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कांग्रेस सेवादल ने की आरएसएस की तारीफ, राहुल ने संघ को कहा था मुस्लिम ब्रदरहुड
Mon, 27 Aug 2018 12:18 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:18 PM IST
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आरएसएस-सेवादल
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विदेशी धरती से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जिस आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी। वहीं अब कांग्रेस सेवादल ने प्रेसनोट जारी करते हुए संघ की तारीफ की और इसे फौजी अनुशासन वाला संगठन बताया है। केवल इतना ही नहीं सेवादल ने संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार को देशभक्त भी बताया है।
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प्रेसनोट में डॉक्टर हेडगेवार द्वारा 1921 के असहयोग आंदोलन में भाग लेने और जेल जाने का जिक्र भी किया गया है। इसके साथ ही 1928 में साइमन कमीशन के भारत आने के समय आरएसएस के आंदोलन का जिक्र है। सेवादल के अनुसार आरएसएस ने देश की आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था। हालांकि मामला सामने आने के बाद सेवादल इसे छपाई के दौरान हुई गलती बताया है।
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सेवादल से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया ने भी संघ की तारीफों के पुल बांधे थे। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संघ से अनुशासन सीखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि आरएसएस के अच्छे पहलुओं की तारीफ करने में कोई बुराई नहीं है। अपने बयान की वजह से उन्हें कांग्रेसी नेताओं से काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थी।
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वहीं राहुल ने आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे आतंकी संगठन से की थी। उन्होंने कहा था कि आरएसएस देश को बांट रहे हैं, नफरत फैला रहे हैं। मामला बढ़ने पर कांग्रेस के जिला समन्वयक धीरज डागा ने मीडिया के सामने छपाई में हुई गलती बताया है। जब उसे आरएसएस की तारीफ किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो वह उसे टालने लगे और छपाई में हुई गलती की बात पर अड़ गए।
डागा ने इसे बड़ी गलती मानते हुए दूसरा प्रेस नोट जारी करने की बात कही है। मगर ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 500 शब्दों के पूरे पेज में ही छपाई की गलती कैसे हो सकती है। कैसे बिना किसी के संज्ञान में रखे इस नोट को जारी कर दिया गया।