Coronavirus: लॉकडाउन के दौरान इन 5 बड़े आयोजनों में भी रखना होगा सोशल डिस्टेंसिंग का रखा पूरा ख्याल
- त्यौहारों के दौरान भी बरकरार रही विविधता में एकता
- 25 मार्च से पूरे देश में लागू है लॉकडाउन
- शब-ए-बारात के बाद अब बैसाखी, गुड फ्राइडे, ईस्टर और अंबेडकर जयंती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विविधता में एकता बरकरार रही। अब 15 अप्रैल तक कई आयोजन हैं। इनमें शब-ए-बारात, गुड फ्राइडे, बैसाखी, ईस्टर और अंबेडकर जयंती शामिल हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के भीतर रह कर ये त्योहार या जयंती मनाएं। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए।
25 मार्च से देश में लॉकडाउन चल रहा है। इस दौरान राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे बड़े पर्व आए। इससे पहले होली भी आई, हालांकि उस वक्त लॉकडाउन नहीं लगा था, लेकिन पीएम मोदी की अपील पर लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के चलते वह पर्व भी सार्वजनिक तौर पर नहीं मनाया।
अब 9 अप्रैल को शब-ए-बारात है। इसके लिए भी दिल्ली पुलिस ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे अपने घरों में रह कर ही धार्मिक क्रियाकलाप पूरे करें। 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे है। 12 तारीख को ईस्टर है। 13 अप्रैल को बैसाखी है। इसके बाद 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती है।
हालांकि इन सभी आयोजनों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के चलते लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी लोगों से अपील की है, कि जिस तरह उन्होंने अभी तक लॉकडाउन का पालन किया है, वे आगे भी कोरोना की लड़ाई में इसका ध्यान रखेंगे।
कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों से कहा है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करें। कोरोना की रोकथाम के लिए यह सुरक्षा चक्र अनिवार्य है।