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कोरोना: अगले साल तीसरी लहर की आशंका, बच्चों पर भी रहेगा खतरा, बूस्टर डोज के लिए रहें तैयार
Sun, 16 May 2021 07:50 PM IST
सुरेंद्र जोशी
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 16 May 2021 07:50 PM IST
सार
देश में तीसरी कोरोना लहर अगले साल आने की आशंका है। वहीं अक्टूबर तक बच्चों का टीका विकसित हो जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही बूस्टर डोज पर चल रहा है काम।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
दूसरी लहर से जूझ रहे देश के सामने अब तीसरी लहर का भी खतरा मंडरा रहा है। प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन ने जब से कोरोना के तीसरी लहर की भविष्यवाणी की है, वे सार्वजनिक मंच से संबोधित करते नजर नहीं आए हैं। हालांकि कोरोना के म्यूटेशन पर काम करने वाले जिनोमिक्स विशेषज्ञ और आईजीआईबी के निदेशक अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि तीसरी लहर आएगी। यह बच्चों से लेकर सभी के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में हमें बूस्टर डोज के लिए तैयार रहना होगा।
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बकौल अग्रवाल तीसरी के बाद चौथी और इसके आगे भी कोरोना लहरें आ सकती हैं। केन्द्र और राज्य सरकार को इससे निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। वे कहते हैं कि कोरोना वायरस का म्यूटेशन और संक्रमण का प्रसार उसका स्वभाव है, इसलिए आगे भी यह नुकसान पहुंचाता रहेगा।
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अक्टूबर-नवंबर से बूस्टर डोज
केन्द्र सरकार के टास्क फोर्स के सदस्य और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि कोरोना टीके के तीसरे बूस्टर डोज को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। अक्टूबर-नवंबर तक यह तैयार हो जाने की उम्मीद है। जिनोमिक्स वैज्ञानिक अनुराग अग्रवाल का कहना है कि भारत में ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के म्यूटेंट मिले हैं। यहां वायरस ने कई रूपों में म्यूटेट किया। कई म्यूटेंट बहुत घातक नहीं हैं, लेकिन जो घातक हैं, उन पर विशेष सावधानी रखनी होगी। इसे तो पहचान, टीकाकरण, ट्रीटमेंट से ही काबू में किया जा सकेगा।
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नेशनल कोविड टास्क फोर्स, आईसीएमआर के अध्यक्ष डा. एनके अरोड़ा कहते हैं कि वायरस पर निगाह रखने के लिए तमाम टीमें काम कर रही हैं। गांव से लेकर दिल्ली तक वायरस संक्रमण पर निगाह है। केन्द्र सरकार के वैज्ञानिक और अधिकारी बताते हैं कि कोविड की तीसरी लहर अगले साल जनवरी-फरवरी में आने की संभावना है। इसके पहले अक्टूबर-नवंबर तक लोगों को तीसरा बूस्टर डोज लगना शुरू हो जाएगा।
फाइजर का आ चुका बूस्टर डोज
अमेरिका की फाइजर कंपनी का बूस्टर डोज भी आ चुका है। बताते हैं दुनिया के सभी देशों को वायरस, इसके म्यूटेंट की घातकता को देखते हुए इसकी तैयारी करनी होगी।
बच्चों में इस तरह बढ़ रहा संक्रमण
बताते हैं कोरोना संक्रमण की पहली लहर में 200 में से एक बच्चा इससे संक्रमित हुआ था, लेकिन जानकारी सामने नहीं आई थी। इस बार दूसरी लहर में 400 में से चार बच्चे इसकी चपेट में आए। इनकी जानकारी सामने आई है। तीसरी लहर में ऐसी संभावना है कि वायरस बच्चों से लेकर बड़ों तक को अपनी चपेट में ले सकता है। इसलिए वायरस के खतरे को समझते हुए तैयारी की जा रही है।
: There is a, be ready for a