Coronavirus : बुजुर्गों को संक्रमण का खतरा ज्यादा, सरकार ने जारी की एडवाइजरी
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60 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को, खासतौर पर उन्हें जो किसी प्रकार की बमारी से पीड़ित हैं, कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और एम्स दिल्ली के जरा चिकित्सा विभाग के साथ एक एडवाइजरी तैयार की है जिसका इस समय के दौरान सभी वरिष्ठ नागरिकों और उनका ख्याल रखने वालों को पालन करना चाहिए।
इस एडवाइजरी में बताया गया है कि जनसंख्या 2011 के मुताबिक देश में करीब 16 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं। इसके अनुसार देश में 8.8 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों की आयु 60-69 वर्ष के बीच है। 70-79 वर्ष के बीच की आयु के देश में 6.4 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं। 80 वर्ष की आयु से अधिक या जिन्हें मेडिकल सहायता की आवश्यकता है, ऐसे 2.8 करोड़ लोग हैं वहीं, आशृयहीन या गरीब बुजुर्गों की संख्या 0.18 करोड़ है। इस एडवाइजरी में यह बताया गया है कि वरिष्ठ नागरिक और उनके परिजन इस समय में उनकी कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा किस तरह करें।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए
क्या करें
- पूरा समय घर के अंदर ही रहें।
- घर में लोगों को बुलाने से बचें।
- अगर मिलना बेहद जरूरी है तो एक मीटर की दूरी जरूर बनाए रखें।
- अगर अकेले रहते हैं तो जरूरी वस्तुओं के लिए पड़ोसी की सहायता ले सकते हैं।
- किसी भी तरह की छोड़ी या बड़ी भीड़ में जाने से बचें।
- घर के अंदर चलते-फिरते रहें।
- हल्का व्यायाम या योग करने की आदत डालें।
- हाथ धोते रहें, खासकर खाना खाने से पहले और बाथरूम का इस्तेमाल करने के बाद साबुन से कम से कम 20 सेकेंड तक हाथ धोएं।
- चश्मे और टीवी रिमोट जैसी वस्तुओं, जिन्हें अक्सर छीना पड़ता हो, को लगातार साफ करते रहें।
- छींक या खांसी आए तो टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और इस्तेमाल के बाद उसे तुरंत कूड़ेदान में डालें।
- घर का बना पौष्टिक भोजन लें और इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने के लिए ताजा जूस लें।
- अपनी दवाई लगातार लेते रहें।
- अपने स्वास्थ्य पर नजर रखें। अगर बुखार या खांसी या सांस लेने संबंधी कोई तकलीफ या कोई भी अन्य समस्या होती है तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
- वीडियो कॉल या फोन की सहायता से खुद से दूर परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों से बात करें।
क्या न करें
- ऐसे व्यक्ति के संपर्क में न आएं जिसमें कोरोना संक्रमण के लक्षण दिख रहे हों।
- न किसी से हाथ मिलाएं न गले मिलें।
- भीड़ में न जाएं, बाजार, पार्क या धार्मिक स्थलों पर न जाएं।
- नंगे हाथों पर न छींकें न खांसें।
- आंखें, मुह और नाक न छुएं।
- बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा न लें।
- किसी को भी घर पर न बुलाएं।
ख्याल रखने वालों के लिए
क्या करें
- बुजुर्ग व्यक्ति की सहायता करने से पहले अपने हाथ धोएं।
- बुजुर्ग व्यक्ति की मदद करते वक्त अपना मुह और नाक किसी कपड़े से ढके रहें।
- अधिक इस्तेमाल में आने वाली सतहों को साफ रखें, जैसे कि टहलने की छड़ी, व्हीलचेयर, चश्मा, रिमोट आदि।
- वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखें।
क्या न करें
- बुखार, खांसी या सांस की समस्या से पीड़ित वरिष्ठ नागरिक के पास न जाएं।
- वरिष्ठ नागरिकों को केवल बेट पर न पड़ा रहने दें।
- बिना हाथ धुले वरिष्ठ नागरिकों को न छुएं।
मानसिक रूप से बीमार वरिष्ठ नागरिकों के लिए
क्या करें
- परिजनों से बात करते रहें।
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पड़ोसियों से बात करते रहें।
- शांत माहौल में रहें।
- संगीत सुनें, पेंटिंग करें, ऐसी कोई पुरानी रुचि हो तो उसे करें।
- अकेलापन दूर करने के लिए तंबाकू या शराब का सेवन न करें।
- अगर पहले से कोई मानसिक बीमारी है तो हेल्पलाइन 8046110007 पर संपर्क करें।
क्या न करें
- खुद को बिलकुल अकेला न करें।
- खुद को एक कमरे में बंद न करें।
- किसी सनसनी फैलाने वाले समाचार या सोशल मीडिया पोस्ट को फॉलो न करें।
- इस तरह की किसी पोस्ट को शेयर भी न करें।