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सोनिया महिला आरक्षण बिल पर PM से नहीं अपने सहयोगियों से मांगें जवाब: BJP
टीम डिजिटल,अमर उजाला/ नई दिल्ली
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:42 AM IST
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कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें संसद में अपनी सरकार की बहुमत का फायदा उठाते हुए महिला आरक्षण बिल पास करा देना चाहिए। सोनिया के इस पत्र का जबाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही न दिया लेकिन पार्टी के प्रवक्ता ने कहा है कि सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री को पत्र लिखने के बजाए, अपनी पार्टी गठबधंन के दो वरिष्ठ नेताओं लालू प्रसाद यादव और मुलायम सिंह यादव से बात करनी चाहिए।
बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह्मा राव ने सोनिया पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाने के बजाए सोनिया गांधी को अपनी पार्टी गठबंधन के साथियों लालू प्रसाद और मुलायम सिंह से बात करनी चाहिए क्योंकि जब यूपीए पावर में थी तो इन्हीं दोनों नेताओं ने महिला आरक्षण बिल पास होने नहीं दिया था।
पढ़ें: सोनिया गांधी ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत, कहा पास करें महिला आरक्षण बिल
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2010 में जब राज्य सभा में महिला आरक्षण बिल पास किया जा रहा था तब इन दोनों नेताओं ने अपना समर्थन वापस लेने की बात कही थी। उस समय संसद में 33 फीसदी आरक्षण बिल पास होने के बहुत ही करीब था।
कांग्रेस ने एकबार फिर 2013 में बिल को मंजूरी देने के लिए एक नए सिरे से बोली लगाई थी लेकिन राजद और सपा ने समर्थन वापस लेने की धमकी देने के बाद इसपर अमल नहीं किया था। पिछली लोकसभा के कार्यकाल के अंत के बाद यह खत्म हो गया था।
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बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह्मा राव ने सोनिया पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाने के बजाए सोनिया गांधी को अपनी पार्टी गठबंधन के साथियों लालू प्रसाद और मुलायम सिंह से बात करनी चाहिए क्योंकि जब यूपीए पावर में थी तो इन्हीं दोनों नेताओं ने महिला आरक्षण बिल पास होने नहीं दिया था।
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2010 में जब राज्य सभा में महिला आरक्षण बिल पास किया जा रहा था तब इन दोनों नेताओं ने अपना समर्थन वापस लेने की बात कही थी। उस समय संसद में 33 फीसदी आरक्षण बिल पास होने के बहुत ही करीब था।
कांग्रेस ने एकबार फिर 2013 में बिल को मंजूरी देने के लिए एक नए सिरे से बोली लगाई थी लेकिन राजद और सपा ने समर्थन वापस लेने की धमकी देने के बाद इसपर अमल नहीं किया था। पिछली लोकसभा के कार्यकाल के अंत के बाद यह खत्म हो गया था।