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दूसरी लहर : एक साल बाद कहां तक पहुंचा कोरोना का कालचक्र, जानिए विस्तार से
Tue, 30 Mar 2021 06:21 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Tue, 30 Mar 2021 06:21 PM IST
सार
- देश में एक साल पहले आया था कोरोना संक्रमण
- फिलहाल कोरोना मरीजों की संख्या डेढ करोड़ के पार
- मार्च 2020 में 500 से ज्यादा थे कोरोना के मरीज
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भारत में कोरोना का एक साल
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना का एक बार पीक देख चुके भारत में पिछले कुछ समय से यह संक्रमण फिर तेजी से बढ़ रहा है। हर दिन करीब 60 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। 29 मार्च 2021 को कोरोना के 68,020 नए मामले सामने आए। यानी देश में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,60,32,655 हो गई है। कुल मौतों की संख्या 1,61,851 हो गई है। वहीं पिछले साल इसी महीने में देश में कोरोना के कुल 536 मामले थे। लेकिन एक साल बाद यानी मार्च 2021 में यह आंकड़ा करोड़ों में पहुंच गया है।
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देश में तीन महीने तक लगा लॉकडाउन
देश में कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च 2020 को 'जनता कर्फ्यू' लगाया था। उसके दो दिन बाद 24 मार्च, 2020 को देशव्यापी लॉकडाउन का एलान कर दिया गया। लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। करीब तीन महीने तक प्रतिबंध पूरी तरह से लागू रहे। जून से लॉकडान में ढील दी गई है। उसके बाद यातायात, रेलवे, हवाई सफर को धीरे-धीरे खोला गया।
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सितंबर में पीक पर था कोरोना
भारत में कोरोना का पहला केस जनवरी 2020 में केरल में सामने आया था। उसके बाद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती गई। देश में कोरोना की पहली लहर अगस्त, सितंबर 2020 में पीक पर रही, उस वक्त देश में कोरोना मरीजों की संख्या 50 लाख के पार हो चुकी थी। जबकि 80 हजार से ज्यादा लोगों की जान भी जा चुकी थी। समय बीतने के साथ ही कोरोना मरीजों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई।
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मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग से कोरोना पर रोक
कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने लोगों को मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को पालन करने के लिए प्रेरित किया। सरकार की इस अपील से कोरोना बीमारी को रोकने में काफी मदद मिली। लोग घरों से बाहर निकलने पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रख रहे हैं।
घरों में साफ सफाई का भी काफी ख्याल रखा जा रहा है। संक्रमण से बचने के लिए लोग बार-बार साबुन से हाथ साफ कर रहे हैं। इसके अलावा सैनेटाइजर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
एंटीबॉडी टेस्ट से मदद
कोरोना पर अन्य तरीकों से काबू पाने के लिए सरकार ने एंटीबॉडी टेस्ट की मदद ली। सरकार ने फैसला किया कि वह किसी व्यक्ति में कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि करने के लिए एंटीबॉडी टेस्ट करेगी।एंटीबॉडी टेस्ट से यह पता लग पाएगा कि उक्त व्यक्ति पहले इस वायरस से संक्रमित हुआ है कि नहीं।
जीवनशैली में बदलाव
कोरोना से बचने के लिए लोग भी सतर्क और सावधान होने लगे। लोगों ने अपनी जीवनशैली में बदलाव शुरू कर दिया। वह चाहे रहन-सहन, खान-पान या फिर कामकाज के तरीके ही क्यों ना हों। लोगों ने संक्रमण से दूर रहने के लिए कई घरेलू नुस्खों का भी प्रयोग किया।
फरवरी 2021 से कोरोना की दूसरी लहर
हालांकि लोगों की जागरूकता और सावधानी से नए साल में कोरोना के मामले घटने लगे। जनवरी 2021 से कोरोना पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया था। लेकिन फरवरी 2021 के अंत में फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे। यानी इससे साफ है कि देश में दूसरी लहर की शुरुआत तेजी से हो गई। महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक सहित कई राज्यों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
16 जनवरी से टीकाकरण अभियान जारी
देश में 16 जनवरी से टीकाकरण अभियान भी जारी है। फिलहाल देश में करीब 6 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है।
इन राज्यों में हालात बेकाबू
महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में कोरोना की लहर तेजी से फैल रही है। इसमें से महाराष्ट्र में तो एक दिन में 25 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी लगातार होती जा रही है।