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कोरोना: शोध में खुलासा, एसिम्टोमैटिक की बजाय सिप्टोमैटिक फैलाते हैं चार गुना ज्यादा संक्रमण

Sun, 29 Nov 2020 09:43 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 29 Nov 2020 09:43 AM IST
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coronavirus person who has symptoms of Covid 19 is four times more likely to pass virus than asymptomatic
कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

एक व्यक्ति जिसमें कोरोना वायरस के लक्षण नजर आ रहे हैं (सिम्पटोमैटिक) वह किसी अन्य व्यक्ति जिसमें वायरस के लक्षण नहीं दिख रहे हैं (एसिम्टोमैटिक) कि तुलना में चार गुना ज्यादा संक्रमण फैला सकता है। इसके अलावा सिम्पटोमैटिक के साथ घर में रहने वाले लोगों के वायरस की चपेट में आने का रिस्क सबसे ज्यादा होता है। 

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यह जानकारी दर्जनों संपर्क-ट्रेसिंग रिपोर्टों के सांख्यिकीय विश्लेषण की रिपोर्ट से सामने आई है। ये रिपोर्ट लोगों को बीमार होने के संकेत मिलते ही खुद को आइसोलेट करने की जरूरत को रेखांकित करने के लिए नए सबूत पेश करता है। इंपीरियल कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि ऑफिस और सोशल स्पेस की तुलना में घर के अंदर संक्रमण की दर सबसे ज्यादा रहती है। घर के अंदर एक संक्रमित व्यक्ति पूरे परिवार को संक्रमित कर सकता है। 
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इंपीरियल कॉलेज के प्रोफेसर नील फर्ग्यूसन ने कहा, यह विश्लेषण ऐसे सबूत प्रदान करता है कि एसिम्टोमैटिक संक्रमण सिम्पटोमैटिक मामलों की तुलना में काफी कम संक्रामक हैं। यह घर के अंदर होने वाले संक्रमण को लेकर भी महत्वपूर्ण सबूत प्रदान करता है। खासतौर से इस परिदृश्य में यह जरूरी हो जाता है जब सिम्पटोमैटिक मरीज खुद को घर के बाहर आइसोलेट नहीं करता है। प्रोफेसर नील के कहने पर ब्रिटेन ने संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की घोषणा की थी।
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यह शोध एक मेटा-विश्लेषण पर आधारित है। इसमें जुलाई के मध्य में प्रकाशित दुनिया भर के 45 संपर्क-अनुरेखण अध्ययनों को शामिल किया गया है। एसिम्टोमैटिक संचरण को कोविड-19 के प्रसार को रोकने में एक विशेष चुनौती के रूप में देखा गया है। संपर्क-अनुरेखण प्रयास अक्सर इंडेक्स रोगी की पहचान करने में विफल हो जाते हैं क्योंकि उनमें वायरस के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।


लेखकों ने विभिन्न सेटिंग्स में संक्रमण की संभावना की भी गणना की है। शोधकर्ताओं ने पाया कि अलग-अलग उम्र के लोगों में संक्रमण फैलने के कोई सांख्यिकीय अंतर नहीं है। लोगों का परीक्षण, ट्रेस करने और आइोलेट करने की रणनीति तय करने के लिए ये निष्कर्ष काफी महत्वपूर्ण हैं।

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