बजट पर संसद भवन परिसर में क्यों नहीं बोले राहुल गांधी?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह सवाल मौजूं है कि आम बजट 2018-19 पेश किए जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? जबकि राहुल गांधी संसद भवन में मौजूद थे।
उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली के भाषण को सुना। बाहर आए तो उन्हें पत्रकारों ने भी घेरा। पलक झपकते ही सवालों की झड़ी लग गई। राहुल गांधी ने हर सवाल को पूरी गंभीरता से सुना, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। वह चुपचाप वहां से चले गए।
राहुल गांधी के जाने के बाद केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के पास जब यह सूचना पहुंची तो उन्होंने अनौपचारिक चुटकी भी ली। यही नहीं मीडियाकर्मी भी नहीं समझ पाए कि इस बार राहुल गांधी ने कोई टिप्पणी क्यों नहीं की? पिछली बार की तरह हर बार बजट पेश किए जाने के बाद राहुल गांधी अपनी टिप्पणी देते रहे हैं।
इन वजहों से रहे चुप
राहुल के करीबी और कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों के मुताबिक राहुल गांधी टिप्पणी करेंगे। वह बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। इसके लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं और संसद भवन में बजट पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल गांधी अब कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। इसके पहले वह कांग्रेस के उपाध्यक्ष थे। अब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी यूपीए की चेयरपर्सन हैं। संसद में पार्टी के संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे हैं, इसलिए अब राहुल गांधी की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
पार्टी के एक राष्ट्रीय महासचिव का कहना है कि पार्टी का दिशा-निर्देश तय करना, आगे की रणनीति बनाना यह सब उनके जिम्मे है। वह कांग्रेस पार्टी के मुखिया हैं। सूत्र का कहना है कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को समझते हैं, इसलिए उन्होंने अपनी मर्यादा का पालन किया है।
क्या तंज कसेंगे राहुल?
इससे पहले राहुल गांधी मोदी सरकार पर तंज कसने से नहीं चूके हैं। उनके तीर राजनीतिक हलके में चर्चा का विषय बने हैं। मसलन प्रधानमंत्री मोदी को लक्षित करके सूट-बूट की सरकार का कसा गया तंज भी राहुल गांधी का ही था। काफी चर्चित हुआ था।
कांग्रेस के नेता, इस पर कहते भी हैं कि इसके बाद प्रधानमंत्री के सूट पहनने के अंदाज में बड़ा बदलाव आया। निर्धारित कर देकर स्वेच्छा से अपनी आय घोषित करने को लेकर भी राहुल गांधी ने तंज कसा था। उन्होंने इसकी तुलना काले को गोरा बनाने वाली टीम से की थी। ऐसे में यह सवाल भी उठता है, क्या राहुल गांधी इस बार भी सरकार को तंज के जरिए आईना दिखाएंगे?
कांग्रेस पार्टी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े सदस्य का कहना है कि ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वह मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण कालिक बजट पर संयमित भाषा में बड़ा कटाक्ष कर सकते हैं।
कैसा रहेगा बजट सत्र?
कांग्रेस पार्टी के नेताओं और रणनीतिकारों के मूड को देखते हुए लग रहा है कि वह मोदी सरकार को भरपूर तरीके से घेरेंगे। सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर उसे आईना दिखाएंगे। इसके लिए राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में घेरने की तैयारी है। विपक्ष गांव, किसान, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य के मुद्दे पर सरकार को आईना दिखा सकता है। इसके अलावा कई और ज्वलंत मुद्दे उठाने की तैयारी है।
सीबीआई के विशेष जज जस्टिस लोया की मौत का मामला भी दोनों सदनों में उठना तय है। चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते तथा सीमा पर तनाव को लेकर कांग्रेस सत्ता पक्ष को घेरेगी। दोकलम पर चर्चा की मांग होने की तैयारी चल रही है। जम्मू-कश्मीर में हालात को लेकर भी कांग्रेस सत्ता पक्ष से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।