कोरोना की बढ़ती रफ्तार: देश के इन शहरों में भी आज से रात्रि कर्फ्यू...अब रेमडेसिविर की भारी किल्लत
- लखनऊ में कोविड-19 संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर जिले के नगर निगम क्षेत्र में आज से रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है
- मध्यप्रदेश के सभी शहरी इलाकों में आठ अप्रैल से रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने को घोषणा
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विस्तार
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को रिकार्डतोड़ 1 लाख 15 हजार मामले सामने आने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। अब कई राज्य सख्त कदम उठा रहे हैं ताकि संक्रमण पर काबू पाया जा सकते। कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में पहले से ही नाइट कर्फ्यू लागू है। संक्रमण के बीच अब रेमडेसिविर दवा की भी किल्लत सामने आने लगी है। देश में कई जगहों पर इसके लिए मेडिकल के बाहर लंबी लाइन देखने को मिली।
उप्र की राजधानी लखनऊ में कोविड-19 संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर जिले के नगर निगम क्षेत्र में आज से रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में आठ से 16 अप्रैल तक रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि रात्रिकालीन कर्फ्यू सिर्फ लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में ही लागू होगा। ग्रामीण इलाकों में नहीं। कानपुर में भी जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की है। वाराणसी में भी रात 9 बजे से रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा। लखनऊ के जिलाधिकारी ने बताया कि सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक कोविड-19 प्रोटोकोल के साथ कामकाज जारी रहेगा। आवश्यक वस्तुओं को लाने और ले जाने की छूट होगी। इस दौरान फल,सब्जी,दूध, एलपीजी, पेट्रोल - डीजल और दवा की आपूर्ति जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए बेहतर कोविड प्रबंधन पर बल देते हुए कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित रखने और इस महामारी के उपचार के लिए प्रदेश में सभी संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से सफलतापूर्वक निपटने का हमारे पास गहन अनुभव है। उन्होंने संसाधनों तथा अनुभव के बेहतर समन्वय से कोविड-19 के खिलाफ जंग को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, झांसी, बरेली, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर और मुरादाबाद के जिलाधिकारियों से कोविड-19 के उपचार के सम्बन्ध में की जा रही कार्यवाही की जानकारी प्राप्त किए जाने के बाद लिया गया।
आठ अप्रैल से मप्र के शहरी इलाकों में रात्रिकालीन कर्फ्यू
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के चलते राज्य के सभी शहरी इलाकों में आठ अप्रैल से रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने की बुधवार को घोषणा की। साथ ही, प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में आगामी तीन माह तक सप्ताह में पांच दिन (सोमवार से शुक्रवार) ही कामकाज होगा।
चौहान ने ट्वीट किया,‘कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए आज (यहां मुख्यमंत्री) निवास में बैठक कर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में आगामी 3 माह तक सप्ताह में 5 दिन (सोमवार से शुक्रवार), प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही कामकाज होगा। शनिवार-रविवार को ये बंद रहेंगे।’
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इस बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के समस्त नगरीय क्षेत्रों में आठ अप्रैल से आगामी आदेश तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू रहेगा। प्रदेश के समस्त जिलों के नगरीय क्षेत्रों में आगामी आदेश तक प्रत्येक रविवार लॉकडाउन रहेगा।
चौहान ने आगे लिखा, ‘कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मध्य प्रदेश के सम्पूर्ण छिंदवाड़ा जिले में 8 अप्रैल की रात 8 बजे से आगामी 7 दिन तक संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा। शाजापुर शहर में आज (बुधवार) रात 8 बजे से अगले 2 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा।’
अब पूरे पंजाब में रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा, राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगी
कोविड-19 संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन किए बगैर ही रैलियों में भाग लेने के गैर जिम्मेदाराना आचरण को लेकर दिल्ली के अपने समकक्ष अरविंद केजरीवाल और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता सुखबीर सिंह बादल की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को रात के कर्फ्यू का पूरे राज्य में विस्तार करने की घोषणा की और राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगाने का आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक आयोजनों पर रोक का जो भी उल्लंघन करेगा, भले ही वह नेता ही क्यों न हो, उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक आयोजनों पर रोक का आदेश जारी करने को बाध्य हो गए हैं, क्योंकि राजनीतिक दलों से ऐसे आयोजन नहीं करने के उनके अनुरोधों की उपेक्षा की गई।
अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह केजरीवाल और बादल समेत कुछ खास राजनीतिक नेता, जो सुरक्षा नियमों का पालन किए बगैर राजनीतिक रैलियों में भाग ले रहे थे, के आचरण से चकित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार उन्हें शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि यदि वरिष्ठ नेता इस तरह का व्यवहार करेंगे तो आप लोगों से बीमारी के प्रसार के बारे में गंभीर होने की कैसे उम्मीद कर सकते हैं?
