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कराची लिटरेचर फेस्टिवल में भारतीय लेखकों को भेजने पर विवाद
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Feb 2017 08:42 PM IST
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कराची
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भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बने तनावपूर्ण रिश्तों के बीच कराची लिटरेचर फेस्टिवल के लिए आईसीसीआर की ओर से चार भारतीय लेखकों को टिकट जारी करने को लेकर विवाद पैदा हो गया है। हालांकि, इंटरनेशनल काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) का कहना है कि उसने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग की सलाह पर ऐसा किया।
आईसीसीआर के महानिदेशक अमरेंद्र कठुआ ने कहा कि हमने केवल चार भारतीय लेखकों के लिए एयर टिकट खरीदा था और ऐसा भारतीय उच्चायोग की सलाह पर किया गया। हमने कराची लिटरेचर फेस्टिवल को स्पॉन्सर नहीं किया। हमारी भूमिका सीमित थी। 10 से 12 फरवरी तक कराची में आयोजित इस फेस्टिवल में चर्चित लेखिका उर्वशी बुतालिया सहित चार लेखकों ने हिस्सा लिया था।
मजेदार बात यह है कि कराची लिटरेचर फेस्टिवल के लिए आईसीसीआर ने लेखकों को ऐसे समय में प्रायोजित किया, जब कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान ने भारत की ओर से दक्षिण एशिया स्पीकर सम्मेलन के लिए भेजे गए निमंत्रण को खारिज किया था।
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यह सम्मेलन 18-19 फरवरी को इंदौर में आयोजित होने जा रहा है। आईसीसीआर के इस कदम का बचाव करते हुए विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पिछले सप्ताह सुषमा स्वराज ने संसद में कहा था कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छा रिश्ता चाहता है।
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आईसीसीआर के महानिदेशक अमरेंद्र कठुआ ने कहा कि हमने केवल चार भारतीय लेखकों के लिए एयर टिकट खरीदा था और ऐसा भारतीय उच्चायोग की सलाह पर किया गया। हमने कराची लिटरेचर फेस्टिवल को स्पॉन्सर नहीं किया। हमारी भूमिका सीमित थी। 10 से 12 फरवरी तक कराची में आयोजित इस फेस्टिवल में चर्चित लेखिका उर्वशी बुतालिया सहित चार लेखकों ने हिस्सा लिया था।
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मजेदार बात यह है कि कराची लिटरेचर फेस्टिवल के लिए आईसीसीआर ने लेखकों को ऐसे समय में प्रायोजित किया, जब कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान ने भारत की ओर से दक्षिण एशिया स्पीकर सम्मेलन के लिए भेजे गए निमंत्रण को खारिज किया था।
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यह सम्मेलन 18-19 फरवरी को इंदौर में आयोजित होने जा रहा है। आईसीसीआर के इस कदम का बचाव करते हुए विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पिछले सप्ताह सुषमा स्वराज ने संसद में कहा था कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छा रिश्ता चाहता है।