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कोरोना: केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में पहले संदिग्ध मामले की रिपोर्ट निगेटिव
Wed, 18 Mar 2020 10:54 AM IST
आसिम खान
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 18 Mar 2020 10:54 AM IST
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में पिछले सप्ताह कोरोनावायरस का पहला संदिग्ध मामला सामने आया था। छत्तीसगढ़ में तैनात सीआरपीएफ की 219 बटालियन के एक सिपाही के सेंपल लेकर उन्हें जांच के लिए मुंबई भेजा गया था। अच्छी बात यह है कि अब उस सिपाही की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रिपोर्ट आने तक सिपाही को आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया था। आसपास की सभी बैरकों में रहने वाले जवानों की जांच की गई है। वह सिपाही केरल का रहने वाला है। फरवरी में वह 30 दिन की छुट्टी लेकर अपने घर गया था।
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सूत्रों के अनुसार, सिपाही की मां को दिल की बीमारी थी। उसका इलाज कराने के लिए वह उसे अलेप्पी के सिविल अस्पताल में ले गया। वहां पर पहले से ही इटली के तीन नागरिक, जिन्हें कोरोनावायरस के संदिग्ध मरीज के तौर पर भर्ती कराया गया था, मौजूद थे। उन तीनों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। तब तक वह सिपाही जानता भी नहीं था कि इस अस्पताल में कोरोना के तीन इटालियन भर्ती हैं।
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उसे बाद में पता चला कि यहां पर इटली के तीन लोगों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया था। इलाज के चलते सिपाही को काफी देर तक उस अस्पताल में रहना पड़ा। शाम को उसे खुद की तबियत खराब होने का अंदेशा हुआ। खांसी और हल्का बुखार आ गया। सीआरपीएफ जवान ने सामान्य थकान जैसा कुछ मानकर घरेलू इलाज कर लिया। 10 मार्च को वह अपनी बटालियन में पहुंच गया। वहां रात को उसे तेज बुखार हो गया। खांसी भी आती रही।
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जब हालत बिगड़ने लगी तो उसे बटालियन के मेडिकल अफसर के पास ले जाया गया। सुकमा जिले के सीएमओ को भी मामले की जानकारी दी गई। वहां से डॉक्टरों की एक टीम बटालियन में पहुंची और सिपाही के खून के नमूने लिए गए। सीआरपीएफ का कहना था कि अभी इसे कोरोनावायरस का पॉजीटिव केस नहीं माना जा सकता। अभी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करना होगा। उसके बाद ही कुछ पक्का कहा जा सकता है। वह सिपाही कुक था और उसने जवानों के लिए एक दिन का खाना भी बनाया था।
इस बीच वह कई जवानों के संपर्क में आया। इसके चलते बटालियन में सभी जवानों की जांच शुरु कर दी गई। उस सिपाही के आसपास रहने वाले कई सैम्पल लिए गए। बटालियन में यह आदेश जारी कर दिया गया कि छुट्टी या कहीं बाहर से लौटने वाले सभी जवानों को अपनी जांच करानी होगी। डॉक्टर की क्लीन चिट मिलने के बाद ही उन्हें दूसरे जवानों के बीच आने दिया जा रहा है।
कोरोना वायरस के चलते सीआरपीएफ ने आगामी सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इनमें पदोन्नति के अलावा कई तरह के 'इन सर्विस कोर्स' भी शामिल हैं। इन परीक्षाओं का शेड्यूल 16 मार्च से 31 मार्च तक जारी किया गया था। इसके लिए नई तिथि बाद में जारी की जाएगी। सीआरपीएफ में मौजूदा जो ट्रेनिंग चल रही है या अन्य किसी तरह का कोर्स जारी है, वहां पर मेडिकल सुविधा मुहैया करा दी गई है। डॉक्टर सभी प्रशिक्षणार्थियों की मेडिकल जांच कर यह पता लगाएंगे कि उनमें कोई कोरोना का संदिग्ध तो नहीं है।