फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress to Hold Dalit-Adivasi Self-Respect Meeting on September 29 Over Kharge Purification Row

राजनीति: खरगे के शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 29 सितंबर को होगी दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक

Sun, 27 Sep 2026 09:57 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 27 Sep 2026 09:57 PM IST
सार

कांग्रेस 29 सितंबर को दिल्ली में दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक करेगी। हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण विवाद समेत एससी-एसटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

विज्ञापन
Congress to Hold Dalit-Adivasi Self-Respect Meeting on September 29 Over Kharge Purification Row
कांग्रेस का बड़ा दांव - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

कांग्रेस 29 सितंबर को दिल्ली में 'दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक' आयोजित करेगी। पार्टी के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगस्त में उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण अनुष्ठान समेत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों से जुड़े मामलों पर चर्चा होगी।

विज्ञापन


बैठक का आयोजन कांग्रेस एससी/एसटी सांसद मंच की ओर से किया जाएगा। इसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संबंधित विभाग भी सहयोग करेंगे। कार्यक्रम दिल्ली के मावलंकर हॉल, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होगा।
विज्ञापन


खरगे के कार्यक्रम के बाद हुए 'शुद्धिकरण' पर होगी चर्चा
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से हल्द्वानी में खरगे की जनसभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान पर चर्चा की जाएगी। खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके बाद 10 अगस्त को वहां कथित तौर पर शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद सामने आया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को दलित समुदाय के अपमान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, भाजपा नेताओं ने इस कार्यक्रम से पार्टी का संबंध होने से इनकार किया है। केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा था कि आयोजन स्थल पर सफाई और धार्मिक कार्यक्रम को कांग्रेस के कार्यक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस ने लगाया 'दलित विरोधी' होने का आरोप
मल्लू रवि ने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एससी और एसटी समुदायों से जुड़े लोगों के साथ भेदभाव और अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में ऐसे मामलों को रोकने के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। कांग्रेस नेता मनोज कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर 'दलित विरोधी' और 'आदिवासी विरोधी' होने का आरोप लगाया। उन्होंने देशभर के दलित और आदिवासी सांसदों, विधायकों तथा विधान परिषद सदस्यों से 29 सितंबर की बैठक में शामिल होने की अपील की। हालांकि, ये कांग्रेस नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें पार्टी के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

एससी/एसटी कानूनों के उल्लंघन के मामलों पर भी मंथन
बैठक में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े भेदभाव और हिंसा के मामलों पर भी चर्चा होगी। कांग्रेस के अनुसार, ऐसे मामलों में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के उल्लंघन की शिकायतें शामिल हैं।

पार्टी का कहना है कि बैठक में इन घटनाओं को रोकने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसमें संसद और राज्य विधानसभाओं के साथ-साथ सार्वजनिक मंचों पर भी भेदभाव और सामाजिक पूर्वाग्रह के खिलाफ आवाज उठाने की रणनीति पर चर्चा होगी।

हल्द्वानी मामले में दर्ज हो चुकी है FIR
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने सितंबर में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में करीब 80 शिकायतें और याचिकाएं मिली थीं, जिनमें 19 नैनीताल जिले से थीं। एफआईआर में बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) भी लगाई गई थी।

इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने भी 29 अगस्त को इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद उनके खिलाफ भी उत्तराखंड में एफआईआरदर्ज हुई थी।


कौन-कौन होगा बैठक में शामिल?
कांग्रेस के मुताबिक, बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के कांग्रेस सांसदों के अलावा पूर्व सांसद, कांग्रेस शासित राज्यों के मंत्री, विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक के राजू, एआईसीसी एससी विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया भी सहयोग कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि संविधान सभी नागरिकों को सम्मान, गरिमा, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का अधिकार देता है। पार्टी इसी आधार पर एससी और एसटी समुदायों से जुड़े भेदभाव के मुद्दों को उठाने की बात कह रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed