XE Variant: कोरोना के नए वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता, स्वास्थ्य मंत्री ने विशेषज्ञों को दिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना मरीजों के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाईयों की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने को लेकर भी निर्देश दिए।
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भले ही भारत में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में हो, लेकिन नए एक्सई वैरिएंट ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस वैरिएंट को लेकर विशेषज्ञों के साथ बैठक की। जानकारी के मुताबिक, नए वैरिएंट की पहचान और गहन निगरानी बढ़ाने को लेकर भी दिशानिर्देश दिए गए।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना मरीजों के इलाज में प्रयोग होने वाली दवाईयों की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने को लेकर भी निर्देश दिए।
घबराने की जरूरत नहीं
भारत के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) के प्रमुख डॉ. एनके अरोडा ने नए वैरिएंट को लेकर अहम राय प्रकट की है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट कई नए वैरिएंट को बढ़ावा दे रहा है। इनमें से एक्सई श्रृंखला के एक्सई व अन्य स्ट्रेन शामिल हैं। इनसे कोई भी गंभीर त्रासदी पैदा नहीं कर रहा है। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। देश में संक्रमण के आंकड़ों में भी बहुत तेजी से बढ़ोतरी नहीं हो रही है। बता दें, देश में एक्सई स्ट्रेन का पहला केस गुजरात में मिला है। हालांकि इससे पहले मुंबई में एक केस मिला है, लेकिन उसे लेकर पुष्टि नहीं हुई है। डब्ल्यूएचओ ने इसे बीए.2 स्ट्रेन से 10 प्रतिशत ज्यादा संक्रमित बताया है। इसलिए सतर्क रहने का आग्रह किया गया है।
आज सामने आए 796 मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में देश में 796 नए मामले सामने आए, जबकि सोमवार को 861 केस दर्ज किए गए थे। वहीं कोरोना के कारण 19 लोगों की मौत हो गई। आंकड़ों के मुताबिक, 946 लोग ठीक भी हुए। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि देश में अब केवल 10,889 सक्रिय मामले ही बचे हैं जो कि दो साल बाद सबसे कम है। सक्रिय मामलों में भारी कमी का मतलब है कि कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, देश में हुई 19 नई मौतों के बाद कोरोना से होने वाली मौतों की कुल संख्या 5,21,710 पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब कुल कोरोना मामलों में बस 0.03 प्रतिशत ही सक्रिय मामले हैं। वहीं रिकवरी रेट 98.76 प्रतिशत पहुंच गया है। देश में संक्रमण दर घटकर 0.20 प्रतिशत रह गई है।
- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 12 Apr 2022
एनसीआर में बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता
नोएडा के सेक्टर-40 स्थित एक स्कूल के 13 विद्यार्थी और तीन शिक्षक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। शिक्षकों और बच्चों के संक्रमित होने के बाद 17 अप्रैल तक स्कूल बंद कर दिया गया है। स्कूल की ओर से संक्रमितों विद्यार्थियों व शिक्षकों की लिस्ट और उठाए गए कदमों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। स्कूल प्रबंधन ने परिसर सैनिटाइज कराकर अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने की बात कही है। वहीं पिछले करीब 10 दिनों से खाली पड़े सेक्टर-39 के कोविड अस्पताल में रविवार को 12 वर्षीय बच्ची को भर्ती कराया गया है। चिंता की बात यह है कि गाजियाबाद में पांच छात्रों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। यानि, यहां दो दिन के अंदर 21 लोगों में संक्रमण पाया गया है।