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60 साल के नागेश ने रची पर्यावरण संरक्षण की मिसाल, 300 वृक्षों को किया शिव को समर्पित
Sat, 14 Dec 2019 06:40 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 14 Dec 2019 06:40 PM IST
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पर्यावरण संरक्षण (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : SELF
ऐसे समय में जब कॉन्क्रीट से बने शहरों से हरियाली गायब होती जा रही है, कनार्टक में 60 साल के एक नागरिक ने अपनी एक एकड़ जमीन को घनी हरियाली वाले क्षेत्र में बदल डाला है। शिमोगा के रहने वाले नव्यश्री नागेश का कहना है कि उसने ऐसा हरियाली को बढ़ाने और जीव जंतुओं को सुरक्षित आवास मुहैया करवाने के लिए किया है। उन्हाेंने इस मिनी जंगल को ‘ईश्वर-वन’ नाम दिया है।
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नागेश ने ईश्वर वन के लिए शिमोगा-शिकारीपुरा हाइवे पर एक एकड़ जमीन खरीदी थी। यहां उन्हाेंने 30 से अधिक प्रजातियों के पेड़ लगाए। सैकड़ों किस्म के पौधे भी रोपे। नागेश के अनुसार जब शहरों से हरियाली के साथ साथ पक्षी और कुछ जीव गायब होते जा रहे हैं, भू-जल स्तर घट रहा है, इस जंगल से न केवल साफ हवा मिलेगी, बल्कि पक्षियों को घोसला बनाने के लिए सुरक्षित जगह भी मिलेगी।
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भगवान शिव को समर्पित वन
उनके बेटे डॉ. शरद के अनुसार इस भूमि की कीमत करीब एक करोड़ रुपये हैं। वन की रखवाली के लिए उन्हाेंने कोई सुरक्षा गार्ड नहीं रखा है। बल्कि इसे भगवान शिव के नाम समर्पित किया है, जो खुद संरक्षकर्ता कहे जाते हैं। उनकी एक प्रतिमा भी करीब 300 वृक्षों के बीच लगाई गई है।
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