मुख्यमंत्री ने कहा कि रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक का रात्रिकालीन कर्फ्यू अब सभी 22 जिलों में लागू रहेगा। इसे अभी तक 12 जिलों में ही लगाया लगाया था।
इंदौर-अहमदाबाद में रेमडेसिविर की भारी किल्लत, दवा दुकानों पर उमड़ी भीड़
मध्यप्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर में महामारी के गंभीर मरीजों के इलाज में प्रमुख तौर पर इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर दवा के इंजेक्शन की भारी किल्लत हो गई है। इसका अंदाजा शहर की एक दवा दुकान के सामने बुधवार को भारी भीड़ उमड़ने के दृश्यों से लगाया जा सकता है, जो किसी भी कीमत पर यह इंजेक्शन हासिल करना चाहती थी।
चश्मदीदों ने बताया कि शहर के दवा बाजार की इस दुकान के सामने भीड़ इस कदर बढ़ गई कि बेसब्र लोगों के हंगामे से बचने के लिए संचालक को कुछ देर के लिए इस प्रतिष्ठान का दरवाजा तक बंद करना पड़ा। इस वाकये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।
अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) अभय बेड़ेकर ने "पीटीआई-भाषा" को बताया कि दवा कम्पनियों द्वारा रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति घटाने से इसकी किल्लत हो रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इंदौर में हर रोज अलग-अलग दवा कम्पनियों के रेमडेसिविर इंजेक्शन की करीब 3,000 शीशियां आ रही हैं, जबकि जिले में इसकी दैनिक मांग 7,000 शीशियों की है। यानी इसकी मांग के मुकाबले आधी आपूर्ति हो पा रही है।
अहमदाबाद में रेमडेसिविर दवा के लिए लंबी लाइन
गुजरात के अहमदाबाद में एक अस्पताल के बाहर रेमडेसिविर दवा के लिए लंबी लाइन लग गई।
#COVID19 | People queued up outside a private hospital in Gujarat's Ahmedabad to purchase Remdesivir injection, yesterday
— ANI (@ANI) April 7, 2021
"Have come here to buy injection as prescribed for my aunt, been standing since morning. There must be over 100 people here," a person said pic.twitter.com/gFYP4z8Sv4
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लंबी कतारों में खड़े लोग
दिल्ली में रात्रि कर्फ्यू लगाए जाने के एक दिन बाद बुधवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को लंबी कतारों में देखा गया। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि शादी और फसल की कटाई के मौसम के कारण इस तरह की भीड़भाड़ साल के इस समय आमतौर पर रहती है।
दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर 30 अप्रैल तक राष्ट्रीय राजधानी में रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया था।
भारतीय रेलवे के प्रवक्ता डी जे नारायण ने कहा कि यात्रियों की संख्या बढ़ी नहीं है, केवल आरक्षित टिकट वाले यात्री आ रहे हैं। हमें कुछ समय के अंतराल पर ऐसी भीड़ देखने को मिलती है। इस चुनौती भरे माहौल में किसी भी तरह की अटकलों वाली खबर कृपया प्रकाशित न करें। एक गलत खबर अराजकता पैदा कर सकती है।
रेलवे स्टेशन पर सार्वजनिक रूप से कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन करने की घोषणा की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है।
दिल्ली में रात्रि कर्फ्यू में ई-पास के लिए 34,000 से ज्यादा आवेदन खारिज
अधिकारियों ने बताया कि 34,000 से अधिक आवेदनों को खारिज कर दिया गया क्योंकि यह आवेदक दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशानुसार उस श्रेणी के अंतर्गत नहीं आते थे जिन्हें कर्फ्यू के दौरान छूट मिली है।
दिल्ली सरकार ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के वास्ते इस महीने के लिए रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। कर्फ्यू के दौरान यात्रा करने के लिए लोगों को ई-पास की जरूरत होगी जो दिल्ली सरकार की वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है।