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कोरोना का भय: शूटिंग की अनुमति के बावजूद सूनी है दादा साहेब फाल्के फिल्मनगरी

Sat, 11 Jul 2020 05:32 AM IST
योगेश साहू सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई।
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 11 Jul 2020 05:32 AM IST
सार

  • सिर्फ 7 फिल्मों-धारावाहिकों की हो रही है शूटिंग
  • पहले रोज होती थी 35 से 40 फिल्मों की शूटिंग

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Coronavirus Fear: Dada Saheb Phalkes film industry despite shooting permission
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोरोना के कहर से फिल्म उद्योग भी बुरे संकट के दौर से गुजर रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने फिल्मों की शूटिंग के लिए सशर्त अनुमति दी है। फिर भी मुंबई की दादा साहेब फाल्के फिल्म नगरी सूनी-सूनी है। जहां प्रतिदिन 35 से 40 फिल्मों की शूटिंग होती थी, वहां आज करीब सात फिल्मों और धारावाहिकों की शूटिंग हो रही है।

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कोविड-19 महामारी के चलते बॉलीवुड में भी सन्नाटा छाया है। फिल्मों की शूटिंग लगातार तीन महीने तक बंद होने से कलाकारों के सामने जीविकोपार्जन की समस्या उठ खड़ी हुई थी। वहीं, फिल्म निर्माताओं व वितरकों को भी खासा आर्थिक नुकसान सहन करना पड़ रहा था।
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इसे देखते हुए राज्य सरकार ने करीब एक माह पहले कुछ शर्तों के साथ फिल्मों व धारावाहिकों की शूटिंग की इजाजत दे दी। शूटिंग की अनुमति मिलने के बावजूद बॉलीवुड में फिल्मों की शूटिंग बहुत ही कम संख्या में शुरू हुई है। कोरोना से बचाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की शर्त रखी गई है जिससे निर्माताओं पर और आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
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फिल्म नगरी में कार्यरत सुरक्षा रक्षकों का कहना है कि कोरोना संकट से पहले फिल्म, धारावाहिक और विज्ञापन की शूटिंग के लिए हर दिन करीब पांच हजार लोग यहां आते थे। लेकिन अब 200 से 250 लोग ही आ रहे हैं।

फिल्म नगरी की प्रबंधक संगीता शेल्के के अनुसार फिलहाल, फिल्म नगरी में एक महानायक, ये रिश्ता क्या कहलाता है, छोटी सरदारनी, ये रिश्ते हैं प्यार के, बैरिस्टर बाबू, एक टीवी सीरियल और मराठी फिल्म स्वराज्य जननी जीजा माता सहित कुल सात फिल्मों की शूटिंग शुरू है।

सरकार के अदूरदर्शितापूर्ण निर्णय की भेंट चढ़ गया है फिल्म उद्योग : मिश्र
फिल्म सिटी के पूर्व उपाध्यक्ष व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे अमरजीत मिश्र ने कहा कि मुंबई के मुख्य आकर्षण का केंद्र समझा जाने वाला फिल्म उद्योग राज्य सरकार के अदूरदर्शितापूर्ण निर्णय की भेंट चढ़ गया है। सरकार ने शर्त रखी है कि हर शूटिंग स्थल पर एंबुलेंस के साथ डॉक्टर और नर्स का रहना अनिवार्य है।


जबकि फिल्म नगरी के मानक में पहले से ही एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां मौजूद रहती है। वहीं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को शूटिंग की अनुमति नहीं है जबकि कुछ किरदार ऐसे हैं जो इस उम्र के हैं उन्हें हटाया नहीं जा सकता।

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