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संसद में प्रश्रकाल के दौरान आलू के दाम पर घिरी सरकार 

Tue, 02 Jan 2018 09:35 PM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 02 Jan 2018 09:35 PM IST
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Congress targets central government at the price of potato in winter session of Parliament

आलू उत्पादक किसानों के संकट का मुद्दा लोकसभा में जोर-शोर से उठा। किसानों को आलू का वाजिब दाम न दिला पाने के मामले में सरकार घिरती नजर आई। तो विपक्ष का अंदाज हमलावर रहा। मंगलवार को प्रश्रकाल के दौरान लोकसभा में कांग्रेस सांसद सुनील जाखड़ ने आलू उत्पादक किसानों के संकट को सदन में उठाते हुए कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस दफे आलू की बुआई 5 फिसदी कम हुई है। बावजूद उसके किसानों को उनके आलू के पैदावार का वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। 

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उन्होंने कहा कि यूपी, पंजाब और हरियाणा का किसान 50 पैसे से दो रूपए किलों के रेट में आलू बेचने को मजबूर है। उन्होंने सरकार से आलू के न्यूनतम निर्यात की दर पूछते हुए कहा कि सरकार ने आयात पर रोक लगा रखी है। जिसपर केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने जवाब देते हुए केंद्र के बाजार हस्तक्षेप योजना का जिक्र किया। सिंह ने कहा कि बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत राज्य को प्रस्ताव भेजना पड़ता है। 
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उन्होंने योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी वस्तु का उत्पादन 10 प्रतिशत ज्यादा हुआ है अथवा उसके मूल्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य से 10 प्रतिशत कमी है। तो राज्य के प्रस्ताव पर सरकार 24 घंटे में अमल करती है। बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत सरकार राज्यों को मदद करती है ताकि किसानों को उसके उत्पाद का वाजिब मूल्य मिल सके। हालांकि जाखड़ को कृषि मंत्री का यह बयान रास नहीं आया। उन्होंने कृषि मंत्री से बार-बार कहा कि उन्होंने स्पष्ट रूप से आलू के न्यूनतम निर्यात मूल्य का रेट पूछा है। मगर मंत्री महोदय बाजार हस्तक्षेप योजना की दलील ही देते रहे।

किसानों के मुद्दे पर सांसदों ने दागे सरकार से सवाल 

Congress targets central government at the price of potato in winter session of Parliament
Winter Session of Parliament

जब जाखड़ और राधा मोहन के बीच आलू के दाम को लेकर सवाल जवाब चल रहे तभी संतोषजनक जवाब न पाकर विपक्षी बेंच से कई नेता हंगामा करते हुए सवाल दागने लगे। सिंधिया ने हंगामे के बीच में ही कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों को आलू का वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है।

सत्ता पक्ष के बेंच पर तंज कसते हुए सिंधिया ने कहा कि कान से रूई निकालो, किसानों की पीड़ा सुनों। इस बीच राजद सांसद जयप्रकाश यादव भी अपनी सीट पर खड़े होकर बिहार के किसानों की वेदना जताते नजर आए। यादव ने कहा कि बिहार का धान बंगाल चला गया। बिहार में किसानों को धान का वाजिब मूल्य नहीं मिला है। इस बीच सत्ता पक्ष की ओर से भी टोका-टाकी का दौर जारी रहा। 

किरन खेर को मिला तक्षशिला का जवाब 
किसानों के मुद्दे पर जब पक्ष-विपक्ष के बीच लोकसभा में सियासी बवाल चल रहा था। तभी भाजपा सांसद ने अपनी सीट पर बैठे हुए ही व्यंग्य कसा कि आलू से सोना निकलेगा। उनका बयान कांग्रेस को असहज करने के लिए था। गुजरात चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान को तोड़ मरोड़कर पेश करने वाला विडियो वायरल हुआ था।

किरन खेर ने उस वायरल विडियो के बोल पर ही कांग्रेस पर तंज कस दिया। मगर कांग्रेस खेमे से भी जवाबी प्रहार हुआ। एक महिला सांसद ने तक्षशिला की याद कराते हुए पूछा कि तक्षशिला कहां है। दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त पीएम मोदी ने तक्षशिला पर विवादित बयान दिया था। 

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