फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   congress slams pm modi over meeting with trump and seafarers issue

'देश बाद में, प्रचार पहले': कांग्रेस ने सरकार को घेरा, कहा- ट्रंप के सामने नाविकों की मौत पर चुप रहे PM मोदी

Sat, 20 Jun 2026 04:33 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Sat, 20 Jun 2026 04:33 PM IST
सार

जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात पर कांग्रेस ने निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत होने के बावजूद पीएम ने ट्रंप के सामने यह मुद्दा मजबूती से नहीं उठाया। कांग्रेस ने इसे देशहित के बजाय सिर्फ खुद की ब्रांडिंग और 'पीआर' की राजनीति करार दिया है।
 

विज्ञापन
congress slams pm modi over meeting with trump and seafarers issue
पवन खेड़ा, कांग्रेस नेता - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने का मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने न उठाने पर नाराजगी जताई गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार का मंत्र 'नेशन फर्स्ट' नहीं, बल्कि 'पीआर फर्स्ट' है यानी देश बाद में, प्रचार पहले। फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर बुधवार को मोदी और ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों नेताओं ने वहां सार्वजनिक बयान भी दिए थे। इस बैठक को लेकर कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने निशाना साधा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी अपनी नजरें नीची करके बैठे थे।
विज्ञापन


बैठक के माहौल पर तीखी टिप्पणी
पवन खेड़ा ने कहा कि वह सोफे पर सिमटकर बैठे थे। वह ट्रंप को 'एक्सीलेंसी' कहकर संबोधित कर रहे थे। यह देखना सच में बेहद शर्मनाक था। ऐसा लग रहा था जैसे कोई कंपनी एजेंट अपने बॉस से बात कर रहा हो। हमने पहले कभी कोई प्रधानमंत्री इस तरह का नहीं देखा। कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका ने तीन भारतीय नाविकों को मार डाला। इसके बावजूद ट्रंप ने इस पर खेद तक व्यक्त नहीं किया। यह इसलिए हुआ क्योंकि नरेंद्र मोदी वहां बिल्कुल दबे हुए बैठे रहे। वह सिर्फ अपनी तारीफ सुनकर ही संतुष्ट हो गए।
विज्ञापन


खेड़ा ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी मुस्कुराते रहे। उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत पर ट्रंप से एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्हें बस अपनी त्वचा की तारीफ पसंद आ गई। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर मार्को रूबियो से फटकार सुनकर लौटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपनी त्वचा की तारीफ सुनकर आए हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार का वैश्विक मंच पर ऐसा अपमान देखना बहुत दुखद है। यह 'नेशन फर्स्ट' नहीं, बल्कि 'पीआर फर्स्ट' है।
विज्ञापन
विज्ञापन




वैश्विक मंच पर देश के हितों की अनदेखी का आरोप
पवन खेड़ा ने कहा कि मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते हुए खोबरागड़े मामले में अमेरिका को जो कड़ा संदेश दिया था, उससे पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। यह यूपीए सरकार ही थी जो पाकिस्तान को एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' में डलवाने में सफल रही थी। लेकिन आज पीएम मोदी के दोस्त ट्रंप पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को रात्रिभोज पर बुला रहे हैं। यह 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद हो रहा है।

राजीव गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1986 में 'वॉयस ऑफ अमेरिका' भारत के तट के पास श्रीलंका में एक ट्रांसमीटर लगाना चाहता था। राजीव गांधी ने ऐसा नहीं होने दिया था। अंग्रेजों को देश से भगाने में हमें 200 साल लगे। लेकिन नरेंद्र मोदी ने महज 12 साल में वैसी ही गुलामी वापस ला दी है।

यह भी पढ़ें: ओडिशा को ₹47,600 करोड़ की सौगात: PM मोदी बोले- कांग्रेस राज में पिछड़ा रहा पूर्वी भारत; अब बना विकास का गेटवे

कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी का दावा
खेड़ा ने दावा किया कि जब मोदी और ट्रंप साथ बैठे, तो तीन चीजें हुईं। पहला, अमेरिका ने 'यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड' का नाम बदलकर फिर से 'यूएस पैसिफिक कमांड' कर दिया। दूसरा, अमेरिका ने पीओके क्षेत्र को अपने नक्शे में पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया। तीसरा, अमेरिकी विदेश विभाग ने जुलाई 2026 के वीजा बुलेटिन में भारतीयों के लिए ईबी-2 और ईबी-5 वीजा को निलंबित कर दिया।

पवन खेड़ा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के साथ बैठक में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने एकतरफा अमेरिकी व्यापार सौदे पर बात नहीं की। ट्रंप के 'ऑपरेशन सिंदूर' युद्धविराम के दावों पर भी कोई चर्चा नहीं की। कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी इंदिरा गांधी से नहीं सीखना चाहते, तो कम से कम इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से सीख लेते। मेलोनी ने ट्रंप के दावों का आंख में आंख डालकर दृढ़ता से जवाब दिया था, जब ट्रंप ने कहा था कि मेलोनी ने उनके साथ फोटो के लिए भीख मांगी थी।


खेड़ा ने आगे कहा कि अमेरिका ने मार्च में 'आईआरआईएस देना' जहाज को तारपीडो से उड़ाकर डुबो दिया था। वह जहाज हमारा मेहमान था। मोदी ने ट्रंप के सामने यह मुद्दा भी नहीं उठाया। ट्रंप का यह बयान कि 'अगर मोदी के पीएम रहते किसी ने भारत पर हमला किया तो अमेरिका मदद करेगा', ऐसा लगता है जैसे हम कोई अमेरिकी कॉलोनी हों, जबकि भारत ने अपने दम पर कई युद्ध जीते हैं।



पीएम मोदी ने नाविकों की सुरक्षा की बात कही
इससे पहले भी कांग्रेस ने सार्वजनिक बयानों के दौरान नाविकों की मौत का जिक्र न करने पर मोदी को घेरा था। कांग्रेस ने इसे 'दयनीय' और 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया था। हालांकि, पीएम मोदी ने फ्रांस के एवियन-ले-बां में जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर ट्रंप के सामने नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा सामान्य रूप से उठाया था। लेकिन कांग्रेस का गुस्सा इस बात पर है कि सार्वजनिक बयान देते समय उन्होंने सीधे तौर पर नाविकों के मारे जाने की बात खुलकर नहीं रखी।

वैसे पीएम मोदी और ट्रंप के बीच हुई इस बैठक में द्विपक्षीय व्यापार सौदे, रक्षा, सुरक्षा संबंधों और पश्चिम एशिया संकट पर व्यापक चर्चा हुई। यह बैठक तीन भारतीय नाविकों के एक मर्चेंट शिप पर अमेरिकी सैन्य हमले में मारे जाने के कुछ दिनों बाद हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति और प्रगति की उम्मीद जगाने के लिए ट्रंप के नेतृत्व की तारीफ भी की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, 'हम हमेशा से नौवहन की स्वतंत्रता के पक्षधर रहे हैं। लाखों भारतीय नाविक समुद्री व्यापार क्षेत्र में काम करते हैं। मेरा मानना है कि उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुझे पूरा भरोसा है कि इरान के साथ समझौते में नाविकों की सुरक्षा के प्रावधान होंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed