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कोरोना वायरस: 75 प्रतिशत शहरी नागरिकों पर कोरोना की आर्थिक मार
Fri, 11 Dec 2020 07:58 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 11 Dec 2020 07:58 AM IST
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रुपये - सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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कोविड-19 महामारी ने देश के 75 फीसदी शहरी नागरिकों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। इनमें आधे लोगों की आर्थिक स्थिति पिछले साल के मुकाबले बदतर है। ब्रिटेन की शोध कंपनी कंतार ने एक अध्ययन में कहा कि मौजूदा माहौल में भारतीय अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सबसे बड़ी चिंता वित्तीय हालात को लेकर है। यह अध्ययन 15 राज्यों में 10,000 से अधिक शहरी उपभोक्ताओं से बातचीत पर आधारित है।
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इसमें कहा गया है कि बाहर घूमने-फिरने व मनोरंजन की गतिविधियों के पूरी तरह पटरी पर लौटने में एक साल लग जाएगा। वित्तीय संकट के कारण लोग ब्रांड को तरजीह नहीं दे रहे हैं बल्कि उत्पाद की उपलब्धता और कीमत पर जोर दे रहे हैं।
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खर्च करने में कंजूसी कर रहे लोग
अध्ययन के मुताबिक, आर्थिक संकट के कारण अधिकांश लोग खरीदारी करते समय छूट पर जोर दे रहे हैं। 57 प्रतिशत लोग अपनी खरीदारी टाल रहे हैं या छूट का फायदा उठा रहे हैं। कोरोना से पहले यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था। इसका मतलब है कि लोग पैसे खर्च करने में कंजूसी दिखा रहे हैं और अच्छी डील का इंतजार कर रहे हैं।
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प्रीमियम उत्पाद की बढ़ी खरीदारी
कंतार के मुख्य रणनीति अधिकारी (दक्षिण एशिया) हेमंत मेहता का कहना है कि अधिकांश खर्च को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि वे ऐसे प्रीमियम उत्पाद पर खर्च करने को तैयार हैं जो उन्हें सुविधाजनक लगता है। उन्होंने कहा, इंटरटेनमेंट और सुख सुविधा की अन्य गतिविधियों से जो बचत हो रही है, उसका इस्तेमाल महंगे सामान की खरीदारी में हो रहा है।