राहुल और सोनिया गुट में बंटी कांग्रेस, जानें 43 साल में कितनी बार टूटी सबसे पुरानी पार्टी
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कांग्रेस में एक बार फिर युवा तुर्क और अनुभवी नेताओं के बीच तलवारें खिंच गई हैं। इसका ताजा उदाहरण राजस्थान में युवा बनाम वरिष्ठ के बीच जारी घमासान और कांग्रेस राज्यसभा सांसदों की बैठक में राहुल गांधी बनाम सोनिया गांधी गुट के बीच हुई तीखी बहस है। वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को राहुल के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए सोनिया को पत्र भेजा है। इसमें स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति और केंद्रीय पदाधिकारियों के पारदर्शी चुनाव की मांग की गई है।
ऐसे में पार्टी के अंदर 1967 जैसी फूट की आशंका जताई जा रही है। यदि 43 साल की सियासत देखी जाए तो इस दौरान कांग्रेस, भाजपा और जनता दल जैसी बड़ी पार्टियों से टूटकर 87 पार्टियां बनी हैं लेकिन सिर्फ 25 ही अस्तित्व में हैं। 62 पार्टियों का कोई नामोनिशान तक नहीं बचा है।
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कांग्रेस में 1967 जैसी फूट की आशंका
पार्टी नेताओं का मानना है कि कांग्रेस एक बार फिर 1967 जैसी परिस्थितियों का सामना कर रही है। तब कामराज के नेतृत्व में बुजुर्ग नेताओं ने इंदिरा गांधी को पार्टी से निकाल दिया था और इंदिरा ने अलग पार्टी बना ली थी। हालांकि वह ज्यादा सफल नहीं हो पाईं और 1971 के पाकिस्तान युद्ध में जीत के बाद इंदिरा कांग्रेस ने धमाकेदार जीत दर्ज की थी।
इन दिग्गजों ने भी छोड़ा था कांग्रेस का हाथ
- एके एंटनी ने साल 1980 में कांग्रेस (ए) नाम से पार्टी बनाई थी। हालांकि 1982 में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था। लेकिन इंदिरा गांधी के निधन तक उन्हें कांग्रेस में कोई भी पद नहीं दिया गया था।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने 1996 में कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी) जो कांग्रेस से टूटकर बनी थी उसकी तमिलनाडु इकाई में शामिल हो गए थे। 1996 में टीएमसी ने अन्य क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। इस सरकार में उन्हें वित्त मंत्री का कार्यभार दिया गया था। इसके बाद साल 2004 में जब मनमोहन सिंह का सरकार सत्ता में आई उन्हें फिर से वित्त मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया।
- 1996 में माधवराव सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर मध्यप्रदेश विकास कांग्रेस नामक पार्टी बनाई थी।
- 1986 में प्रणब मुखर्जी ने कांग्रेस छोड़कर अपनी अलग पार्टी राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस की स्थापना की थी। उन्होंने 1989 में इस पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था।
कांग्रेस से टूटकर बनीं ये पार्टियां अब भी हैं सक्रिय
- तृणमूल कांग्रेस
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
- वाईएसआर कांग्रेस
- पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
- छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस
- एआईएनआर कांग्रेस
- नागा पीपल्स फ्रंट
- विदर्भ जनता कांग्रेस
- तमिल मनीला कांग्रेस
जनता दल से टूटकर बनी जेडीयू भी छह बार टूटी
कलह और बिखराव की वजह से जनता दल 20 साल में छह बार टूटी। इससे टूटकर जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल, राष्ट्रीय जनता दल, बीजू जनता दल, इंडियन नेशनल लोकदल, जनता दल सेक्युलर, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, एसजेडी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, जेएपी, पीएसपी, जननायक जनता पार्टी, एलजेडी और समाजवादी जनता पार्टी बनीं।
भाजपा के बिना इन दिग्गजों को नहीं मिली सफलता
वहीं भाजपा से टूटकर बनीं 17 पार्टियां अपना अस्तित्व नहीं बचा सकीं। भाजपा छोड़ने के कुछ सालों बाद बाद उमा भारती, कल्याण सिंह, केशुभाई पटेल वापस लौट आए। कल्याण सिंह ने जनक्रांति पार्टी, उमा भारती ने जनशक्ति पार्टी, केशुभाई पटेल ने गुजरात परिवर्तन पार्टी, बाबूलाल मरांडी ने झारखंड विकास मोर्चा बनाई थी। हालांकि बिना कमल के साथ के इन्हें राजनीतिक मैदान में सफलता नहीं मिल पाई।
अलग पार्टी बनाने के बाद इन दिग्गजों को मिली सत्ता की कमान
| नेता | पार्टी | राज्य | पुरानी पार्टी का नाम |
| मुलायम सिंह यादव | समाजवादी पार्टी | उत्तर प्रदेश | जनता दल |
| लालू प्रसाद यादव | राष्ट्रीय जनता दल | बिहार | जनता दल |
| नीतीश कुमार | जनता दल यूनाइटेड | बिहार | जनता दल |
| नवीन पटनायक | बीजू जनता दल | ओडिशा | जनता दल |
| मुफ्ती मोहम्मद सईद | पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी | जम्मू-कश्मीर | कांग्रेस |
| ममता बनर्जी | तृणमूल कांग्रेस | पश्चिम बंगाल | कांग्रेस |
| वाईएस जगनमोहन रेड्डी | वाईएसआर कांग्रेस | आंध्र प्रदेश | कांग्रेस |
| एन रंगास्वामी | एनआर कांग्रेस | पुड्डुचेरी | कांग्रेस |
| नेफ्यू रियो | नागा पीपल्स फ्रंट | नगालैंड | कांग्रेस |