कोरोना वायरस: अर्धसैनिक बलों के 11 लाख जवानों को खास एडवाइजरी जारी, पालन करने होंगे ये नियम
देश की सबसे बड़ी सेंट्रल फोर्स सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी मेडिकल और आईजी मेडिकल की ओर से जो दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, वे हर यूनिट तक पहुंच चुके हैं। जवानों ने उन पर अमल शुरू कर दिया है।
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जवानों ने एक चेन बनाकर कोरोना से बचने की तरकीब अपने सभी साथियों को बताई है। अब सभी जवान एक दूसरे के साथ 'डॉक्टर' की तरह पेश आ रहे हैं। उनके कार्य स्थल, यात्रा का जरिया, सरकारी क्वार्टर या अपना घर, साथी और परिवार, हर जगह पर क्वारंटाइन केंद्र जैसा कुछ देखा जा सकता है।
दूसरे अर्धसैनिक बलों की तर्ज पर देश की सबसे बड़ी सेंट्रल फोर्स सीआरपीएफ ने तो कई स्तरीय एडवाइजरी जारी की है। स्पेशल डीजी मेडिकल और आईजी मेडिकल की ओर से जो दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, वे हर यूनिट तक पहुंच चुके हैं। जवानों ने उन पर अमल शुरू कर दिया है।
जब भी कोई जवान अपने घर छुट्टी पर जाता है तो उसे इन नियमों का पालन करना होगा
- ठहराव की जगह से संबंधित जानकारी और फोन नंबर अपने कमांडर को देनी है।
- बस, ट्रेन और दूसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ट्रिपल लेयर वाले मॉस्क का इस्तेमाल करना है।
- पानी और साबुन अपने साथ रखें, ये संभव न तो अल्कोहल वाला सैनेटाइजर प्रयोग करें।
- खांसी के दौरान टिश्यू पेपर का सही इस्तेमाल कब और कहां, ये जानकारी दी गई है।
- यात्रा के दौरान टैक्सी ड्राइवर या आटो चालक का नंबर अवश्य ले लें।
- जब अपने घर पर पहुंच जाएं तो भी जवानों को 'कोरोना' से बरतनी है सावधानी।
- उसे किसी ऐसे स्थान पर नहीं जाना है, जहां भीड़ जुटती हो, बाजार और शादी समारोह में शिरकत करने से बचें।
- बुखार, खांसी या सांस लेने में हल्की भी तकलीफ है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर अपने घर पर ही 14 दिन तक क्वारंटाइन शुरू कर दें।
- आपके परिवार में किसी को कोरोना जैसे लक्ष्ण हैं, तो अविलंब उसकी सूचना निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र, कमांडर और यूनिट मेडिकल अफसर को दें।
- ड्यूटी पर वापस लौटने के बाद यह सब करते हैं जवान
- सबसे पहले जवान को अपनी यूनिट के मेडिकल अफसर को रिपोर्ट करना है।
- एमओ ऐसे सभी जवानों का चेकअप रिकॉर्ड रखेगा।
- जवान को कोई दिक्कत है तो उसकी लीव हिस्ट्री रिपोर्ट जांची जाएगी।
- अगर किसी जवान में कोरोना के संदिग्ध लक्ष्ण हैं तो उसके सेंपल लेकर उसे 14 दिन तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा।
- पॉजिटिव रिपोर्ट है तो जवान को तुरंत आइसोलेशन सेंटर में भेजने का प्रावधान है।
- इस बीच जितने भी लोग उस जवान के संपर्क में आए हैं, उन सभी को घर या अस्पताल के क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाना चाहिए।
- सभी जवान अपने आवासीय परिसर को केमिकल से साफ करें।
- अस्पताल, दफ्तर, सेमिनार हाल, क्लब और मनोरंजन कक्ष आदि में क्या सावधानी बरतनी हैं, इस बाबत विस्तृत नियमावली जारी की गई है।
- छत, दीवार, फर्श को साफ करने के लिए सोडियम हाइपोक्लॉरिट कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना है, सभी जवानों को यह बताया गया है।
- घर या बैरक में आइसोलेशन रूम तैयार करने और उसे किटाणु रहित बनाने की तरकीब बताई गई है।
- एंबुलेंस और दूसरे वाहनों को कैसे सैनेटाइज करना है, इसका तरीका समझा दिया है
- यूनिट अस्पतालों को कैसे सुरक्षित बनाना है, इस बारे में भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
- हेल्थ केयर प्रोवाइडर (एचसीपी) में क्या-क्या शामिल होता है।
- पॉजिटिव केस है तो उस स्थिति में दस्ताने, फेस शील्ड और एन 95 फेस मास्क सहित दूसरी कौन सी सावधानी बरतनी हैं, जवान इससे परिचित हैं।
- मॉर्निंग असेंबली में जवानों को रोजाना कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी दी जाती है।