{"_id":"66e2eae0c022e9fc64019973","slug":"congress-to-reach-chitrakoot-to-prepare-for-assembly-elections-against-bjp-challenge-news-and-updates-2024-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Congress: अब कांग्रेस पहुंचेगी चित्रकूट, अगले महासंग्राम के लिए अभी से होगी तैयारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Congress: अब कांग्रेस पहुंचेगी चित्रकूट, अगले महासंग्राम के लिए अभी से होगी तैयारी
Thu, 12 Sep 2024 06:51 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 12 Sep 2024 06:51 PM IST
सार
चित्रकूट शिविर के सफल आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं की एक तैयारी बैठक चंदौली में रखी जा रही है जहां 16-18 सितंबर के तीन दिवसों में शिविर संचालक कार्यकर्ताओं का विशेष प्रशिक्षण कराया जाएगा। इसी समय चित्रकूट बैठक के लिए शिविराधिपति नियत कर उसकी रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
कांग्रेस पार्टी के झंडे (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
2014 से 2022 तक यूपी के अनेक चुनावों में बुरी तरह मात खाने के बाद कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनावों में वापसी की और लगभग 9.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ छः सीटों पर सफलता हासिल की। पार्टी इस बढ़त को खोना नहीं चाहती, बल्कि इसे आगे बढ़ाने के लिए अभी से रणनीति बना रही है। इसके लिए पार्टी के फ्रंटल संगठनों को मजबूत कर जनता के बीच अपना वैचारिक आधार मजबूत करने की कोशिश हो रही है। इसी क्रम में रखते हुए यूपी कांग्रेस के सेवादल कार्यकर्ता नवंबर महीने में चित्रकूट में जुटेंगे जहां पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को विशेष रुप से तैयार किया जाएगा। चित्रकूट में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सहित तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
चित्रकूट शिविर के सफल आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं की एक तैयारी बैठक चंदौली में रखी जा रही है जहां 16-18 सितंबर के तीन दिवसों में शिविर संचालक कार्यकर्ताओं का विशेष प्रशिक्षण कराया जाएगा। इसी समय चित्रकूट बैठक के लिए शिविराधिपति नियत कर उसकी रणनीति बनाई जाएगी।
वैचारिक लड़ाई के लिए वैचारिक योद्धा
कांग्रेस नेता मानते हैं कि भाजपा ने हाल के दिनों में जो बढ़त हासिल की है, उसके पीछे उसके वैचारिक तौर पर मजबूत कार्यकर्ताओं का बड़ा हाथ रहा है। शुरूआत में कांग्रेस की यही परंपरा हुआ करती थी। आजादी के काल से निकली पार्टी में पहले से ही वैचारिक पूंजी बहुत समृद्ध थी जिसके कारण लंबे समय तक जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता बनी रही और राजनीतिक तौर पर वह बहुत मजबूत रही।
विज्ञापन
लेकिन बाद के काल में सेवा दल जैसे वैचारिक योद्धाओं को पार्टी में मजबूत करने पर काम नहीं हुआ। इसका परिणाम हुआ कि पार्टी के वैचारिक योद्धाओं की कमी हो गई। जनता के बीच उसकी विचारधारा को मजबूती के साथ रखने वाले लोगों की कमी का नुकसान पार्टी को राजनीतिक तौर पर भी उठाना पड़ा और वह लगातार कमजोर होती गई।
लेकिन पार्टी अब उसी कमी की भरपाई के लिए एक बार फिर अपने मूल सिद्धांतों और विचारों की ओर लौटना चाहती है। लगातार चलने वाले इन शिविरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वैचारिक तौर पर मजबूत बनाया जाएगा जिससे वे जनता के बीच पार्टी की बात को मजबूती से रख सकें। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह की तैयारी कांग्रेस को जमीनी ताकत दे सकती है। इससे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को मजबूती मिलेगी।
निचले स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाना हमारा लक्ष्य- कांग्रेस
यूपी में कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रभारी और पार्टी के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि यूपी में इस तरह की बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं। चंदौली की बैठक के बाद चित्रकूट की बैठक कई मायनों में महत्त्वपूर्ण होने वाली है जहां प्रदेश के सेवादल सहित तमाम संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य पार्टी को निचले स्तर तक मजबूत बनाना है।
विज्ञापन
चित्रकूट शिविर के सफल आयोजन के लिए कार्यकर्ताओं की एक तैयारी बैठक चंदौली में रखी जा रही है जहां 16-18 सितंबर के तीन दिवसों में शिविर संचालक कार्यकर्ताओं का विशेष प्रशिक्षण कराया जाएगा। इसी समय चित्रकूट बैठक के लिए शिविराधिपति नियत कर उसकी रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
वैचारिक लड़ाई के लिए वैचारिक योद्धा
कांग्रेस नेता मानते हैं कि भाजपा ने हाल के दिनों में जो बढ़त हासिल की है, उसके पीछे उसके वैचारिक तौर पर मजबूत कार्यकर्ताओं का बड़ा हाथ रहा है। शुरूआत में कांग्रेस की यही परंपरा हुआ करती थी। आजादी के काल से निकली पार्टी में पहले से ही वैचारिक पूंजी बहुत समृद्ध थी जिसके कारण लंबे समय तक जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता बनी रही और राजनीतिक तौर पर वह बहुत मजबूत रही।
विज्ञापन
लेकिन बाद के काल में सेवा दल जैसे वैचारिक योद्धाओं को पार्टी में मजबूत करने पर काम नहीं हुआ। इसका परिणाम हुआ कि पार्टी के वैचारिक योद्धाओं की कमी हो गई। जनता के बीच उसकी विचारधारा को मजबूती के साथ रखने वाले लोगों की कमी का नुकसान पार्टी को राजनीतिक तौर पर भी उठाना पड़ा और वह लगातार कमजोर होती गई।
लेकिन पार्टी अब उसी कमी की भरपाई के लिए एक बार फिर अपने मूल सिद्धांतों और विचारों की ओर लौटना चाहती है। लगातार चलने वाले इन शिविरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वैचारिक तौर पर मजबूत बनाया जाएगा जिससे वे जनता के बीच पार्टी की बात को मजबूती से रख सकें। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह की तैयारी कांग्रेस को जमीनी ताकत दे सकती है। इससे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को मजबूती मिलेगी।
निचले स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाना हमारा लक्ष्य- कांग्रेस
यूपी में कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठनों के प्रभारी और पार्टी के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि यूपी में इस तरह की बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं। चंदौली की बैठक के बाद चित्रकूट की बैठक कई मायनों में महत्त्वपूर्ण होने वाली है जहां प्रदेश के सेवादल सहित तमाम संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य पार्टी को निचले स्तर तक मजबूत बनाना है।