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Congress: शाह के लद्दाख दौरे के बीच कांग्रेस ने उठाए सवाल, पूछा- राज्य के दर्जे की मांग पर सरकार चुप क्यों?
Thu, 30 Apr 2026 07:25 PM IST
Nirmal Kant
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 30 Apr 2026 07:25 PM IST
सार
Congress: कांग्रेस ने सात साल बाद लद्दाख का दौरा करने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और राज्य के दर्जे की मांग व छठी अनुसूची के तहत संरक्षण समेत कई मुद्दों को उठाया। पढ़िए रिपोर्ट-
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
कांग्रेस ने गुरुवार को लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा देने की मांग पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। पार्टी ने केंद्र सरकार से पूछा कि वह इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे।
गृह मंत्री के लद्दाख दौरे पर कसा तंज
कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लद्दाख दौरे पर तंज कसा और कहा कि वह 2019 के बाद पहली बार वहां गए हैं। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों में लद्दाख में बड़े प्रदर्शन हुए। 83 लोगों पर मामले दर्ज हुए। चार लोगों की गोली लगने से मौत हुई और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत छह महीने तक जेल में रखा गया।
लद्दाख में उपराज्यपाल का शासन: जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा, पहले लद्दाख में लेह और कारगिल दो जिले थे। लेकिन अब पुनर्गठन के बाद सात जिले कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, सरकार ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश तो बना दिया। लेकिन वहां असल में उपराज्यपाल का शासन है। लद्दाख के लोगों की दो मुख्य मांगें हैं- राज्य का दर्जा और विधानसभा के साथ पूर्ण राज्य बनाना तथा छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा देना।
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'छठी अनुसूची पर भी जवाब नहीं दे रही सरकार'
उन्होंने यह भी कहा, छठी अनुसूची में स्थानीय परिषद को जमीन और संसाधनों पर अधिकार मिलते हैं। सरकार इस पर कोई जवाब नहीं दे रही है। इसके साथ ही लद्दाख लोक सेवा आयोग बनाने की मांग पर भी कोई स्पष्टता नहीं है।
ये भी पढ़ें: खरगे ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं को किया खारिज; क्या खुद को प्रोजेक्ट कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष?
कांग्रेस ने पूछा- क्या लद्दाख में अब सात परिषदें बनाई जाएंगी?
उन्होंने सवाल उठाया, जब पहले से लेह और कारगिल में स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदें हैं, तो अब सात जिले बनने के बाद क्या सात परिषदें बनाई जाएंगी। इस पर भी सरकार ने कुछ नहीं कहा है। रमेश ने कहा, लद्दाख देश का एक बहुत ही अहम रणनीतिक क्षेत्र है। वहां के लोग नगालैंड, असम और मणिपुर जैसे राज्यों की तरह विशेष सांविधानिक दर्जा मांग रहे हैं। लेकिन इस पर भी गृह मंत्री ने कोई बयान नहीं दिया।
शाह क्यों कर रहे लद्दाख का दौरा?
इससे पहले दोपहर में गृह मंत्री अमित शाह लद्दाख पहुंचे थे। शाह भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में शामिल हुए। वह बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर इन अवशेषों को श्रद्धांजलि देंगे। अपने दो दिवसीय दौरे में वह कारगिल में 10 टीएलपीडी क्षमता वाले डेयरी प्लांट की आधारशिला भी रखेंगे और डेयरी से जुड़े अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
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गृह मंत्री के लद्दाख दौरे पर कसा तंज
कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लद्दाख दौरे पर तंज कसा और कहा कि वह 2019 के बाद पहली बार वहां गए हैं। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों में लद्दाख में बड़े प्रदर्शन हुए। 83 लोगों पर मामले दर्ज हुए। चार लोगों की गोली लगने से मौत हुई और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत छह महीने तक जेल में रखा गया।
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लद्दाख में उपराज्यपाल का शासन: जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा, पहले लद्दाख में लेह और कारगिल दो जिले थे। लेकिन अब पुनर्गठन के बाद सात जिले कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, सरकार ने लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश तो बना दिया। लेकिन वहां असल में उपराज्यपाल का शासन है। लद्दाख के लोगों की दो मुख्य मांगें हैं- राज्य का दर्जा और विधानसभा के साथ पूर्ण राज्य बनाना तथा छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा देना।
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'छठी अनुसूची पर भी जवाब नहीं दे रही सरकार'
उन्होंने यह भी कहा, छठी अनुसूची में स्थानीय परिषद को जमीन और संसाधनों पर अधिकार मिलते हैं। सरकार इस पर कोई जवाब नहीं दे रही है। इसके साथ ही लद्दाख लोक सेवा आयोग बनाने की मांग पर भी कोई स्पष्टता नहीं है।
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कांग्रेस ने पूछा- क्या लद्दाख में अब सात परिषदें बनाई जाएंगी?
उन्होंने सवाल उठाया, जब पहले से लेह और कारगिल में स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदें हैं, तो अब सात जिले बनने के बाद क्या सात परिषदें बनाई जाएंगी। इस पर भी सरकार ने कुछ नहीं कहा है। रमेश ने कहा, लद्दाख देश का एक बहुत ही अहम रणनीतिक क्षेत्र है। वहां के लोग नगालैंड, असम और मणिपुर जैसे राज्यों की तरह विशेष सांविधानिक दर्जा मांग रहे हैं। लेकिन इस पर भी गृह मंत्री ने कोई बयान नहीं दिया।
शाह क्यों कर रहे लद्दाख का दौरा?
इससे पहले दोपहर में गृह मंत्री अमित शाह लद्दाख पहुंचे थे। शाह भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में शामिल हुए। वह बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर इन अवशेषों को श्रद्धांजलि देंगे। अपने दो दिवसीय दौरे में वह कारगिल में 10 टीएलपीडी क्षमता वाले डेयरी प्लांट की आधारशिला भी रखेंगे और डेयरी से जुड़े अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
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