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कोरोना: निजी लैबों ने खड़े किए हाथ, कहा- मुफ्त जांच के लिए साधन नहीं
Sat, 11 Apr 2020 03:44 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 11 Apr 2020 03:44 AM IST
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मरीज की जांच करते डॉक्टर (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
कोरोना वायरस की मुफ्त जांच के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर देश के निजी लैबों ने हाथ खड़े कर दिए। इन लैबों का कहना है कि कोविड-19 की मुफ्त जांच के लिए हमारे पास साधन नहीं हैं। सरकार को रास्ता निकालना चाहिए, जिससे निजी लैब बढ़ती मांग के बीच जांच का काम जारी रख सकें।
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डॉ. डैंग्स लैब के सीईओ डॉक्टर अर्जुन डैंग ने कहा, ‘हम शीर्ष अदालत के आदेश को स्वीकार करते हैं, जिसका उद्देश्य कोविड-19 जांच की पहुंच बढ़ाने और इसे आम आदमी के लिए आसान बनाना है। निजी लैबों के लिए कई चीजों की लागत तय है, जिनमें रीएजेंट्स, उपभोग की वस्तुओं, कुशल कामगारों और उपकरणों के रखरखाव शामिल हैं।
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कोरोना की जांच में भी संक्रमण नियंत्रण के कई उपाय करने पड़ते हैं। जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), संक्रामक परिवहन तंत्र और साफ सफाई की जरूरत। सरकार द्वारा तय 4500 रुपये की दर में निजी लैब बमुश्किल लागत निकाल पाती हैं।’ उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए हम अभी जांच मुफ्त कर रहे हैं और इस बारे में सरकार की तरफ से चीजों को और स्पष्ट किए जाने का इंतजार इंतजार है।
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सरकार से मदद की गुहार
थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. ए वेलुमनी ने कहा, ‘निजी लैब के पास यह महंगी जांच मुफ्त करने का साधन नहीं है। यह सरकार का कर्तव्य है कि वह लागत का भुगतान करे, हम बिना लाभ के काम करेंगे। अदालत ने अपने आदेश में संकेत दिया था, सरकार को कोई रास्ता तलाशना चाहिए और हम निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। सरकार अगर मदद नहीं करती है तो यह कोरोना से निपटने की दिशा में बड़ा झटका होगा।’