प्रतिबंध लगाने से कोविड-19 के प्रसार को रोकने में सहायता मिली है।
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दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका वायरस से प्रभावित पांचवा देश है। यहां अगस्त के पहले हफ्ते से वायरस के औसत मामलों में कमी देखी जा रही है। यहां 15 जुलाई को औसतन 12,341 मामले दर्ज किए गए थे वहीं पिछले हफ्तों से यहां औसत 3,342 मामले सामने आ रहे हैं। पर्यटन स्थल केप टाउन ने वायरस के पीक को भुगता था, अब यहां मामलों और मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की दर में कमी आ रही है। इसी तरह जोहान्सबर्ग और प्रिटोरिया जहां जून में दैनिक मामले 6,000 हुआ करते थे, अब मामलों में कमी दिखाई दे रही है।
रूस
मई मध्य के बाद पहली बार 22 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में रूस में कोरोना के दैनिक मामले 5,000 से नीचे दर्ज किए गए। जुलाई में यहां औसतन 6,500 के करीब नए मामले सामने आते थे। वहीं अगस्त में यहां 5,300 मामले दर्ज किए जाने लगे। रूसी मीडिया के अनुसार परीक्षण की दर बढ़ाने से अधिकारियों को वायरस संक्रमित लोगों की पहचान करने और उन्हें आइसोलेट करने में मदद मिली। इससे वायरस के प्रसार में कमी आई।
पाकिस्तान
जून के महीने में पाकिस्तान में वायरस की वजह से हजारों लोगों ने जान गंवाई लेकिन अब यहां मामलों में कमी आ रही है। यहां अगस्त के महीने में दैनिक तौर पर औसतन 580-620 मामले दर्ज किए गए। जबकि मई और जून में यह आंकड़ा पांच हजार मामलों का हुआ करता था। इसकी वजह कम समय में परीक्षण क्षमता बढ़ाना और एक ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित करना है। इसमें 10,000 से अधिक अनुबंध कर्मी और 3,000 से अधिक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग टीमें शामिल हैं। इसके अलावा हॉटस्पॉट्स में सख्त लॉकडाउन और उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना ने भी अहम भूमिका निभाई।
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सऊदी अरब
अरब देशों में सऊदी अरब वायरस के सबसे ज्यादा 3,09,000 मामले सामने आए थे। अब यहां मामलों में कमी देखी जा रही है। 22 अगस्त तक यहां औसतन कोरोना के 1,200 मामले सामने आए जबकि जुलाई में यह संख्या 3,700 थी। सऊदी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सामुदायिक जागरूकता और सार्वजनिक प्रतिबद्धता को घटते मामलों का मुख्य कारण बताया है।