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क्या इटली से आने वाले कोरोना के खतरे को भांपने में चूक गया भारत

Sat, 14 Mar 2020 03:00 PM IST
Anil Pandey अनिल पांडेय
Updated Sat, 14 Mar 2020 03:00 PM IST
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Coronavirus in India, How china tackle it, India miss threat of Corona coming from Italy
हवाई अड्डे पर इंतजार करते यात्री - फोटो : PTI

चीन के बाद कोरोना वायरस की वजह से सबसे ज्यादा मौतें इटली में दर्ज हुई हैं। यहां अब तक 1,226 लोग इस संक्रमण की वजह से काल के गाल में समा चुके हैं। हालांकि चीन के आंकड़ों पर दुनियाभर की एजेंसियां शक भी जता रही हैं। चीन में अब तक 3,176 मौतें हुई हैं। चीनी सरकार ने कहा है कि वह कोरोना वायरस पर नियंत्रण कर चुकी है।


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चीन के बाद कोरोना वायरस की वजह से सबसे ज्यादा मौतें इटली में दर्ज हुई हैं। यहां अब तक 1,226 लोग इस संक्रमण की वजह से काल के गाल में समा चुके हैं। हालांकि चीन के आंकड़ों पर दुनियाभर की एजेंसियां शक भी जता रही हैं। चीन में अब तक 3,176 मौतें हुई हैं। चीनी सरकार ने कहा है कि वह कोरोना वायरस पर नियंत्रण कर चुकी है।

वहीं इटली और यूरोप को चीन के बाद कोरोना वायरस का दूसरा बड़ा केंद्र माना जा रहा है। यहां इन दोनों ही क्षेत्रों से लोग दुनियाभर में पहुंचे हैं और उनके साथ ही फैला है यह जानलेवा कोरोना वायरस। हमारे देश में अब तक कोरोना संक्रमण के जितने भी मामले दर्ज हुए हैं, उनमें से अधिकांश का यात्रा विवरण यह बताता है कि उन्होंने इटली और यूरोप की यात्रा की है।

हमारे देश में कोरोना के मामले मिलने से पहले एहतियातन चीन से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू की गई थी। तब तक इटली और यूरोप से आने वाले लोग बेधड़क भारत में पहुंचते रहे। जयपुर में जिन 14 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई वो सभी इटली से आए हुए पर्यटक थे। इसके बाद संक्रमण के जो मामले सामने आए या जिन पर शंका हुई वो सभी हाल-फिलहाल में इटली या यूरोप की यात्रा पर जा चुके थे।

इसका मतलब यह हुआ कि यदि हमारा तंत्र समय रहते इटली और यूरोप से आने वाले लोगों की स्कैनिंग शुरू कर देता तो शायद यह संक्रमण इतना बड़ा रूप न ले पाता। वहीं कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले भारतीय भी यदि जागरूकता और सतर्कता दिखाते हुए प्रशासन की सहायता करें तो इस संक्रमण को काफी तेजी से रोका जा सकता है।

हाल ही में हमारे देश में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनसे यह पता चलता है कि यदि हम अपने नागरिक कर्तव्यों का जिम्मेदारी के साथ पालन करते तो कोरोना का आंकड़ा 80 तक न पहुंचता। कोरोना प्रभावित देशों से कई ऐसे लोगों के बारे में आपने समाचार माध्यमों पर पढ़ा होगा जिन्होंने अपना यात्रा विवरण छुपाए रखा। तो कई ऐसे भी थे, इलाज छोड़ अस्पताल से भाग गए।

उड़ीसा के कटक में कोरोना के संभावित संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती किया गया एक एक आयरिश नागरिक भाग गया। वह भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भारत पहुंचा था। प्रशासन उसकी तलाश कर रहा है।

वहीं कर्नाटक के मंगलूरू से भी कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज भाग गया। ऐसी ही घटना महाराष्ट्र के नागपुर से भी आई है। जहां अस्पताल में भर्ती चार लोग बिना सूचना दिए वापस घर चले गए। पुलिस ने चारों का पता लगाकर उन्हें अस्पताल लौटने के लिए कहा है।

