{"_id":"57253c834f1c1b4721a91be1","slug":"controversy-over-varun-gandhi-program-in-allahabad","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेता ने कहा, 'अगर कोई वरुण गांधी के कार्यक्रम में गया, तो पार्टी से बाहर होगा'","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भाजपा नेता ने कहा, 'अगर कोई वरुण गांधी के कार्यक्रम में गया, तो पार्टी से बाहर होगा'
ब्यूरो/अमर उजाला, मेजा (इलाहाबाद)
Updated Sun, 01 May 2016 04:46 AM IST
सार
- सांसद वरुण गांधी के कार्यक्रम को लेकर भाजपा में विवाद
- वरुण गांधी ने कहा, नौजवानों को मिले राजनीति में आरक्षण
- सीएम पद की दावेदारी पर सांसद ने कहा, पद नहीं कद की लालसा
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वरुण गांधी
- फोटो : amar ujala bureau
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विस्तार
सांसद वरुण गांधी के कार्यक्रम को लेकर भाजपा में अंतर्द्वंद्व शुरू हो गया है। शनिवार शाम को मेजा पहुंचे भाजपा के जिलाध्यक्ष रामरक्षा द्विवेदी ने कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी है कि अगर, कार्यक्रम में गए तो संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष की इस चेतावनी से कार्यकर्ताओं को सांप सूंघ गया है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि वरुण गांधी के कार्यक्रम को संगठन ने मंजूरी नहीं दी है और न ही संगठन से कार्यक्रम मांगा ही गया है। ऐसी स्थिति में मुझे संगठन की तरफ से किसी प्रकार का दिशा-निर्देश नहीं मिला है। इसलिए न मैं कार्यक्रम में जाऊंगा और न ही मेरा कोई कार्यकर्ता ही। स्थानीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम की तैयारी के बारे में पूछा गया तो सभी ने बताया कि जिलाध्यक्ष ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पर रोक लगा दी है। इसलिए कार्यक्रम में कोई नहीं जाएगा।
वहीं, प्रयाग संगीत समिति में ‘राष्ट्र नवनिर्माण के लिए एक नई सोच’ विषयक बौद्धिक विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल भाजपा सांसद वरुण गांधी ने राजनीति में युवाओं को आगे करने की अपील की है। उन्होंने खुद को इलाहाबाद का बेटा कहते हुए शनिवार को मांग की कि राजनीति में नौजवानों को आरक्षण मिलना चाहिए। कम से कम 20 प्रतिशत पद नौजवानों को ही मिलने चाहिए। क्योंकि वर्तमान राजनीति में बड़े परिवार के लोग ही आ रहे हैं। वे भी इसी कड़ी के ही नेता है। कहा कि अगर मेरे नाम के आगे गांधी की जगह कोई और सरनेम होता तो मैं भी दर्शक दीर्घा में बैठकर नेताओं का भाषण सुन रहा होता।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि वरुण गांधी के कार्यक्रम को संगठन ने मंजूरी नहीं दी है और न ही संगठन से कार्यक्रम मांगा ही गया है। ऐसी स्थिति में मुझे संगठन की तरफ से किसी प्रकार का दिशा-निर्देश नहीं मिला है। इसलिए न मैं कार्यक्रम में जाऊंगा और न ही मेरा कोई कार्यकर्ता ही। स्थानीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम की तैयारी के बारे में पूछा गया तो सभी ने बताया कि जिलाध्यक्ष ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पर रोक लगा दी है। इसलिए कार्यक्रम में कोई नहीं जाएगा।
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वहीं, प्रयाग संगीत समिति में ‘राष्ट्र नवनिर्माण के लिए एक नई सोच’ विषयक बौद्धिक विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल भाजपा सांसद वरुण गांधी ने राजनीति में युवाओं को आगे करने की अपील की है। उन्होंने खुद को इलाहाबाद का बेटा कहते हुए शनिवार को मांग की कि राजनीति में नौजवानों को आरक्षण मिलना चाहिए। कम से कम 20 प्रतिशत पद नौजवानों को ही मिलने चाहिए। क्योंकि वर्तमान राजनीति में बड़े परिवार के लोग ही आ रहे हैं। वे भी इसी कड़ी के ही नेता है। कहा कि अगर मेरे नाम के आगे गांधी की जगह कोई और सरनेम होता तो मैं भी दर्शक दीर्घा में बैठकर नेताओं का भाषण सुन रहा होता।
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'मुझे पद की नहीं बल्कि कद की लालसा'
वरुण गांधी
- फोटो : amar ujala bureau
वरुण गांधी ने कहा कि राजनीति में आरक्षण की शुरूआत ऊपर से नहीं बल्कि नीचे से होनी चाहिए। ग्राम प्रधान, बीडीसी आदि से इसकी शुरूआत हो। राजनीति में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के लिए कम से कम 20 फीसदी आरक्षण होना चाहिए। वरुण ने वर्तमान समय की राजनीति पर भी कटाक्ष किया। कहा कि अब धर्म, जाति और क्षेत्रवाद के नाम पर ही राजनीति पूरी तरह से केंद्रीत है। ये सही नहीं है। आज देश को विकासवादी और आशावादी राजनीति की जरूरत है।
यूपी विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने की मांग पर वरुण ने इशारों ही इशारों में कह दिया कि उन्हें पद की नहीं बल्कि कद की लालसा है। इसके पूर्व वरुण ने मीडिया की शान में भी कसीदे पढे। कहा कि मीडिया की ही देन है कि आज तमाम गड़बड़ियां कुछ ही देर में सामने आ जाती हैं। वरुण ने देश में गरीबी, शिक्षा एवं चिकित्सा की लचर प्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने तमाम सर्वे की रिपोर्ट पेश की।
वरुण गांधी ने कहा कि कुल आबादी के एक प्रतिशत लोगों के पास देश की 61 प्रतिशत संपत्ति है। इस आर्थिक असमानता को दूर करना जरूरी है। कहा कि मेरा सुझाव है कि देश के सबसे ज्यादा सौ अमीर लोग अगर सौ सबसे पिछड़े शहरों को गोद लेते हैं तो स्थिति में कुछ सुधार आ सकता है। उधर गोष्ठी में वरुण का स्वागत एमएलसी डॉ. यज्ञदत्त शर्मा एवं संचालन डॉ. एमजे त्रिपाठी ने किया।
यूपी विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने की मांग पर वरुण ने इशारों ही इशारों में कह दिया कि उन्हें पद की नहीं बल्कि कद की लालसा है। इसके पूर्व वरुण ने मीडिया की शान में भी कसीदे पढे। कहा कि मीडिया की ही देन है कि आज तमाम गड़बड़ियां कुछ ही देर में सामने आ जाती हैं। वरुण ने देश में गरीबी, शिक्षा एवं चिकित्सा की लचर प्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने तमाम सर्वे की रिपोर्ट पेश की।
वरुण गांधी ने कहा कि कुल आबादी के एक प्रतिशत लोगों के पास देश की 61 प्रतिशत संपत्ति है। इस आर्थिक असमानता को दूर करना जरूरी है। कहा कि मेरा सुझाव है कि देश के सबसे ज्यादा सौ अमीर लोग अगर सौ सबसे पिछड़े शहरों को गोद लेते हैं तो स्थिति में कुछ सुधार आ सकता है। उधर गोष्ठी में वरुण का स्वागत एमएलसी डॉ. यज्ञदत्त शर्मा एवं संचालन डॉ. एमजे त्रिपाठी ने किया।