आडवाणी के ब्लॉग को आधार बनाकर कांग्रेस ने किया मोदी-शाह पर हमला
लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग में जो कुछ लिखा, उससे भाजपा पर कोई असर हो या न हो, मगर कांग्रेस पार्टी ने उसे आधार बनाकर पीएम मोदी और अमित शाह को सलाह दे डाली। शुक्रवार को कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी, जो कि मोदी व अमित शाह के गुरु भी हैं, ने अपने ब्लॉग में इन दोनों नेताओं को चुभने वाला अभियोग दे दिया है। आडवाणी ने मोदी और शाह के अहंकारवादी चरित्र और चेहरे को बेनकाब करते हुए कहा है कि विरोधियों को या अपने से असहमत रहने वाले व्यक्ति को राष्ट्रविरोधी कहना पूरी तरह से गलत है। यह प्रजातंत्र की परिपाटी के विरुद्ध भी है।
बता दें कि आडवाणी ने गुरुवार शाम को जारी किए अपने ब्लॉग में भाजपा के मौजूदा तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, भाजपा एक ऐसी पार्टी रही है, जिसने कभी अपने राजनीतिक विरोधियों को दुश्मन नहीं माना। जो हमसे राजनीतिक तौर पर सहमत नहीं हैं, उन्हें देश विरोधी नहीं कहा। हालांकि उनके इस ब्लॉग पर थोड़ी देर बाद ही पीएम मोदी की प्रतिक्रिया सामने आ गई। मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, आडवाणी ने भाजपा की मूल भावना को व्यक्त किया है। उनके जैसे महान लोगों ने इस पार्टी को मजबूत किया है।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, हम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में लालकृष्ण आडवाणी के बहुत सारे विचारों से असहमत हैं, पर आडवाणी को ही धोखा देने वाले उनके दोनों चेले, मोदी और शाह जरा से भी शर्मसार नजर नहीं आए। यहां तक कि उन्होंने अपने गुरु लालकृष्ण आडवाणी की बेबाक नसीहत पर ध्यान देने से भी इंकार कर दिया। भारतीय संस्कृति में गुरु के तिरस्कार करने वाले व्यक्ति को क्या कहते हैं, ये देश की जनता खुद जानती है। ये दोनों नेता अक्सर अपने हर विरोधी को पाकिस्तान परस्त, राष्ट्रविरोधी बताते आए हैं। मोदी और शाह, पिछले दस साल से अपने विरोधियों को इस प्रकार की उपमाएं देते आए हैं।
कांग्रेस ने पीएम मोदी से पूछे ये सवाल
कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी से कई सवाल पूछे हैं। देशद्रोही और राष्ट्र विरोधी कौन है, हमारी सेना का विरोधी कौन है, हमारी सेना को निरुत्साहित कौन करता है और पाकिस्तान परस्त कौन है। हालांकि रणदीप ने कहा, इसके कुछ सबूत व साक्ष्य सार्वजनिक पटल पर अब उपलब्ध हैं।
जम्मू-कश्मीर में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने तालियां बजा-बजा कर कहा था कि उन्होंने 70 साल में पहली बार जम्मू-कश्मीर के आर्मी कमांडर से सार्वजनिक तौर से माफी मंगवाई, सेना के जवानों को गिरफ्तार करवाया और सेना के जवानों को जेल भिजवाया। इसी प्रकार से 27 फरवरी, 2014 को मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की एक बैठक में ये कहा कि जो धंधा या व्यापार करते हैं, वो ज्यादा रिस्क लेते हैं और सैनिक का रिस्क बहुत कम हैं।
अप्रैल, 2018 में भाजपा की सरकार ने 27 साल बाद मेघालय से ‘आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट’ को खत्म कर दिया। इसी प्रकार से 2015 में मोदी सरकार बनने के बाद त्रिपुरा से ‘आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट’ को 18 साल बाद बिल्कुल हटा दिया। अब समय आ गया है कि ये दोनों शिष्य अपने गुरु लालकृष्ण आडवाणी की एंटी नेशनल की परिभाषा पर पुनः गौर करेंगे। वे अपने अंदर झांक कर देखें कि वास्तव में राष्ट्र को कमजोर करने का काम किसने किया है। जवाब आपको खुद-ब-खुद मिल जाएगा, क्योंकि ये साक्ष्य और तथ्य आपके साथ, आपके पास उजागर हैं।