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कोरोना: जानें कितना खतरनाक है आपका जिला, सरकार ने जारी की देशभर के रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन की सूची
Fri, 01 May 2020 11:32 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 01 May 2020 11:32 AM IST
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ड्यूटी करते सीआरपीएफ जवान
- फोटो : Amar Ujala
देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसकी वजह से सरकार अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। हर जिले और राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आगे की राह बनाई जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से तीन मई के बाद जिलों को अलग-अलग जोन के हिसाब से बांटने का काम किया गया है।
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देश के कई जिले रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बंटे हुए हैं। हालांकि इस बार उनके पैमानों को बदला गया है। मंत्रालय ने कोरोना मामलों की संख्या, डबलिंग रेट और परीक्षणों के हिसाब से जिलों की नई सूची तैयार की है। जिसमें बताया गया है कि कौन सा जिला किस जोन में आता है और वहां किस तरह की सख्ती बरती जाएगी।
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केंद्रीय गृह सचिव प्रीति सूदन ने कहा, 'सभी राज्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे चिन्हित किए गए रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन करें और उन्हें सूचित करें। किसी जिले को तब ग्रीन जोन माना जाएगा जब वहां पिछले 21 दिनों में कोरोना का कोई भी नया मामला सामने नहीं आएगा।' सूची में तीन मई के बाद 130 जिलों को रेड, 284 को ऑरेंज और 319 जिलों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलूरू, अहमदाबाद को अब भी रेड जोन में ही रखा है। इसके अलावा महाराष्ट्र के 14, दिल्ली के 11, तमिलनाडु के 12, उत्तर प्रदेश के 19, बंगाल के 10, गुजरात के नौ, मध्य प्रदेश के नौ, राजस्थान के आठ जिले रेड जोन में शामिल हैं।
सूदन ने कहा, 'एक या अधिक नगर निगमों वाले, निगमों और जिले के अन्य क्षेत्रों को अलग-अलग इकाइयों के रूप में माना जा सकता है। यदि वे रेड या ऑरेंज जोन में आते हैं, यहां इनमें से एक या अधिक में पिछले 21 दिनों में कोई नया मामला दर्ज नहीं होता तो उन्हें आंचलिक वर्गीकरण में एक स्तर कम माना जा सकता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'बफर जोन में स्वास्थ्य सुविधाओं में आईएलआई/ एसएआरआई मामलों की निगरानी के माध्यम से मामलों की व्यापक निगरानी की जानी चाहिए। राज्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे चिन्हित रेड और ऑरेंज जोन जिलों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का परिसीमन करके उन्हें सूचित करें।'
यहां देखें जिलेवाल रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की सूची







