नोटबंदी के खिलाफ पांच को देश में हल्ला बोल करेगी कांग्रेस
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नोटबंदी पर अपनी ढफली अपना राग अलाप रही विपक्षी पार्टियों के बिना कांग्रेस अब अपने दम पर सरकार से भिडने की रणनीति बना रही है। नोटबंदी के कारण जनता को हो रही परेशानी से चिंतित कांग्रेस पार्टी आगामी पांच जनवरी को प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस ने इस बात का ऐलान करते हुए कहा है कि वह पांच जनवरी को देश के सभी जिला मुख्यालयों को और आठ जनवरी को सभी ब्लॉक आफिसों में प्रदर्शन रकर जनता पर हो रहे अत्याचार और प्रधानमंत्री के निजी घोटाले की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी।
राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि नोटबंदी के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों को भी शामिल किया जाए। सूत्रों के अनुसार इसके अलावा कांग्रेस नोटबंदी के खिलाफ 29 और 30 दिसंबर को भी केंद्रीय और राज्य लेवल पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नोटबंदी घोटाले को उजागर करेगी।
नोटबंदी शताब्दी का सबसे बड़ा घोटाला
नोटबंदी को शताब्दी का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि 46 दिन में 64 बार गाइडलाइन बदली गई। इससे पता चलता है कि सरकार की कोई तैयारी नहीं थी। यह फैसला सिर्फ एक प्रतिशत पूंजीपतियों के फायदे के लिए किया गया।
अंधरापुल स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने जनता का भरोसा तोड़ा है। नोटबंदी का सबसे अधिक असर गांवों और किसानों पर पड़ा है। कहा कि नोटबंदी के बाद कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए पेटीएम को बढ़ावा दिया गया। इसमें चीन की अलीबाबा कंपनी का कितना शेयर है, यह स्वदेशी का नारा देने वालों को जनता को बताना चाहिए।
यह सीधे तौर पर चीन को लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी के लगाए आरोपों पर कहा कि जिस तरह डायरी में नाम आने के बाद मोतीलाल वोरा, माधव राव सिंधिया और लाल कृष्ण आडवाणी ने इस्तीफा दिया था, उसी तरह नैतिकता के आधार पर प्रधानमंत्री को भी इस्तीफा देना चाहिए। प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के सवाल पर कहा कि कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। किसी से गठबंधन नहीं होगा। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी बैठकें कर रहे हैं। जल्द ही प्रत्याशियों का फैसला हो जाएगा।