Congress: ज्योतिरादित्य की टिप्पणी पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- सिंधिया शासकों ने अंग्रेजों को दिया था समर्थन
Congress: कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पलटवार किया और उन्हें याद दिलाया कि उनके पूर्वजों ने ब्रिटिश काल में ईस्ट इंडिया कंपनी का समर्थन किया था।
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कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पलटवार किया और उन्हें याद दिलाया कि उनके पूर्वजों ने ब्रिटिश काल में ईस्ट इंडिया कंपनी का समर्थन किया था। विपक्षी पार्टी ने यह ताजा हमला सिंधिया की उस सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर किया गया है, जिसमें उन्होंने पार्टी के नेता राहुल गांधी की आलोचना की थी।
राहुल गांधी ने लेख को साझा करते हुए क्या लिखा था
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 'भारतीय कारोबार के लिए एक नया सौदा' शीर्षक के साथ लेख एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित हुआ। इसे राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' खाते पर साझा करते हुए लिखा, "अपना भारत चुनिए: नौकरियां या कुलीन तंत्र? योग्यता या संबंध? नवाचार या डराना-धमकाना? पैसा बहुत लोगों के लिए या कुछ लोगों के लिए? मैंने इस पर लिखा है कि क्यों कारोबार के लिए नया सौदा एकमात्र विकल्प नहीं है। यह भारत के भविष्य की बात है।"
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लेख पर क्या प्रतिक्रिया दी
इसके बाद सिंधिया ने अपने 'एक्स' खाते पर इसी लेख में राहुल गांधी टैग करते हुए लिखा, "जो लोग नफरत बेचते हैं, उन्हें भारत के गौरव और इतिहास पर उपदेश देने का कोई हक नहीं है। राहुल गांधी का भारत की समृद्ध धरोहर के प्रति अज्ञान और उनकी उपनिवेशवादी मानसिकता अब हद पार कर चुकी है। अगर आप देश को ऊंचा उठाने का दावा करते हैं, तो भारत माता का अपमान करना बंद करें और महादजी सिंधिया, युवराज बीर टिकेंद्रजीत, किट्टुर चेन्नमा और रानी वेलुनचियार जैसे सच्चे भारतीय नायकों के बारे में जानें, जिन्होंने हमारी आजादी के लिए बहादुरी से संघर्ष किया।"
कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर किया पलटवार
सिंधिया की इस टिप्पणी का जवाब देते हुए कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, "महामहिम सिंधिया जी, आपने कंपनियों की मोनोपली (एकाधिकार) पर राहुल गांधी के हमले को कुछ ज्यादा ही निजी तौर पर ले लिया है। इन कंपनियों ने अपनी पकड़ से भारत के नवाबों और राजाओं व राजकुमारों को डराकर उन्हें गुलाम बनाकर भारत को लूटा था।" उन्होंने आगे कहा, "इतिहास के मुताबिक 1858 के स्वतंत्रता संग्राम में ग्वालियर के सिंधिया परिवार की जटिल भूमिका थी।"
जयाजीराव ने किया एकाधिकार वाली कंपनी का समर्थन: खेड़ा
खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "श्रीमंत जयाजीराव सिंधिया उस समय ग्वालियर के शासक थे। उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी की मदद के लिए अपनी सेना भेजी थी और विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इतिहास में स्पष्ट है कि श्रीमंत जयाजीराव ने एकाधिकार वाली कंपनी का समर्थन किया था। हमें उनकी देशभक्ति पर संदेह नहीं है, वह दबाव में रहे होंगे। राहुल गांधी ने भी अपने लेख में इसी दबाव का जिक्र किया है।" कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "वैसे भी ग्वालियर की सेना के कई सैनिक और अधिकारी विद्रोह में शामिल हुए थे, क्योंकि उन्होंने अपने डर पर काबू पा लिया था। हिंदुस्तानी विद्रोहियों के नेता तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई ने ग्वालियर पर कब्जा पा लिया था।"
'स्वतंत्रता संग्राम में भी शामिल हुए सिंधिया परिवार के कुछ सदस्य'
खेड़ा ने कहा, "जयाजीराव सिंधिया को अपना महल छोड़कर भागना पड़ा था। लेकिन बाद में उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी की मदद से ग्वालियर पर फिर से कब्जा कर लिया।" कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "इस प्रकार औपचारिक रूप से सिंधिया शासकों ने ईस्ट इंडिया का समर्थन किया था। लेकिन उनकी सेना के कई सदस्य स्वतंत्रता संग्राम में भी शामिल हो गए, क्योंकि लोग शासकों की तुलना में बुद्धिमान, देशभक्त और निडर थे।" खेड़ा ने आरोप लगाया कि बाद के वर्षों में भी सिंधिया परिवार ने आम तौर पर ब्रिटिश राज के साथ सहयोग की नीति अपनाई।
खेड़ा ने आगे कहा, "इतिहास हमें झूठी मनगढ़ंत बातों पर जीने की नहीं, बल्कि हमें सबक सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इसे ही भूत (अतीत) पर नियंत्रण पाना कहा जाता है। खैर, मैंने 1857 की उस एकाधिकारवादी कंपनी के खिलाफ भारतीयों के विद्रोह के सच्चे इतिहास के बारे आपके भूत (अतीत) को भगाने की कोशिश की है। उम्मीद है आपका भूत भाग गया होगा।"
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज कहा कि कि पार्टी नेतृत्व के जनता से दूर होने और भारत के प्रति दृष्टिकोण के कारण कांग्रेस पार्टी ने अपना मनोबल खो दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लगातार गिरावट की स्थिति में है। चार साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व ने जनता से अपना जुड़ाव खो दिया है।
एक इंटरव्यू मं सिंधिया ने कहा, मुझे लगता है कि कांग्रेस ने अपना आधार खो दिया है। इसको लेकर कोई बहस नहीं है। वह अपना आधार खो चुकी है। उनसे पूछा गया था कि क्या अप्रैल-मई में आम चुनावों में उम्मीद से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने अपनी दिशा खो दी है।
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