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खुशखबरी: मकर संक्रांति पर शुरू हो सकता है कोरोना वायरस का टीकाकरण
Wed, 06 Jan 2021 04:23 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 06 Jan 2021 04:23 AM IST
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कोरोना वायरस वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
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कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहे भारत में दुनिया के सबसे बडे़ टीकाकरण अभियान की शुरुआत मकर संक्रांति से हो सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह संकेत दिया है कि आगामी 14 जनवरी से देशभर में एक साथ पहला वयस्क टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है। पूर्वाभ्यास से मिले आंकड़ों के आधार पर मंत्रालय तैयार है। हालांकि, टीकाकरण का आखिरी निर्णय सरकार को लेना है।
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मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, देश में कोविशील्ड और कोवाक्सिन टीकों के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति तीन जनवरी को दी गई। अनुमति की तारीख से 10 दिन में टीकाकरण शुरू किया जा सकता है। मंत्रालय की तैयारी अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा, देश में दो अलग-अलग चरणों में टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जा चुका है। पहले चरण के तहत चार राज्यों के सात जिलों में पूर्वाभ्यास किया गया।
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वहीं, दूसरे चरण में 125 जिलों के 286 केंद्रों पर पूर्वाभ्यास किया गया था। भूषण ने कहा, पूर्वाभ्यास के दौरान कोई बड़ी खामी नजर नहीं आई है। इन्हीं प्रतिक्रियाओं के आधार पर यह कहा जा सकता है कि स्वास्थ्य मंत्रालय अब टीकाकरण को लेकर पूरी तरह से तैयार है। एक टीकाकरण टीम में पांच सदस्य होंगे। बीते तीन जनवरी को भारतीय औषधि महानियंत्रक ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविशील्ड और भारत बायोटेक कंपनी के कोवाक्सिन टीकों को विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर भारत में आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दी थी।
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टीकों का भंडारण: देश में चार प्राइमरी स्टोर, 37 राज्यस्तरीय केंद्र
स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में चार प्राइमरी वैक्सीन स्टोर बनाए हैं। ये करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में हैं, जहां सबसे पहले टीका पहुंचेगा। देशभर में 37 राज्य भंडारण केंद्र हैं। हर राज्य अपने अपने भंडारण केंद्र से टीकों को सड़क मार्ग के जरिए ब्लॉक और जिला स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएगा।
स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस, सैनिक, निगम कर्मियों के लिए जरूरी नहीं पंजीयन
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि टीकाकरण शुरू होते ही किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को कोविन वेबसाइट पर जाकर पंजीयन कराने की जरूरत नहीं है। पुलिस, सेना जवान, नगर निगम कर्मचारी इन सभी की जानकारी सरकार के पास है। इन्हें अलग से पंजीयन की आवश्यकता नहीं है।
30 करोड़ का लक्ष्य पूरा होने के बाद लोगों को मिलेगा टीका: नीति आयोग
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल का कहना है कि कोरोना टीकाकरण को लेकर अब देश तैयार है। सबसे पहले 30 करोड़ लोगों को टीका दिया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारियों से लेकर सुरक्षा जवान, 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग और पहले से बीमार लोग शामिल हैं। इस समूह को टीका उपलब्ध कराने में करीब जून-जुलाई का वक्त लग सकता है। इस लक्ष्य को पूरा करने के बाद ही टीका बाजार में आम लोगाें के लिए उपलब्ध हो सकता है। तब तक बाजार में और भी कई टीकों के आने की उम्मीद है। इस हिसाब से देखें तो लोगों को बेहद कम कीमत में कोरोना का टीका उपलब्ध हो सकेगा।
बच्चों के लिए भी जल्द आ सकता है टीका
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि बच्चों को लेकर अभी कहीं भी टीका पर काम नहीं हुआ है। भारत बायोटेक कंपनी ने कहा कि दूसरे चरण के परीक्षण में शामिल लोगों की आयु 12 से 65 वर्ष के बीच रही है। हालांकि बच्चों को लेकर भी जल्द ही टीका आने की उम्मीद है।
पुर्तगाल में टीका लगाने के दो दिन बाद नर्स की मौत
पुर्तगाल में फाइजर कंपनी का टीका लगाने के दो दिन बाद 41 वर्षीय एक नर्स की मौत हो गई है। सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। जब टीका लगाया गया था, तब नर्स सोनिया एजेवडो पूरी तरह से स्वस्थ थी और उसे किसी तरह का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं हुआ था। उसने 31 दिसंबर को अपने परिवार के साथ डिनर किया और अगली सुबह मृत पाई गई।