कोरोना वायरस से लड़ाई में दिख रही मुस्तैदी, लेकिन भारी पड़ सकती है ये लापरवाही
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लेकिन इस सतर्कता के बाद भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन सहित अनेक जगहों पर हाथों को सेनेटाइज करना लोगों की मर्जी पर छोड़ा जा रहा है। इससे संक्रमित व्यक्ति के भी सार्वजनिक जगहों पर पहुंचने और इसके कारण संक्रमण दूसरों तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने अमर उजाला को बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के साथ-साथ अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई है। लेकिन यात्रियों की भारी संख्या होने के कारण सभी यात्रियों की चेकिंग संभव नहीं है।
इसलिए यात्रियों से अनुरोध किया जा रहा है कि कोरोना से संभावित लक्षण होने पर वे स्वयं स्टेशन पर अपना परीक्षण करवा लें। इसके बाबत रेलवे स्टेशनों पर लगातार संदेश भी प्रसारित किए जा रहे हैं।
दिल्ली सचिवालय पर भी सामान्य लोगों के प्रवेश के लिए बने प्रमुख प्रवेश द्वार पर ही सैनेटाइजर की व्यवस्था की गई है। यहां सभी आगंतुक अपने हाथ को सैनेटाइज कर सकते हैं। इसके अलावा हर फ्लोर पर भी सैनेटाइजर रखे गए हैं।
लेकिन इसके बाद भी यह लोगों की इच्छा पर छोड़ा गया है कि वे सैनेटाइजर का इस्तेमाल करते हैं या नहीं। इसी प्रकार लोगों के शरीर का तापमान बताने वाले थर्मल स्कैनर की व्यवस्था भी सभी जगहों पर नहीं की गई है। इससे संक्रमित व्यक्ति के सचिवालय में जाने की संभावना बनी हुई है।
इसी प्रकार दिल्ली पुलिस मुख्यालय में भी सैनेटाइजर की व्यवस्था कर दी गई है। पूर्वी दिल्ली के वीथ्रीएस मॉल में भी आने वाले के लिए सैनेटाइजर की व्यवस्था है। सुरक्षा में लगे गार्ड आने-जाने वालों को सैनेटाइजर उपलब्ध करवा रहे हैं।
मॉल में बने अनेक रेस्टोरेंट में भी अपने-अपने स्तर पर लोगों को सैनेटाइजर उपलब्ध करवा रहे हैं। कर्मचारियों को सैनेटाइज करने के साथ-साथ फेसमास्क भी लगाने के लिए दिया जा रहा है। लेकिन यहां भी आने वाले लोगों के लिए यह अनिवार्य नहीं किया गया है।