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शशि थरूर ने दिया कांग्रेस छोड़ने का संकेत, कहा- पार्टी में आजीवन करियर के लिए नहीं आया
Mon, 09 Sep 2019 08:37 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 09 Sep 2019 08:37 PM IST
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शशि थरूर (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद कांग्रेस को समावेशी भारत के अपने विचार को चुनावी लाभ के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। तिरुवनंतपुरम से सांसद ने यह भी दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि देश के 60 फीसदी मतदाता भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं हैं।
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कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरा यह मानना है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा को 37 फीसदी वोट मिले और ऐसे में 60 फीसदी वोटर ऐसे हैं जो उसके साथ सहमत नहीं हैं। इन 37 फीसदी लोगों में कुछ लोग ऐसे हैं जो भारत को बहुसंख्यकवादी देश बनते नहीं देखना चाहते।’
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस समावेशी भारत और सभी के लिए काम करने में विश्वास रखती है जो उसे भाजपा से अलग बनाती है। थरूर ने कहा कि कांग्रेस को अपने इस सिद्धांत पर अडिग रहना चाहिए कि भारत सबके लिए है और वह इस बात को 130 वर्षों से कहती आ रही है।
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उन्होंने कहा, ‘मैं राजनीतिक करियर के लिए कांग्रेस में नहीं आया। मैं कांग्रेस में आया क्योंकि यह समावेशी भारत के विचार को आगे बढ़ाने का सबसे प्रमुख माध्यम है। इन विचारों को सिर्फ एक सीट या पांच फीसदी वोट के लिए नहीं छोड़ा जा सकता क्योंकि आखिर में यही सवाल होगा कि हमारा रुख क्या है।’
इससे एक दिन पहले थरूर ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी का यह कर्तव्य है कि वह धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा था कि हिंदी पट्टी में पार्टी के संकट ‘बहुसंख्यक तुष्टिकरण’ या ‘कोक लाइट’ की तर्ज पर किसी तरह के ‘लाइट हिंदुत्व’ की पेशकश करने से दूर नहीं हो सकते हैं क्योंकि इस रास्ते पर चल कर ‘कांग्रेस जीरो’ हो जाएगी।