आरबीआई से जबरन पैसे लेकर मोदी सरकार ने देश को आर्थिक आपातकाल में धकेला: कांग्रेस
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा केंद्र सरकार को लाभांश और अधिशेष कोष के मद से 1.76 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने के निर्णय को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर 'घोर मंदी' छिपाने के लिए आरबीआई से जबरन पैसे लेकर देश को आर्थिक आपातकाल की ओर धकेलने का आरोप लगाया।
RBI का ‘इमरजेंसी फ़ंड’ गिर कर 6 साल के निचले स्तर पर क्योंकि अपनी नाकामियों व घोर आर्थिक मंदी को छुपाने के लिए भाजपा सरकार ने ज़बरन RBI के ₹1,76,000 करोड़ लिए।
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भाजपा सरकार ने देश को ‘आर्थिक आपातकाल’ में धकेल दिया है। pic.twitter.com/vR9zA620JU — Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) August 30, 2019
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि आरबीआई का इमरजेंसी फंड गिर कर छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गया क्योंकि अपनी नाकामियों व घोर आर्थिक मंदी को छिपाने के लिए भाजपा सरकार ने जबरन आरबीआई से 1,76,000 करोड़ रुपये लिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने देश को ‘आर्थिक आपातकाल’ में धकेल दिया है।
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने केंद्र सरकार को लाभांश और अधिशेष कोष के मद से 1.76 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का सोमवार को निर्णय किया। रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल में शामिल बिमल जालान की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद यह कदम उठाया गया।
वहीं, कांग्रेस ने रुपये में लगातार गिरावट और आर्थिक सुस्ती को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट के जरिए कहा कि इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (फिच ग्रुप) ने वित्त वर्ष 2020 के लिए भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) दर 7.3 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दी है। उसका अनुमान है कि वित्त वर्ष 2020 में लगातार तीसरे साल आर्थिक विकास दर मंद रहेगी।
कांग्रेस पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से किए गए एक अन्य ट्वीट में कहा कि आरबीआई को लूटने के बाद यह सरकार जो कर सकती है वह यह है कि करदाताओं को सूचित करे कि उनके पैसे का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा लेकिन, दुर्भाग्य से भाजपा को पारदर्शी बनने के लिए पूछना वैसा ही है जैसा कि भाजपा को अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कहना-असंभव।