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Corona Update: सिर्फ तीन हफ्ते तक है कोविड मामलों की ऐसी रफ्तार, फिर सुस्त हो जाएगी संक्रमण दर

Mon, 10 Apr 2023 05:41 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Mon, 10 Apr 2023 05:41 PM IST
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सार
Corona Update: आईसीएमआर के सलाहकार वैज्ञानिक और देश के मुख्य महामारी विशेषज्ञ रहे डॉक्टर समीरन पांडा कहते हैं कि अगले तीन हफ्ते महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि इन्हीं तीन हफ्तों के भीतर संक्रमण की दर न सिर्फ कम होगी, बल्कि मामले भी धीरे-धीरे कम होने लगेंगे...
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Corona Update: speed of covid cases for only three weeks, then the infection rate will slow down
Corona Update: कोरोना जांच - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

कोरोना के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से लेकर राज्य की सरकारों ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि चिकित्सा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड के संक्रमण की यह रफ्तार अगले तीन हफ्ते तक ही है। उसके बाद संक्रमण दर न सिर्फ कम हो जाएगी, बल्कि फैल रहे कोविड का खौफ भी कम हो जाएगा।

अगले तीन हफ्ते महत्वपूर्ण

कोविड मामलों पर नजर रखने वाली कमेटी से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में इस तरीके के मामले अचानक बढ़ने शुरू हुए हैं। आईसीएमआर के सलाहकार वैज्ञानिक और देश के मुख्य महामारी विशेषज्ञ रहे डॉक्टर समीरन पांडा कहते हैं कि अगले तीन हफ्ते महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि इन्हीं तीन हफ्तों के भीतर संक्रमण की दर न सिर्फ कम होगी, बल्कि मामले भी धीरे-धीरे कम होने लगेंगे। इसके पीछे तर्क देते हुए डॉक्टर पांडा कहते हैं कि बदलते मौसम के चलते ही यह संक्रमण दर बढ़ी है। उनका कहना है कि हालांकि बढ़ रही संक्रमण दर और पॉजिटिव केसों के मामलों की जिनोम सीक्वेंसिंग भी हो रही है। लेकिन अभी तक कुछ भी ऐसा सामने नहीं आया है, जिससे कि घबराने की या स्थिति विस्फोटक होने के संकेत मिले हों।

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डॉक्टर समीरन पांडा कहते हैं कि कोविड को लेकर अपने देश में अब स्थिति "एंडेमिक" की है। इसलिए डेल्टा वेरिएंट जैसी स्थिति और वायरस के स्वरूप बदलने के बाद भी उस तरीके की भयावहता आने की बिल्कुल संभावना नहीं है। कोविड मामले पर नजर रखने वाली कमेटी से जुड़े एक वरिष्ठ वैज्ञानिक बताते हैं कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जाएगा वायरस के फैलने की क्षमता न सिर्फ कम होती जाएगी, बल्कि उसका असर कम होता जाएगा।

कोविड-19 के अनुरूप ही व्यवहार करें लोग

आईसीएमआर से जुड़े रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संदीप बाली कहते हैं कि बावजूद इसके इस मौसम में लोगों को अभी भी कोविड-19 के अनुरूप ही व्यवहार करना चाहिए। मास्क तो हर हालत में पहनना ही चाहिए, बल्कि अपने हाथों को भी सैनिटाइज करते रहना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में बढ़ रहे कोविड के मामलों को देखते हुए ट्रैकिंग, ट्रेसिंग और टेस्टिंग करने के के लिए स्वास्थ्य महकमे को निर्देश दिया है। इसके साथ-साथ कोविड से बचाव के अनुरूप व्यवहार करने के लिए भी लोगों को जागरूक रहने के लिए कहा है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को ही कोविड को लेकर एक बैठक हुई है। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय आईसीएमआर और कोविड मामलों में नजर बनाए रखने वाली टास्क फोर्स कमेटी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक बीते कुछ दिनों में कोरोना के बढ़े मरीजों की स्थिति और देश के अलग-अलग राज्यों की रिपोर्ट इस बैठक में शामिल की गई। फिलहाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को सतर्कता बरतने के साथ-साथ आपात स्थिति में इस्तेमाल किए जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मॉक ड्रिल के माध्यम से चेक करने के निर्देश दिए हैं।

नियमों का पालन न करने से बढ़ा संक्रमण: आईएमए
वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का कहना है कि देश में नियमों का पालन न करने की वजह से कोरोना बढ़ा है। लेकिन अभी भी अधिकांश राज्यों में नियमों पर जोर नहीं दिया जा रहा है। सोमवार को आईएमए ने आशंका जताते हुए कहा है कि कोरोना से बचाव के कई नियमों के उल्लंघन के कारण मामले में इजाफा देखा जा रहा है। इसके पीछे कोविड प्रोटोकॉल का सही से पालन न करना एक कारण हो सकता है। कुछ महीने पहले ही कोविड के मामलों में कमी आने के बाद बड़ी लापरवाही देखी गई है, जिसमें बिना मास्क के लोगों को बाहर निकलते हुए देखा गया और उनकी ओर से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद कुमार अग्रवाल ने कहा कि तीन साल से पूरी दुनिया महामारी का सामना कर रही है। हमारे पास अच्छे और बुरे दोनों तरह के अनुभव हैं। इसके बाद भी अगर संक्रमण को हल्के में लेते हैं तो महामारी के लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है।

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