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कोई भी ट्रेन रास्ता नहीं भटक सकती, 3840 में से सिर्फ 4 ट्रेन 72 घंटे लेट हुईं : रेलवे

Fri, 29 May 2020 04:21 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Fri, 29 May 2020 04:21 PM IST
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Coronavirus Live updates: Health Ministry Railway Board Press conference about Special Trains and Migrants
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार - फोटो : PTI

कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन की वजह से लाखों प्रवासी मजदूर विभिन्न जगहों पर फंस गए थे। इन्हें इनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए रेलवे ने आगे आते हुए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। हालांकि इस दौरान कुछ ट्रेनों के लेट होने, ट्रेन के लंबे रास्ते से जाने और मजदूरों की मौत का मामले उठे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बारे में जानकारी दी।

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विनोद कुमार ने कहा कि ट्रेन के रास्ता भटकने की खबरें बेबुनियाद हैं। कोई भी ट्रेन कभी रास्ता नहीं भटक सकती। इसके अलावा ट्रेन के लेट होने पर भी उन्होंने सफाई दी। उन्होंने कहा कि 72 घंटे से ज्यादा सिर्फ चार ट्रेनों समय लिया। 3840 ट्रेनें 72 घंटे से कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि 90 फीसदी ट्रेन समय से पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि कई कारणों की वजह से ट्रेनों के रूट को डायवर्ट करना पड़ा। ट्रेन लेट होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नौ दिन ट्रेन लेट होने का आरोप झूठा है। ऐसा कुछ भी नहीं है। 

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  • ट्रेन में डॉक्टरों को भेजा जाता है और इस दौरान 30 से ज्यादा डिलीवरी हुईं।
  • रेलवे ने अभी तक 52 लाख लोगों को अपने गृह राज्य पहुंचाया है।
  • हमने बहुत सारी ट्रेन यूपी और बिहार की चलाई और हमें पहले दिन ही तकनीकी दिक्कतों के बारे में पता चल गया। 
  • रेलवे ने 20 मई तक 279 ट्रेन चलाई।
  • सिर्फ 10 फीसदी ट्रेनों ने ही 5 घंटे से ज्यादा का समय लिया और बाकी 90 प्रतिशत ट्रेन समय से पहुंचीं।
  • 90 फीसदी ट्रेन सामान्य मेल एक्सप्रेस की सामान्य गति से ज्यादा तेज चलीं।
  • रेलवे बोर्ड ने कहा कि ट्रेन के रास्ता भटकने जैसी खबरें गलत हैं। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
  • नियमित रूट पर ज्यादा भीड़ होने की वजह से रूट में बदलाव करना पड़ा।
  • ट्रेन के भटकने की खबरें पूरी तरह से फेक हैं। इससे दिनरात काम में जुटे रेलवेकर्मियों का मनोबल टूटता है।
  • पिछले हफ्ते 3 लाख से ज्यादा मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाया गया।
  • हम यात्रियों के लिए खाना और पानी मुहैया कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं। हालांकि हमें इस महामारी के दौरान काफी मुश्किलें आ रही हैं।
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  • जब तक आखिरी श्रमिक अपने घर नहीं पहुंच जाता तब तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलती रहेंगी।
  • श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की जरूरत अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है। 24 मई को 923 ट्रेनों की जरूरत थी जबकि गुरुवार को यह घटकर 499 तक पहुंच गई है। 
रेलवे ने की अपील 
  • रेलवे ने अपील की है कि जो लोग गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, वो ट्रेन यात्रा से बचें। 
  • इसके अलावा गर्भवती महिलाएं, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग भी अगर जरूरी न हो तो यात्रा न करें।
  • ट्रेन यात्रा के दौरान महिला की दुखद मृत्यु हुई, उसकी जांच चल रही है।
  • रेलवे एक-एक केस की जांच करने में जुटा हुआ है। खाने-पीने की स्थिति को लेकर भी 24 घंटे निगरानी हो रही है। 
किराया प्रणाली पहले जैसी
  • कई ट्रेनों में डायनमिक किराया लगाने पर रेलवे बोर्ड ने कहा कि हमने किराए की सरंचना में कोई बदलाव नहीं किया है। 
  • एक जून से चलने वाली 200 ट्रेनों की जानकारी साझा कर दी गई है और आरक्षण की प्रकिया भी सामान्य कर दी गई है।
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