कोरोना : डेल्टा अब भी चिंता का सबब, 41 हजार संक्रमित मिले, फ्रांस में पांचवीं लहर शुरू, जर्मनी में चौथी की आशंका
यह खुलासा एक लाख कोरोना मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग में हुआ है। सैंपल में 69 फीसदी गंभीर स्वरूप के मिल चुके हैं। इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकॉग) की बृहस्पतिवार को यह रिपोर्ट जारी की है।
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विस्तार
कोरोना महामारी को लेकर राहत की खबर है कि देश में अब वायरस के दूसरे स्वरूप (म्यूटेशन) गायब होने लगे हैं। हालांकि, दोबारा से संक्रमित करने वाला डेल्टा या फिर इससे जुड़े अन्य म्यूटेशन चिंता का सबब बने हुए हैं। इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकॉग) की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में 1,15,101 सैंपल की जीनोम सीक्वेसिंग करने में कामयाबी मिल चुकी है।
इनमें से 45,394 (69 फीसदी) में गंभीर श्रेणी के म्यूटेशन मिले हैं। इनमें से 41 हजार नमूनों में डेल्टा और डेल्टा प्लस जैसे आक्रामक म्यूटेशन दिखाई दिए हैं। 28,820 में डेल्टा, 5,450 में डेल्टा प्लस और 6,611 में एवाई श्रेणी के म्यूटेशन मिले हैं। इन्साकॉग ने कहा, देश में अब वायरस के दूसरे म्यूटेशन कमजोर होने लगे हैं। गामा जैसे म्यूटेशन तो बिल्कुल गायब हो चुके हैं। कोरोना वायरस में दूसरा कोई बड़ा म्यूटेशन अब तक नहीं होने की जानकारी भी है।
इसलिए खतरनाक है डेल्टा... दूसरी लहर के लिए भी था जिम्मेदार
- नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के निदेशक डॉ. अनुराग अग्रवाल के अनुसार, डेल्टा वायरस महामारी को दोबारा से फैलाने की पूरी क्षमता रखता है। भारत में दूसरी लहर इसी का परिणाम थी।
- आईजीआईबी ने डेल्टा को लेकर भारत का पहला अध्ययन भी किया था। इसमें पता चला कि टीका ले चुके व्यक्ति को भी डेल्टा संक्रमित कर सकता है।
296 स्वरूप मिले देश में
इन्साकॉग के एक अधिकारी ने बताया कि देश में वायरस के 296 स्वरूप मिल चुके हैं। इनमें से हर स्वरूप से खतरा नहीं है। अल्फा, बीटा, गामा, कप्पा जैसे वैरिएंट अब दिखाई नहीं दे रहे हैं। हालांकि, डेल्टा वैरिएंट के 25 से अधिक म्यूटेशन मिल चुके हैं।
इन्साकॉग
सार्स-कोव-2 में संरचना के अंतर की निगरानी के लिए गठित किया गया 28 राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का अखिल भारतीय नेटवर्क है इन्साकॉग, जो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
खत्म नहीं हुई जंग, किसी स्तर पर न हो लापरवाही : मांडविया
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि कोरोना से जंग अंतिम चरण में है। राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में उन्होंने कहा, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
फ्रांस में 5वीं लहर शुरू, जर्मनी में चौथी की आशंका
कोरोना वायरस एक बार फिर भयावह रूप लेता दिख रहा है। ब्रिटेन, रूस और जर्मनी के बाद अब फ्रांस में भी वायरस की गति तेज हो गई है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ऑलिवर वेरन ने कहा है कि फ्रांस में कोरोना महामारी की 5वीं लहर की शुरुआत हो गई है। वहीं, रूस में कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित 83 फीसदी बिस्तर भर गए हैं। बीते 24 घंटे में वायरस रिकॉर्ड 1,239 मरीजों की जान ले चुका है। वहीं, जर्मनी में चौथी लहर की आशंका है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने देश के लोगों को चेताया है कि महामारी का अभी अंत नहीं हुआ है। रूस के उप प्रधानमंत्री तात्याना गोलिकोवा ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित 3,01,500 बिस्तर में से 83 फीसदी बिस्तर भर गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुरास्खो ने कहा, रूस के 12 क्षेत्रों के कुछ अस्पतालों में सिर्फ दो से तीन दिन की ही ऑक्सीजन बची है। इस संकट से निपटने के लिए तैयारी चल रही है।