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कोरोना वैक्सीन : वैज्ञानिकों ने एमआरएनए तकनीक पर वैक्सीन किया तैयार, दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण की मिली अनुमति
Wed, 25 Aug 2021 06:37 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 25 Aug 2021 06:37 AM IST
सार
- विशेषज्ञ समिति (एसईसी) से सिफारिश मिलने के बाद फॉर्मा कंपनी जेनोवा को भारत की पहली एमआरएनए वैक्सीन के लिए दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण एक साथ शुरू करने की अनुमति दी गई है
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कोवैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन देने के बाद अब भारतीय वैज्ञानिकों ने एमआरएनए तकनीक पर वैक्सीन को तैयार कर लिया है। इस वैक्सीन को जानवरों में परीक्षण के दौरान पूरी तरह से सुरक्षित पाया गया है। इसके बाद वैक्सीन के दूसरे व तीसरे चरण के परीक्षण की अनुमति मिल चुकी है।
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अभी अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना के पास एमआरएनए वैक्सीन है। कोवाक्सिन व जायकोव के बाद यह तीसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी। एक और स्वदेशी वैक्सीन पर काम चल रहा है जिसका परीक्षण बायोलॉजिकल ई कंपनी के जरिए किया जा रहा है।
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ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञ समिति (एसईसी) से सिफारिश मिलने के बाद फॉर्मा कंपनी जेनोवा को भारत की पहली एमआरएनए वैक्सीन के लिए दूसरे और तीसरे चरण का परीक्षण एक साथ शुरू करने की अनुमति दी गई है।
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आगामी दिनों में देश के 10 से 15 अस्पतालों में वैक्सीन का परीक्षण दूसरे चरण के तहत होगा, जिसमें यह देखा जाएगा कि वैक्सीन देने के बाद एंटीबॉडी विकसित हो रही हैं या नहीं। जबकि तीसरे चरण का परीक्षण देश के 22 अस्पतालों में होगा और इस परीक्षण में यह देखा जाएगा कि वैक्सीन से बन रही एंटीबॉडी संक्रमण को किस हद तक रोकने में कामयाब हैं।
पशुओं पर सुरक्षित मिला टीका
भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (डीबीटी) की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप ने जानकारी दी है कि इस टीके पर परीक्षण के लिए डीबीटी व आईसीएमआर के रिसर्च नेटवर्क को भी इस्तेमाल किया जाएगा। पशुओं पर परीक्षण में यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित पाई गई है। फिलहाल इसका नाम एचजीसीओ-19 रखा गया है।
जेनोवा बायोफॉर्मास्युटिकल कंपनी के सीईओ डॉ. संजय सिंह ने कहा कि कंपनी ने वैक्सीन के प्रोडक्शन पर भी अभी से ध्यान देना शुरू कर दिया है। ताकि परीक्षण पूरे होने और आपात इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद तत्काल इसे आपूर्ति में लाया जा सके।