वहीं चीन ने बेहद सख्ती से कोरोना से निपटने की योजना बनाई और उसमें सफल होता भी दिख रहा है।

पांच तरीकों से चीन जीत रहा कोरोना से जंग

  • आक्रामक उपाय: एक माह पहले रोज 3000 केस आते थे, शुक्रवार को सिर्फ 8 आए। लॉकडाउन,सख्त क्वारेंटाइन और अनिवार्य जांच ने हजारों को संक्रमण से बचाया।
  • संक्रमितों को अलग करना: खास बनाए गए फीवर क्लिनिकों में जांच से संक्रमितों की पहचान कर उन्हें जल्द अलग कर दिया गया।
  • मुफ्त मेडिकल सुविधा: टेस्ट और अस्पताल में इलाज मुफ्त। इससे हॉस्पिटल बिल का डर नहीं रहा, लोग बिना डरे सामने आए। रातोंरात अस्थायी अस्पताल खोले गए।
  • मजबूत नागरिक भावना: 40 हजार डॉक्टर, नर्सें और वॉलंटियर्स वुहान में डटे। हाईवे कर्मचारियों तक ने तापमान लेने में मदद की।
  • ऑनलाइन शिफ्टिंग: इलाज और सभी जरूरी चीजों के लिए लोगों ने इंटरनेट से मदद ली। पढ़ाई, खाना और सभी चीजें इसी से मंगाई। इससे करीब दो माह तक घर पर बंद रहने से भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ा।

दुनिया में कोरोना से निपटने के उपाय

  • फ्रांस: सोमवार से स्कूल और एफिल टावर अनिश्चितकाल के लिए बंद।
  • संयुक्त राष्ट्र: यूएन में काम करने वाली फिलीपींस की महिला राजनयिक का टेस्ट पॉजिटिव आया है।
  • नेपाल: एवरेस्ट पर पर्वतारोहण अभियान बंद कर दिए हैं ।
  • जर्मनी: 1300 संक्रमित, मर्केल ने कहा जल्द ही वैक्सीन तैयार करेंगे।
  • स्पेन: इमरजेंसी की घोषणा की गई।
  • ऑस्ट्रेलिया: बड़े आयोजनों पर प्रतिबंध, विदेश न जाने की सलाह।
  • इटली: रोम में सभी चर्च 3 अप्रैल तक बंद रखने के निर्देश जारी।
हमारे देश में कोरोना से निपटने की तैयारियां
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कोरोना के मामलों पर निगरानी रखने के लिए मंत्रियों के एक समूह (GoM) का गठन किया है।
  • चीन से भारत आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। किसी भी तरह की आशंका होने पर अलग रखकर उनका इलाज किया जा रहा है।
  • कोरोना वायरस से जुड़ी शिकायत और सुझाव के लिए 24 घंटे का कॉल सेंटर शुरू किया गया है। इसका नंबर है: 01123978046
  • ट्रैवल एडवाइजरी जारी की गई।
  • ट्रैवल पॉलिसी में बदलाव किए गए।
  • 21 हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई है।
  • थर्मल स्क्रीनिंग वो प्रक्रिया है जिसके तहत कोरोना जैसे वायरस के संक्रमण की जांच की जाती है।
महामारी अधिनियम 1897 (एपिडेमिक डिजीजेस एक्ट 1897)
  • इस कानून के तहत भारत में एचवनएनवन से संक्रमित लोगों को अलग रखे जाने और कुछ खास अस्पतालों में उनका इलाज कराए जाने का प्रावधान है।
  • यह अधिनियम निजी अस्पतालों को एचवनएनवन से संक्रमित लोगों के लिए अलग रखे जाने की सुविधा की व्यवस्था करने और ऐसे मामलों की जानकारी सरकार तक पहुंचाने का निर्देश देता है।
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