{"_id":"5f8a0b468ebc3e5fa3000e0e","slug":"corona-virus-may-increase-in-winter-due-to-pollution","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्दियों में प्रदूषण के कारण बढ़ सकता है कोरोना का कहर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सर्दियों में प्रदूषण के कारण बढ़ सकता है कोरोना का कहर
Sat, 17 Oct 2020 02:36 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 17 Oct 2020 02:36 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली में प्रदूषण का धुंध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नीले आसमान और स्वच्छ हवा वाले कुछ महीनों के बाद दिल्ली-एनसीआर को डराने के लिए धुएं से भरे धुंधले आकाश के दिन लौट आए हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सर्दी के मौसम में सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि हवा में प्रदूषण का ज्यादा स्तर कोविड-19 (कोरोना वायरस) के प्रभाव को ज्यादा बदतर कर सकती है।
विज्ञापन
पर्यावरण व स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खासतौर पर कोविड-19 के हमले की चपेट में आने की सबसे ज्यादा संभावना वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है, क्योंकि हवा में मौजूद प्रदूषण की पुरानी बीमारी का संबंध गंभीर संक्रमण और ज्यादा मौत से होता है।
विज्ञापन
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लोग प्रदूषण के कारण अपने फेफड़ों में सिकुड़न महसूस कर सकते हैं, जो कोविड-19 की चपेट में आने पर न्यूमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकता है।
विज्ञापन
जलवायु के क्षेत्र में काम करने वाले ग्रीनपीस इंडिया के अविनाश चंचल के मुताबिक, इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि वायु प्रदूषण बढ़ने पर श्वसन तंत्र से जुड़े संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह खतरा संक्रमण की गंभीरता और इसके दूसरों में फैलने यानी दोनों ही तरह से बढ़ जाता है।
उनका कहना है कि शोधकर्ताओं ने वायु प्रदूषण को उस मैकेनिज्म से जुड़ा हुआ माना है, जो हमारी प्रतिरक्षक क्षमता को घटाते हैं, क्योंकि इससे हमारे श्वसन मार्ग, पलकों और त्वचा की रक्षक परत को नुकसान पहुंचता है। कोविड-19 के मरीजों में मिले ताजा सबूत वायु प्रदूषण के हालात में ज्यादा खतरनाक होने का संकेत देते हैं।