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मुंबई में कोरोना संक्रमित होकर ठीक भी हुए लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला, ऐसे हुआ खुलासा
Wed, 22 Jul 2020 03:53 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, मुंबई
अमर उजाला नेटवर्क, मुंबई
Published by: अवधेश कुमार
Updated Wed, 22 Jul 2020 03:53 AM IST
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एंटीबॉडी परीक्षण
- फोटो : social media
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कोरोना कैपिटल बनी मुंबई में कुछ लोग कोरोना संक्रमित होकर ठीक भी हुए लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला। यह खुलासा एक निजी थायरोकेयर लैब में एंटीबॉडी टेस्ट में हुआ है। संभव है कि थायरोकेयर लैब के अलावा अन्य लैब की जांच में भी इस तरह की रिपोर्ट सामने आ सकती है। मुंबई में कुल 14 लैब में कोरोना की जांच हो रही है। इनमें कई निजी लैब भी शामिल हैं।
बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में कोरोना संक्रमण बढ़ा। सघन झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले जिन लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया और उनका उपचार हुआ लेकिन कुछ लोगों में लक्षण नहीं दिखे तो जांच भी नहीं हुई। इस दौरान झुग्गी बस्तियों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सका। संभव है कि ऐसे ही लोग संक्रमित हुए। लेकिन एम्युनिटी पॉवर मजबूत होने के कारण वे सभी स्वस्थ हो गए। जिनके शरीर में एंटीबॉडी तैयार हो चुकी है उनके कोरोना संक्रमित होने की संभावना कम रहती है।
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बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में कोरोना संक्रमण बढ़ा। सघन झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले जिन लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया और उनका उपचार हुआ लेकिन कुछ लोगों में लक्षण नहीं दिखे तो जांच भी नहीं हुई। इस दौरान झुग्गी बस्तियों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो सका। संभव है कि ऐसे ही लोग संक्रमित हुए। लेकिन एम्युनिटी पॉवर मजबूत होने के कारण वे सभी स्वस्थ हो गए। जिनके शरीर में एंटीबॉडी तैयार हो चुकी है उनके कोरोना संक्रमित होने की संभावना कम रहती है।
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एक लाख लोगों की हो जांच : शेलार
वहीं, भाजपा नेता आशीष शेलार ने इस संबंध में बीएमसी आयुक्त आईएस चहल को पत्र लिखा है। साथ ही, ट्वीट भी किया है कि एक निजी लैब में एंटीबॉडी टेस्ट कराने आए वरली के लोगों में 32.15 प्रतिशत, घाटकोपर में 36.7 प्रतिशत, सांताक्रुज में 31.45 प्रतिशत और बांद्रा पश्चिम में 17 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पहले से ही तैयार हो चुकी है। इससे पता चलता है कि लोग कोरोना संक्रमित होकर भी ठीक हुए हैं और इन्हें पता भी नहीं चला। इसलिए इसे आधार मानते हुए मुंबई में एक लाख लोगों की जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं, भाजपा नेता आशीष शेलार ने इस संबंध में बीएमसी आयुक्त आईएस चहल को पत्र लिखा है। साथ ही, ट्वीट भी किया है कि एक निजी लैब में एंटीबॉडी टेस्ट कराने आए वरली के लोगों में 32.15 प्रतिशत, घाटकोपर में 36.7 प्रतिशत, सांताक्रुज में 31.45 प्रतिशत और बांद्रा पश्चिम में 17 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पहले से ही तैयार हो चुकी है। इससे पता चलता है कि लोग कोरोना संक्रमित होकर भी ठीक हुए हैं और इन्हें पता भी नहीं चला। इसलिए इसे आधार मानते हुए मुंबई में एक लाख लोगों की जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।