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Covid-19: कोरोना के लक्षणों वाले लोगों के संपर्क में आने पर जांच होगी; बढ़ते संक्रमण के कारण कर्नाटक में चिंता
Thu, 28 Dec 2023 03:17 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 28 Dec 2023 03:17 PM IST
सार
कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के कारण चिंता गहराने लगी है। कोविड-19 संक्रमित या कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने पर भी लोगों की जांच की जाएगी। कर्नाटक में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि संभावित मामलों को लेकर सरकार जरूरी एहतियात बरत रही है।
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कोरोना संक्रमितों की जांच के लिए अब अधिक सतर्कता (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कर्नाटक सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि ऐसे लोग जो एसिम्पटोमैटिक हैं, यानी इनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, इनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी कोरोना जांच करानी होगी।
जेएन.1 वैरिएंट के साथ-साथ ओमीक्रॉन के मामले भी चिंताजनक
कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने और ऐसे लोगों के संपर्क में आने पर लोगों को कोविड-19 की जांच करानी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बढ़ते कोविड-19 संक्रमण का जिक्र करते हुए कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट- जेएन.1 के मामलों में उछाल को देखते हुए सरकार ने एहतियातन जांच बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने ओमीक्रॉन वैरिएंट वाले संक्रमित लोगों का भी जिक्र किया है।
नए साल के जश्न में भीड़ से बचना जरूरी, अलग कोविड-19 वार्ड बनेगा
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 28 दिसंबर को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि क्रिसमस के बाद कुछ ही दिनों में लोग नए साल के जश्न में डूब जाएंगे। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह देते हुए सरकार ने कहा है कि लोगों को समय रहते खुद कोरोना जांच की पहल करनी चाहिए। सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल के पालन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों से बाकी लोगों को बचाने के लिए अलग वार्ड का इंतजाम भी किया जाएगा।
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कोरोना के मरीजों की निगरानी के लिए ऐसे विकल्प अपनाएगी सरकार
सरकार ने कहा है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए टेली आईसीयू जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य के मुख्यालय से जिस तरह बीते करीब चार साल के दौरान कोरोना संक्रमण मामलों को ट्रैक करने की पहल की गई, वैसे ही प्रयास इस साल भी किए जाएंगे। जिला मौत ऑडिट कमेटी (District Death Audit Committee) की बैठकों के बारे में भी सरकार ने जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसका मकसद कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली मौत से जुड़े आंकड़े की निगरानी करना है।
जमीनी स्तर तक निर्देशों को पहुंचाने वाले लोगों को भी भेजा गया सर्कुलर
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी सर्कुलर की प्रति बृह्न बंगलूरू महानगर पालिका (BBMP) के विशेष आयुक्त और सभी जिलों के उपायुक्तों को भी भेजी गई है। जिलों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण अधिकारियों को भी सर्कुलर भेजा गया है। इसके अलावा मुख्य सचिव, बीबीएमपी के चीफ कमिश्नर, नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक को भी सरकारी निर्देशों के बारे में जानकारी दी गई है।
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जेएन.1 वैरिएंट के साथ-साथ ओमीक्रॉन के मामले भी चिंताजनक
कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने और ऐसे लोगों के संपर्क में आने पर लोगों को कोविड-19 की जांच करानी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बढ़ते कोविड-19 संक्रमण का जिक्र करते हुए कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट- जेएन.1 के मामलों में उछाल को देखते हुए सरकार ने एहतियातन जांच बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने ओमीक्रॉन वैरिएंट वाले संक्रमित लोगों का भी जिक्र किया है।
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नए साल के जश्न में भीड़ से बचना जरूरी, अलग कोविड-19 वार्ड बनेगा
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 28 दिसंबर को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि क्रिसमस के बाद कुछ ही दिनों में लोग नए साल के जश्न में डूब जाएंगे। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने की सलाह देते हुए सरकार ने कहा है कि लोगों को समय रहते खुद कोरोना जांच की पहल करनी चाहिए। सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल के पालन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों से बाकी लोगों को बचाने के लिए अलग वार्ड का इंतजाम भी किया जाएगा।
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कोरोना के मरीजों की निगरानी के लिए ऐसे विकल्प अपनाएगी सरकार
सरकार ने कहा है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की निगरानी के लिए टेली आईसीयू जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य के मुख्यालय से जिस तरह बीते करीब चार साल के दौरान कोरोना संक्रमण मामलों को ट्रैक करने की पहल की गई, वैसे ही प्रयास इस साल भी किए जाएंगे। जिला मौत ऑडिट कमेटी (District Death Audit Committee) की बैठकों के बारे में भी सरकार ने जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसका मकसद कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली मौत से जुड़े आंकड़े की निगरानी करना है।
जमीनी स्तर तक निर्देशों को पहुंचाने वाले लोगों को भी भेजा गया सर्कुलर
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी सर्कुलर की प्रति बृह्न बंगलूरू महानगर पालिका (BBMP) के विशेष आयुक्त और सभी जिलों के उपायुक्तों को भी भेजी गई है। जिलों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण अधिकारियों को भी सर्कुलर भेजा गया है। इसके अलावा मुख्य सचिव, बीबीएमपी के चीफ कमिश्नर, नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक को भी सरकारी निर्देशों के बारे में जानकारी दी गई है।