कोरोनावायरस: इटली के लोगों के संपर्क में आए दिल्ली, आगरा और जयपुर के कई लोगों की हो सकती है जांच
- आगरा में होटल कर्मियों और दुकानदारों से होगी पूछताछ
- भारतीय ड्राइवर भी आया चपेट में
- यूपी और राजस्थान प्रशासन से लगातार हो रही है बातचीत
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विस्तार
भारत आए इटली के 21 लोग में से 16 को कोरोनावायरस होने की पुष्टि हो गई है। इनके साथ बतौर ड्राइवर बन कर रहे एक भारतीय की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। अब स्वास्थ्य मंत्रालय को यह चिंता सता रही है कि ये लोग आईटीबीपी के छावला स्थित क्वारंटाइन केंद्र में आने से पहले कहां और कितने लोगों के संपर्क में रहे।
वहीं कोरोना वायरस से संक्रमित इतालवी पर्यटकों ने राजस्थान में 215 लोगों से मुलाकात की थी। यह संपर्क उनके यहां कई जगहों पर घूमने के दौरान बना था। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने विधानसभा में बताया कि इनमें से 93 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें 51 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बाकी की रिपोर्ट आनी बाकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पास ऐसी कोई सूचना नहीं थी कि उनकी स्क्रीनिंग हुई है या नहीं। पर्यटकों के घूमने की योजना को लेकर भी जानकारी नहीं थी। ये लोग दिल्ली, आगरा से जयपुर पहुंचे थे।
मंत्री ने बताया कि इतावली पर्यटक जयपुर में सबसे अधिक 76 लोगों के संपर्क में आए। इसके अलावा झुंझनू में 53, बीकानेर में 44, जोधपुर व जैसलमेर में 14-14 तथा उदयपुर में छह लोगों से मिले थे। पर्यटक 21 से 29 फरवरी तक राजस्थान के विभिन्न इलाकों में गए थे। राज्य सरकार ने इन सभी जिलों के कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को उन जगहों पर स्वास्थ्य रक्षा उपायों को अपनाने को कहा है जहां पर्यटक घूमे थे।
वहीं, जिन बसों में ये चले थे उनके ड्राइवर और क्लीनर को 14 दिनों के लिए घर में अलग-थलग रहने को कहा गया है। सरकार ने इन छह शहरों के उन होटलों ्ले कमरे सील कर दिए हैं जहां ये पर्यटक रुके थे। साथ ही इन होटलों में किसी अन्य व्यक्ति को कमरे न देने का निर्देश दिया गया है। इन पर्यटकों के संपर्क में आए होटल स्टाफ व अन्य लोगों को 28 दिन तक निगरानी में रखने का निर्देश दिया गया है।
राजस्थान सरकार आई एक्टिव मोड में
राज्य की गहलोत सरकार ने झुंझनू, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर और जयपुर जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को उन जगहों पर स्वास्थ्य रक्षा उपायों को अपनाने को कहा है जहां ये पर्यटक घूमने गए थे।
बस के ड्राइवर और क्लीनर को 14 दिनो के लिए घर में अलग थलग रहने के लिए कहा गया है। सरकार ने यह भी कहा है कि उन कमरों में पर्यटकों के बाद कौन ठहरा था उनकी पूरी जानकारी ली जाए और उन लोगों के सेहत के बारे में जानकारी एकत्र हो।
जिन पर्यटकों को कोरोनावायरस होने की पुष्टि हुई है, उनमें से कई की उम्र साठ वर्ष से ज्यादा
सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय को मालूम हुआ है कि इटली के जिन पर्यटकों को कोरोनावायरस होने की पुष्टि हुई है, उनमें से कई की उम्र साठ वर्ष से ज्यादा है। संभव है कि इन्हें कई दिन पहले ही कोरोनावायरस हुआ होगा। इस समूह में कई लोगों ऐसे भी हैं, जो पिछले चार दिन से बुखार और खांसी से पीड़ित थे।
इनकी स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इनके साथ रहने वाला एक भारतीय ड्राइवर भी कोरोनावायरस की चपेट में आ गया। इतना ही नहीं, एक पर्यटक की पत्नी को यह बीमारी हो गई।
स्वास्थ्य महकमे की चिंता यही है कि इटली के पर्यटक आगरा और जयपुर के अलावा कई जगहों पर गए हैं। दिल्ली के होटल में भी ये ठहरे थे। ऐसे में अब सैंकड़ों लोगों की स्क्रीनिंग की तैयारी की जा रही है। कई जगहों पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मी लोगों से आग्रह करेंगे कि वे खुद ही यह बताएं कि कौन से लोग इटालियन पर्यटकों के ज्यादा करीब रहे हैं।
वे लोग अपना टेस्ट करा सकते हैं। इसे लेकर यूपी और राजस्थान प्रशासन से लगातार बातचीत चल रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय का मकसद है कि किसी भी तरह से कोरोनावायरस को फैलने से रोका जाए। सरकार कई जगहों पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था कर रही है।