फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   consensus among G20 nations on New Delhi Leaders Declaration major diplomatic victory for India

G20: 200 घंटों, 300 बैठकों, 15 मसौदों से रची आम सहमति की पटकथा, पीएम की विश्सनीयता साबित हुई तुरुप का इक्का

Mon, 11 Sep 2023 04:54 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Mon, 11 Sep 2023 04:54 AM IST
सार

अमिताभ कांत ने कहा कि भारत ने सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सिद्धांतों के मुताबिक काम करने पर राजी किया। चार्टर के अनुसार, कोई देश बलपूर्वक या डरा-धमकाकर किसी देश की सीमा व संप्रभुता का उल्लंघन नहीं कर सकता। परमाणु हथियारों के प्रयोग की धमकी अस्वीकार्य है।  

विज्ञापन
consensus among G20 nations on New Delhi Leaders Declaration major diplomatic victory for India
G20 Summit - फोटो : ANI

विस्तार

'नई दिल्ली लीडर्स घोषणा पत्र' (एनडीएलडी) पर आम सहमति भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। शुक्रवार शाम तक आम सहमति से घोषणापत्र असंभव लग रहा था, लेकिन भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत और उनकी टीम ने इसे संभव कर दिखाया। इस पर कांत ने कहा, पूरे जी-20 का सबसे जटिल हिस्सा भू-राजनीतिक पैरा (रूस-यूक्रेन) पर आम सहमति बनाना था। यह 200 घंटों की वार्ताओं, 300 द्विपक्षीय बैठकों, 15 मसौदों के बाद हासिल किया गया।

विज्ञापन


कांत ने कहा, हमने आम सहमति के अलावा दूसरा विकल्प रखा ही नहीं था। वहीं, यूक्रेन मुद्दे पर भाषा को लेकर उन्होंने बताया कि भारत ने सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सिद्धांतों के मुताबिक काम करने पर राजी किया। चार्टर के अनुसार, कोई देश बलपूर्वक या डरा-धमकाकर किसी देश की सीमा व संप्रभुता का उल्लंघन नहीं कर सकता। परमाणु हथियारों के प्रयोग की धमकी अस्वीकार्य है। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया के शेरपाओं ने भी प्रस्ताव तैयार करने में काफी मदद की थी। आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता तुरूप का इक्का साबित हुई और सभी सहमत हुए।
विज्ञापन


"जब हमने जी-20 की अध्यक्षता संभाली, तो पीएम मोदी ने कहा था कि भारत की अध्यक्षता समावेशी, निर्णायक और कार्रवाई-उन्मुख होनी चाहिए। नई दिल्ली घोषणा में कुल 83 पैराग्राफ हैं और सभी पर सभी देशों की 100 फीसदी सर्वसम्मति है। भू-राजनीतिक मुद्दों पर 'ग्रह, लोग, शांति और समृद्धि' शीर्षक वाले सभी आठाें पैराग्राफ पर 100 फीसदी सर्वसम्मति है। यह बिना किसी फुटनोट और बिना किसी अध्यक्षीय सारांश की घोषणा है। इसे 100 फीसदी सर्वसम्मति का बयान कहा जा सकता है।" -अमिताभ कांत
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह लिखी कामयाबी की इबारत
यूक्रेन संकट से जुड़े पैराग्राफ पर आम सहमति बनाने का जिम्मा काकनूर और गंभीर को मिला। वे सभी देशों के वार्ताकारों से अलग-अलग जाकर मिले। क्योंकि, एकसाथ अगर बात करते, तो कोई नहीं सुनता। इसी रणनीति के तहत दोनों सभी वार्ताकारों से अलग-अलग मिले और सबसे मुश्किल हिस्से पर सहमति हासिल की। चारों अधिकारियों ने ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के वार्ताकारों को भी अपने साथ मिला लिया, क्योंकि उन्हें आगे चलकर इस प्रक्रिया से गुजरना है, लिहाजा सर्वसम्मति की प्रक्रिया में दो देश सहज ही भारत के साथ आ गए। पिछले अध्यक्ष इंडोनेशिया के वार्ताकारों के अनुभवों को भी गंभीरता से लिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed