Congress Rally: सीबीआई मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी पहुंचे थाने
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की पुन: बहाली की मांग को लेकर निकाले गए विरोध मार्च की अगुवाई की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर माफी मांगने को कहा। सरकार ने वर्मा से उनके सारे अधिकार लेकर उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। कांग्रेस ने वर्मा के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को “अवैध एवं असंवैधानिक” करार दिया है।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने इस मार्च में हिस्सा लिया जो सीबीआई मुख्यालय के बाहर पहुंचने के बाद विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया। अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी एकजुटता दिखाते हुए इस विरोध में हिस्सा लिया।
लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव, भाकपा नेता डी राजा और तृणमूल कांग्रेस के नदीम-उल-हक कांग्रेस के इस विरोध मार्च में शामिल हुए जो लोधी रोड स्थित दयाल सिंह कॉलेज के बाहर से शुरू हुआ।
राहुल सीबीआई मुख्यालय के बाहर लगाए गए पुलिस बैरीकेडों के सामने एक ट्रक पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों को इमारत तक पहुंचने से रोकने की खातिर वहां पुलिस बैरीकेड लगाए गए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के अनुसार राहुल गांधी को गिरफ्तार भी किया गया। जिसके बाद वह लोधी रोड थाने पहुंचे।
#WATCH Congress President Rahul Gandhi and Ashok Gehlot lead the protest march to CBI HQ against the removal of CBI Chief Alok Verma. pic.twitter.com/7FNkhoWQCb
— ANI (@ANI) October 26, 2018
सीबीआई मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन पर केन्द्रीय गृहमंंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पास लोगों से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह इसे मुद्दा बना रहे हैं। हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
गहलोत ने पत्र लिख कर किया धरना देने का आह्वान
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सीबीआई हेडक्वॉर्टर के बाहर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
#Delhi: Security tightened and barricading outside CBI headquarters ahead of Congress protest against the removal of CBI Director Alok Verma pic.twitter.com/GQRv1xC4ot
— ANI (@ANI) October 26, 2018
कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि राफेल में हुए घोटाले से मोदी और शाह की जोड़ी घबरा गई है जिससे उन्होंने सीबीआई को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, मोदीतंत्र को हराएगा। सत्यमेव जयते।
इसके अलावा चंढ़ीगढ़ में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीबीआई मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। जिसे रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का प्रयोग करना पड़ा।Rafale ke khel se ghabraayi Modi-Shah ki jodi isliye raaton-raat CBI todi. Satyamav Jayate! Loktantra Moditantra ko harayega: Jaiveer Shergill, Congress, outside Dyal Singh College in Delhi, ahead of the protest march to CBI HQ against the removal of CBI Director Alok Verma pic.twitter.com/nvEFwwPZ4A
— ANI (@ANI) October 26, 2018
कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने सभी कांग्रेस महासचिवों, प्रदेश अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं को पत्र लिखकर उनसे कहा है कि देशभर में सीबीआई कार्यालयों के बाहर भाजपा सरकार के खिलाफ धरना दिया जाए।
गहलोत ने अपने पत्र में कहा, ‘मोदी-शाह द्वय द्वारा सीबीआई निदेशक को अवैध, असंवैधानिक और गैरकानूनी तरीके से हटाने से भारत और उसकी प्रमुख जांच एजेंसी शर्मसार हुई है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ‘राफेल-ओ-फोबिया’ के शिकार हैं। राफेल घोटाले के इस डर से सीबीआई को ध्वस्त कर दिया गया है।
सुरजेवाला ने कहा- निदेशक को छुट्टी पर भेजना एजेंसी को स्वायत्ता को खत्म करना
बंगलुरू में कांग्रेस के कार्यकर्ता सीबीआई मुख्यालय के सामने कुछ इस अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते नजर आए।
Karnataka: Congress workers hold a protest outside the CBI office in Bengaluru against the removal of #CBIDirector Alok Verma. pic.twitter.com/bt6dg5evN9
— ANI (@ANI) October 26, 2018
आलोक वर्मा को हटाए जाने के खिलाफ पटना में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीबीआई मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
Bihar: Congress workers hold a protest outside the CBI office in Patna against the removal of #CBIDirector Alok Verma. pic.twitter.com/30ggDtkxdI
— ANI (@ANI) October 26, 2018
लखनऊ में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज बब्बर के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीबीआई ऑफिस के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सीबीआई ऑफिस के सामने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।Congress workers hold protest outside the CBI office in Lucknow against the removal of #CBIDirector Alok Verma. pic.twitter.com/TSfSgPvjNz
— ANI UP (@ANINewsUP) October 26, 2018
सीबीआई हेडक्वॉर्टर के सामने विरोध प्रदर्शन पर जाने से पहले दयाल सिंह कॉलेज के के बाहर कांग्रेस के आनंद शर्मा, भाकपा के डी राजा और वरिष्ठ नेता शरद यादव पहुंचे।
केंद्र सरकार ने निर्णय को बताया अपरिहार्य
उधर, केंद्र सरकार ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे ‘अपरिहार्य’ बताया। सरकार ने दलील दी है कि सीबीआई के संस्थागत स्वरूप को बरकरार रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों को हटाने का सरकार का फैसला केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की सिफारिशों पर आधारित है।
उल्लेखनीय है कि विवाद के केंद्र में आए वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने मंगलवार देर रात आदेश जारी कर अवकाश पर भेज दिया था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली नियुक्ति समिति ने मंगलवार की रात में आदेश जारी कर एजेंसी के निदेशक का प्रभार संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को सौंप दिया।